दरभंगाक रज्जू भैया कए भेटल कालिदास सम्मान

उज्जैन ।  दरभंगा क सुपुत्र विख्यात रंगकर्मी रामगोपाल बजाज कए मध्यप्रदेश सरकार रंगकर्म क क्षेत्र मे अतिविशेष योगदान लेल राष्ट्रीय कालिदास सम्मान स विभूषित केलक अछि।  हुनका इ सम्मान 31 अक्टूबर कए उज्जैन मे आयोजित अखिल भारतीय कालिदास समारोह मे मध्यप्रदेशक राज्यपाल ओमप्रकाश कोहली अपन हाथ स प्रदान केलथि। एहि अवसर पर श्री बजाज कहला जे करीब 42 साल पूर्व एहि कालीदास समारोह मे एकटा कलाकार क रूप मे शामिल भेल रही। तखन इ ज्ञात नहि छल जे एकदिन एहि मंच पर कालिदास सम्मान लेबा लेल आयब। एकटा रंगकर्मीक रूप मे पिछला पांच दशक स हम समाज मे भ रहल घटना कए देखबा आ देखेबाक प्रयास क रहल छी आ इ आगू सेहो जारी रहत।
एहि सम्मान लेल श्री बजाजक चयन दिल्ली भेल समितिक बैसार में भेल छल। समिति मे वरिष्ठ रंगकर्मी मोहन महर्षि, विमल लाठ, जयदेव तनेजा, संजय उपाध्याय आ लोकेन्द्र त्रिवेदी शामिल छलाह।
राज्य सरकार क संस्कृति विभाग दिन स प्रदान कैल गेल एहि सम्मानक रूप में  दो लाख टका नकद  आ सम्मान पट्टिका देल जाइत अछि। इ सम्मान रंगमंच क विभिन्न आयाम मे उत्कृष्टता, दीर्घ साधना आ सतत सृजन लेल देल जाइत अछि।
1965 मे राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय स स्नातक केनिहार श्री बजाज राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के निर्देशक सेहो छलाह। एनएसडी की भारत रंग महोत्सव जैसी प्रतिष्ठित वार्षिकी रंग-गतिविधि क प्रस्तावक आ ओकरा नव उंचाई तक ल जेबा मे हिनकर अहम भूमिका रहल अछि।
दरभंगाक बाजितपुर(निर्मली) मे जन्म लेनिहार राम गोपाल बजाज अपन रंगकर्मक शुरुआत दरभंगा स केलथि आ अपन रंग यात्रा मे अनेक महत्वपूर्ण कृति  पर रंग-प्रयोग केलथि। एहि मे ‘सूर्य की अन्तिम किरण से सूर्य की पहली किरण तक’, ‘स्कन्दगुप्त’, ‘कैद ए हयात’, ‘आषाढ़ का एक दिन’ आदि शामिल अछि। एकर अलावा बजाज  गिरीश कर्नाड क नाटक ‘रक्त कल्याण’ क सेहो  हिन्दी मे अनुवाद केलथि। बजाज प्रभावी अभिनेता सेहो छथि। समय-समय पर अनेक फिल्म आ धारावाहिक क जरिए अपन छाप छोड़बा मे सफल रहला अछि। हुनका इ सम्मान भेटला स दरभंगा क लालबाग स्थित बजाज भवन मे सेहो खुशी क माहौल अछि।

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