तमाकुल पर प्रतिबंधक तैयारी, केन्‍द्र कए लिखल गेल चिट्ठी

तमाकुल(खैनी) कए फूड सेफ्टी एक्ट मे अनबाक माँग, ताकि एकरा सेहो बैन कए सकए सरकार
बिहार मे शराबबन्दी क बाद तमाकुल (खैनी) पर प्रतिबंध क तैयारी, केन्द्र कए लिखललगेल चिट्ठी

मणिभूषण राजू
पटना । बिहार मे शराबबंदी क बाद आब तमाकुलबंदी क तैयारी चलि रहल अछि । राज्य मे ओरल कैंसर क भयावहता देखैत स्वास्थ्य विभाग सबसँ पैघ कारक खैनी पर प्रतिबंध लगेबाक दिस कार्रवाई शुरु कए देने अछि ।

शराबबंदी क 26 महीनाक बाद ई डेग उठाओल गेल अछि । स्वास्थ्य विभाग क प्रधान सचिव संजय कुमार कहलथि जे केन्द्र कए एकटा पत्र लिखल गेल अछि जहि मे खैनी कए एकटा खाद्य उत्पाद क रूप मे अधिसूचित करबाक अनुरोध कैल गेल अछि । खाद्य सुरक्षा आ मानक प्राधिकरण (फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड एक्ट आफ इंडिया) दिस स खाद्य उत्पाद क रुप मे अधिसूचित कैल गेलाक बादे राज्य सरकार लग स्वास्थ्य आधार पर खैनी पर प्रतिबंध लगेबाक शक्ति भेटि सकत । ओ कहलथि एखन हमरा सभलग जे नियम अछि ओहि आधार पर सिगरेट क रुप में तंबाकू क उपयोग नियंत्रित कैल जाईत अछि । ओहि नियम क तहत खैनी पर प्रतिबंध संभव नहि अछि ।

खैनी मुँहक कैंसर क एकटा पैघ कारण

संजय कुमार कहलथि जे तम्बाकू क सेवन कैंसर रोगक पैघ कारण अछि । सबसँ दुखद गप ई अछि जे बिहार मे हरेक पाँचम आदमी खैनी सेवन करैत अछि । खैनी क खपत बहुत बेसी अछि आ आब एहिपर ध्यान देबाक आवश्यकता अछि । बिहार मे 40% कैंसर रोगी, मुँह क कैंसर (ओरल कैंसर) सँ पीड़ित होएत छथि । ओना पि‍छला सात साल मे राज्य मे तंबाकू क खपत 53% सँ घटिकय 26% भए गेल अछि । एहि मे 21% खाली खैनी खेनिहार लोक छथि । एहि खैनी (कच्चा तंबाकू) क उपभोग करनिहार संख्या बड्ड चिंताजनक अछि ।

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