क्षेत्रीय दल सभमे आंतरिक लोकतंत्र जरूरी : सुधाकर सिंह

वीरेंद्र यादव न्यूज एजेंसी 
पटना । राजद के कद्दावर राजपूत नेता जगदानंद सिंह क पुत्र सुधाकर सिंह क्षेत्रीय दल मे बढैत अलोकतांत्रिक परंपरा पर चिंता व्यक्त केलथि अछि। ओ कहला अछि जे क्षेत्रीय दल सभमे आंतरिक लोकतंत्र जरूरी अछि।
2010 मे रामगढ़ सँ भाजपाक टिकट पर चुनाव लडनिहार सुधाकर सिंह क संबंध मे कहल जाइत अछि जे हिनकर हारिमे अपनहि पिता क पैघ भूमिका छलनि। ओना 2017 मे गया स्नातक क्षेत्र निर्वाचन मे राजद क प्रत्याशी अपन भाइ पुनीत सिंह कए पक्षमे प्रचार करबाक आरोपमे भाजपा सेहो हिनका निलंबित कए देलक।
दिल्ली विश्वविद्यालय सँ स्नातक रहल सुधाकर सिंह सम्प्रति भाजपा क खिलाफ अभियान चला रहल छथि आऔर ओ मानैत अछि जे भाजपा सँ लड़इ लेल क्षेत्रीय दल सभमे आंतरिक लोकतंत्र जरूरी अछि।
ओ भाजपा आऔर परिवार आधारित क्षेत्रीय पार्टी सभके अंतर केर उल्लेख करैत कहैत अछि कि भाजपा लग निष्ठावान कार्यकर्ता सभक प्रबल टीम अछि। बूथ स्तरसँ लकए पंचायत स्तर तक कार्यकर्ता सभकेँ संगठन अछि आऔर हुनक काजक देखरेख केर तंत्र सेहो अछि। जखन कि क्षेत्रीय पार्टी सभ लग नेता अछि। नेताक परिवार अछि आऔर वोटर अछि। बीचमे समादक कोनो संगठित नेटवर्क नहि अछि। निर्णय लेबए मे कोनो पारदर्शिता नहि अछि। नेताक निर्णय सर्वमान्य होयत अछि। संगठन क नाम पर ठाड़ तंत्र केवल नेतृत्व केर आदेश वाहक अछि। निर्णयमे संगठन केर कोनो भूमिका नहि होयत अछि। पछिला राज्यसभा आ विधान सभा चुनावमे राजद आ जदयू उम्मीदवार सभक चयन अहीÓ बातक प्रमाण अछि।
सुधाकर कहैत अछि कि भाजपा सेहो आब कांग्रेस बनि गेल अछि। इंदिरा गांधी सेहो अपन सत्ता बचेबा खातिर चुनाव आयोग आऔर न्यायालय केर राजनीति हितक लेल प्रयोग करैत छलीह। भाजपा सेहो वएह कए रहल अछि। आगु ओ कहैत अछि कि राजनीतिमें स्थायित्व लेल आर्थिक संसाधन आऔर मीडिया दू प्रमुख कारक अछि। दुनु कांग्रेस आऔर भाजपाक सँग रहैत अछि। आर्थिक रूप सँ बड़का घड़ाना अहि दुनु दलकेँ व्यापक स्तर पर आर्थिक पृष्ठपोषण करैत अछि आऔर मीडियाक बड़का हिस्सा आ खांचा अही दुनु दलकें हितक पोषक अछि।
सुधाकर सिंह आगु बजैत अछि कि बड़का स्तर पर राजनीतिक गोलबंदी भाजपा किंवा कांग्रेसक नेतृत्वमे सेहो संभव अछि। जमीन घिसकल लोक भाजपा विरोधमे अछि। क्षेत्रीय पार्टी सभक एक बड़का  हिस्सा भाजपा केर विरोधमे ठाड़ अछि। एहनमे कांग्रेस कए सेहो बदल पड़तनि आऔर कॉमन मिनिमम प्रोग्राम केर साथ क्षेत्रीय पार्टी  सभके साथ गोलबंदी करय पड़तनि, नव गठबंधन बनाबय पड़तनि। सुधाकर कहैत छथि जे व्यक्तिगत स्तर पर ओ अहि प्रयासमे लागल छथि आऔर भिन्न भिन्न मिथिला देशम पार्टी क नेता सभसँ मिलिकए भाजपा क खिलाप गोलबंदीक प्रयास क रहल छथि। ओ मानला जे वाट्सअप, फेसबुक आऔर ट्विटर केर समयमे सेहो संसाधन आऔर श्रम केर उपयोगिताक नकारल नहि जा सकैत अछि। निसन्देह जमीनी कार्यकर्ता मात्र पार्टी केर मजगुति प्रदान करैत अछि।
सुधाकर सिंह आगु कहैत छथि जे भाजपाक राजनीतिक चरित्र सवर्ण आऔर बनिया आधारित रहल अछि। एकरा बादो ओ नव सामाजिक आ जातीय समूहमे पसारबाक  प्रयास क रहल अछि। बिहारमे ई सभ जनैत जे यादव केर वोट भाजपा केर नहि भेटैत अछि। पार्टी तीन यादव केर प्रदेश अध्यक्ष बनाओलक। लोकसभा चुनावक समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं कए अतिपिछड़ी जाति सँ जोडि़ प्रचार कएलक आऔर एकर लाभ सेहो पार्टी कए चुनावमे भेटलनि। ओ आगु मानलक जे भाजपाक जीतमे मुसलमान क खिलाप गोलबंदी मात्र एक कारण नहि रहल अछि। अहिकें पाछा सामाजिक खांचाक पसार क बड़का भूमिका रहल अछि। आगु ओ कहलनि कि भाजपा केर विजय रथ कए रोकबाक लेल कांग्रेस आ क्षेत्रीय पार्टी सभकेँ सेहो आधार पसारबाक रणनीति पर काज करैय पड़तनि आऔर निर्णय प्रक्रियामे आंतरिक लोकतंत्र बहाल करय पड़तनि जाहिसँ कार्यकर्ता सभके सेहो पार्टीक साथ होयबाक आभास होय। तखनहि भाजपाक खिलाप विकल्प ठाड़ भ सकैत अछि।
अनुवाद प्रस्तुति : रामबाबू झा

नीक वा अधलाह - ज़रूर कहू जे मोन होय

comments

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here