बराबरीक अधिकार देने बिना महिला सशक्तीरकरण संभव नहि : बिंदेश्वर पाठक

मिथिला विश्वाविद्यालय मे भेल भारती मंडन सोसियोलॉजी आॅफ सेनिटेसन चेयर केर स्थापना
सावित्री कुमारी/ रामबाबू झा
दरभंगा । सुलभ इंटरनेशनल केर संस्थापक डाॅ. बिंदेश्वरी पाठक कथन अछि कि स्त्रीगण तखनहि सशक्त भ’ सकैत अछि जखन कन्या भ्रुण हत्या पर रोक लगाओल जाए। संगहि स्त्री-पुरुष केर अनुपात ठीक करबाक लेल बालिका सभकें शिक्षित करबाक अपील कएलाह। अहि अवसर पर भारतीय मंडन सोशीओलाॅजी आॅफ सेनिटेसन चेयर केर स्थापनाक घोषणा सेहो कएलाह।
ओ आई स्नातकोत्तर समाजशास्त्र विभाग द्वारा नारी सशक्तीरकरण विषय पर आयोजित संगोष्ठिक उद्घाटन करैत उक्त विषय रखलनि।। ओ स्पष्ट कएलनि कि पुरातन युगे सँ श्रद्धा आऔर विश्वास स्वरूपा नारी कोनहु क्षेत्रमे पुरुष सभसँ पाछा नहि छलीह। मध्यकालमे बदलैत परिस्थितिय कारण नारी केर भोग विलासिताक वस्तु बुझय जाए लागल जाहिसँ हुनका घरक छहरदीवारीक भीतर बंद रहय पड़लनि। अहि कारण सँ बाल-विवाह आ सती प्रथा जकाँ कुरीति सभ सेहो पएर पसार’ लागल। आधुनिक कालमे महिला सभ विश्व मंच पर अपन विजय पताखा फहरबैत अछि। वेद सभमे महिलाक विद्या, धन आऔर ताकतिकें प्रतिमूर्ति केर संज्ञा देल गेल अछि। हुनकर मत छलनि जे ओहि कालमे नारी कखनहुँ अपन क्षमताकें दुरुपयोग नहि कएलीह। बल्कि ओ मानव आऔर समाजकें विकासमे अपन शक्तिक सदुपयोग कएलीह।
आगु ओ कहैत अछि कि समाजशास्त्रीक काज अछि कि समाजमे समानता स्थापित करब। अहिंसाकें माध्यमसँ समाजमे समरूपता स्थापित करबाक प्रयास समाजशास्त्रीकें करबाक चाहि। जाति एवम धर्म अधलाह नहि अपितु ओहिमे जे विभेद अछि ओ अधलाह अछि। समाजशास्त्री क्रियाशील बनय, केवल पोथी आ वर्ग लेलासँ काज नहि चलय बला अछि। सुलभ इंटरनेशनल सोशल सर्विस आर्गेनाईजेशनकें केंद्रमे सामाजिक दर्शन भेटैत अछि। देशक सभ तरहक विसंगति सभसँ मुक्त करयबाक अछि। खासकय ओहन लोक सभकेँ मुक्त करयबाक हेतु सुलभ प्रयासरत अछि जे सामाजिक वर्गीकरणमे सबसँ पछिला पायदान पर अछि आऔर पारंपरिक तौर पर अन्य लोकक मैला साफ करैत आबि रहल अछि।
ई सभटा काज स्त्रित्वक  द्वारा कएल गेल अछि। ई बाट अहिंसा, प्रेम, सद्भावना, दया, करुणा आऔर स्नेहक होयत अछि।अहि लेल नैS त’ वेद-पुराणकें पन्ने फाड़बाक जरूरत अछि आ नैS कतहु धरना प्रदर्शन केर,  आजुक नारीकें अपन अधिकार आऔर कर्तव्यक बोध छन्हि। अपन गरिमाक ज्ञानक संगहि स्वाभिमानक रक्षा करब नीक जकाँ अबैत अछि। आब ओ नैS त’ जयशंकर प्रसादक केवल श्रद्धा आऔर विश्वासक प्रतीक अछि आ नैS मैथिलीशरण गुप्तक अबला । ओ पुरुष सभकेँ समकक्ष अधिकार सभक अधिकारिणी अछि।
वैश्विक स्तर पर स्त्रीगण सशक्त भ’ रहलीह अछि, मुदा हुनकर- उत्थानके लेल, समाजमे बरोबरि केर अधिकार दिआब’ लेल आऔर प्रयासक आवश्यकता अछि। एहिलेल जरूरी अछि कि कन्या भु्रण हत्या कें रोकल जाए। स्त्री पुरुष केर अनुपात ठीक करैत नारीकें शिक्षित बनेबाक प्रयास हेबाक चाहि।
