मिथिलांचल नाट्य महोत्सव क समापन, दर्शक भेल मंत्रमुग्ध

शशी सरोजनी रंग मंच संस्‍थान करोलनि सहरसा मे तीन दिवसीय नाट्य महोत्‍सव
कत्‍थक कलाकर क प्रस्‍तुति स दर्शक भेल गदगद
मोहन राकेश लिखित नाटक आषाढक एक दिन क भेल मंचन

सहरसा । शहर क जिला परिषद प्रांगण मे आयोजित तीन दिवसीय मिथिलांचल नाट्य महोत्सव क समापन रवि दिन भेल । शशि सरोजनी रंगमंच सेवा संस्‍थान दिस से होमय बला एहि महोत्सव मे कलाकार सभ अपन प्रस्तुति स लोग सभक मन मोहि लेलन्‍हि । पूरा महोत्सव लोक नृत्य आ लोक संगीत क नाम रहल । भारत नाटयम, कत्थक, मणिपुरी संग कतेक रास लोक नृत्य सभ दर्शक कए झुमबा लेल मजबुर कए देलनि ।

शशि सरोजनी रंगमंच सेवा संस्थान द्वारा आयोजित तीन दिवसीय मिथिलांचल नाट्य महोत्सव मे तारीख सरकार आ पुजा पॉल, श्रेया गॉंगुली आ शाहीद आलम क कथक, हेमंत विश्‍वकर्मा क मणिपूरी नृत्‍य, मधुर मुखर्जी आ सोमा मंडल क भरतनाट्यम पर दर्शक झुमी उठल ।

जमशेदपुर स आयल तारीख सरकार आओर पूजा पॉल क कत्थक में अद्भुत युगलबंदी छल संगे कोलकाता स आयल हेमंत विश्वकर्मा क मणिपुरी नृत्य आओर मधुरा मुखर्जी क भरतनाट्यम स दर्शक भाव विभोर भए उठल । रितेश पर्मार क नाटक कैंडल मार्च सेहो बेस प्रशंसनीय रहल ।

मोहन राकेश द्वारा लिखित आ कुंदन वर्मा द्वारा निर्देंशित नाटक आषाढक एक दिन क मंचन सेहो कैल गेल । एहि नाटक क सहायक निर्देशक आनंद झा छलथि । नाटक मे प्रवीण कुमारी, रोहित झा, संजय कुमार, प्रकाश कर्ण, आनंद झा, शक्ति शिवानी, वर्षा कुमारी, शुभम कुमार, ज्योतिष कुमार, इन्द्रजीत कुमार आदि अभिनय केलनि आ दर्शक क वाहवाही बटौरलनि । महाकवि कालिदास क निजी जीवन पर केन्द्रित एहि नाटक मे महिला रंगकर्मि सभ सशक्त अभिनय केलनि ।

एहि मौका पर ”रंगमंच पर सामाजिक चेतना” विषय पर व्याख्यान सेहो आयोजित कैल गेल । जाहिमे मुख्य रूप स मुंगेर स आयल साहित्यकार विजय कुमार गुप्त, अजय कुमार सिंह, रूपेश कुमार आदि शिरकत केलनि । कार्यक्रम केर संचालन संस्थान के सचिव वंदना वर्मा केलनि । एहि मौका पर हरिशंकर श्रीवास्तव शलभ, संरक्षक अधिवक्ता अशोक कुमार वर्मा, रमण कुमार झा, कुंदन वर्मा आदि उपस्थित छलथि । एहि कार्यक्रम क सहयोगी छल बिहार सरकार क कला संस्कृति आ युवा विभाग ।

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