राज्य सभा मे मैथिली कए भेटल दर्जा मुदा बाजत के

मधुबनी।  18 जुलाई सँ शुरु होम बला संसद केर मॉनसून सत्रमे राज्यसभा पहिने सँ किछु बदलल भेटत। मानसून सत्रमे राज्यसभा सांसद सभ आठवीं सूचीक सभटा 22 भाषामे अपन बात राखि सकैत अछि।  सदन केर सभापति मुदित होयत अपन बात रखलाह कि ‘ हम जनैत छी जे मातृभाषामे अपन भावनात्मक बात रखबाक सर्वोत्तम माध्यम होयत अछि। सांसद सभकेँ भाषा केर कारण अपन बात रखबा मे कोनो अवरोध नहि हेबाक चाहि। तेँ हम चाहैत छलहुँ जे सभ 22 भाषाक अनुवादक व्यवस्था कएल जाए। हमरा लेल हरखक गप्प अछि जे आगामी मॉनसून सत्रमे ई साकार भ’ सकत।
नायडू जखन सदनमे सभापति केर पद पर आसीन भेलाह, तखनहि ओ बाजल छलाह जे सांसद अपन अपन मातृभाषामे बात कS सकै, एहिलेल अनुवादकक व्यवस्था कएल जएतैक। राज्यसभा सचिवालय अगिला सत्रसँ पांच आऔर भाषा डोगरी, कश्मीरी, कोंकणी, संथाली आऔर सिंधी भाषा सभकेँ सामिल कS देलक अछि। अहि भाषाकें अनुवादकक व्यवस्था कएल जाएत।
मंगलदिन सचिवालय अनुवादककें एकटा पैनल सामिल कएलक । राज्यसभामे डोगरी, कश्मीरी, कोंकणी, संथाली आऔर सिंधी लेल अनुवादक राखि लेल गेल। अहिकें अलावा अहि 22 भाषामे सँ असमी, बंगाली, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, मलयालम, मराठी, उड़िया, पंजाबी, तमिल, तेलुगु आऔर उर्दू भाषा सभक लेल पहिनहि सँ सदनमे अनुवादक अछि। लोकसभा मे सेहो बोडो, मैथिली, मणिपुरी, मराठी आऔर नेपाली लेल अनुवादक राखल जा रहल अछि। परञ्च, सांसद सभकेँ अनुवादक लेल पहिनहि सँ नोटिस देब पड़तनि।

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