अहि अवसर पर बीज भाषण बनारस हिंदू विश्वविद्यालय केर प्राध्यापक डाॅ. ए.के. पांडेय संबोधन करैत कहलखिन कि नारी सेहो मानव होयत अछि आऔर हुनकहूँ समानताक अधिकार भेटक चाहि। कहबाक लेल त’ हुनका बहुत अधिकार देल गेल अछि मुदा एखनहुँ सुधारक बेस खगता अछि। एहिलेल सरकारक साथ-साथ समाजकें सेहो काज करय पड़तन्हि।
नगर विधायक संजय सरावगी कहैत अछि कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देशक सीमानक रक्षा केर जिम्मेवारी सेहो महिलाकें देने अछि। आ ओतय विदेश सभमे देशक छवि निखारबाक लेल  जिम्मेवारी महिलाक कन्हा पर अछि। अहिसँ अनुमान लगा सकैत छी जे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीक नारी सशक्तिकरणकें प्रति केहन सोच अछि। एतबहि टा नहि केंद्र सरकारक योजना सभक केंद्र बिंदु महिला सेहो अछि। बिहारक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार केर नेतृत्वमे नारी सशक्तिकरण केर मामिलेमे बिहार देशमे ऊँचगर स्थान पर अछि।
संगोष्ठीकें उद्घाटन सत्र केर संबोधित करैत  ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय केर कुलसचिव डाॅ. मुस्तफा कमाल अंसारी कहलनि कि नारी कोनहु समाजक आधा जनसँख्याक प्रतिनिधित्व करैत अछि। अहि कारणसँ हुनक उन्मुखीकरण आ विकासक लेल सभके सदैव प्रयास करैत रहबाक चाहि। नारी जँ विकास करतीह त’ समाज विकास करबे करत। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय केर प्राध्यापक प्रो. ए. के. पाॅल कहैत अछि कि नारीक उपेक्षित सँ समाज उपेक्षित होयत अछि।
भूमंडलियाकरण केर दौरमे सेहो महिला सभक उचित अधिकार नहि भेट रहल अछि।महात्मा गाँधी आओर  बिहारक मुख्यमंत्री नीतीश कुमारक महिला केर विकासमे महत्वपूर्ण भूमिकाक चर्चा करैत कहैत अछि कि जहाँ गांधी अपन दर्शनमे नारी सशक्तिकरण पर जोर देने अछि ओतय  नीतीश कुमार सेहो गांधीक दर्शन केर मूर्त रूप देलक अछि। ओ कहलनि कि संस्था सभ एवम राज्य केर मजगुत करबाक आवश्यकता अछि। नारीकें जतय आजादीक संगहि सुरक्षा देबाक जरूरी अछि। आपसमे समन्वय स्थापित भेला सँ सार्थक वोध आ नारी सशक्तिकरण होयत। छात्रा सभकेँ अंग्रेजीक साथ-साथ कंप्यूटर केर ज्ञान देबाक जरूरत अछि। संगोष्ठी केर अध्यक्षता करैत ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय केर प्रति कुलपति प्रो. जय गोपाल कहैत अछि कि नारी सशक्तिकरण हेतु विश्वविद्यालय प्रयासरत अछि। नारी सशक्तिकरण बहुत पुरान विषय अछि मुदा आइयो ई प्रसांगिक अछि। वातावरणमे शारीरिक रूप सँ पुरुष केर ताकतवर बतेलक जेकर लाभ ओ सभ उठेलक अछि।  तेँ नारी सशक्तिकरण केर मुद्दा विद्यमान अछि। नारी शारीरिक रूप सँ कमजोर होयत अछि तेँ ओकरा ताकतवर बनय पड़तनि आ तखन जाकS नारीक सशक्तिकरण होयत। विधायक डाॅ. फैयाज अहमद अपन संबोधनमे कहलनि कि नारी सशक्तिकरण समयक मांग अछि। अहि अवसर पर डाॅ. बिंदेश्वरी पाठक केर भारत रत्न सँ सम्मानित करबाक लेल प्रस्ताव पारित कएल गेल। संगोष्ठीमे आएल अतिथिक स्वागत विभागाध्यक्ष प्रो. विनोद कुमार चैधरी कएलनि आ मंच संचालन डाॅ. पुतुल सिंह कएलनि।

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