जानकी बाबूक आदर्श कए सम्मुख राखि मिथिला राज्य क परिकल्पना संभव : कमलेश

मधुबनी। मधेपुर प्रखंड क कोसी निरीक्षण भवन पर कोसी विकास समिति क तत्वाधान मे मिथिला राज्य विमर्श पर परिचर्चा आयोजित कयल गेल । कार्यक्रम क अध्यक्षता मिथिलांचल कोसी विकास समिति क अध्यक्ष श्री शंभूनाथ मिश्र कयलथि।
परिचर्चा मे एक स्वरे सब वक्ता मिथिला राज्य क निर्माण पर अपन सहमति जनौलन्ह।
कार्यक्रम क शुभारम्भ शांति पाठ, स्वागत गीत आ जय जय भैरवि वन्दना क संग भेल।
कार्यक्रम क मुख्य अतिथि प्रो. केदार नाथ झा बजलाह जे मिथिला राज्य क निर्माण विना मिथिलांचल क विकास संभव नहि अछि। भाषा, संस्कृत,व्याकरण आदि सँ समृद्ध मैथिली भाषी रोजगार हेतु पलायन लेल विवश छथि।
कमलेश झा बजलाह जे  मिथिला केसरी स्व. बाबू जानकी नन्दन सिंह क आदर्श के सम्मुख राखि मिथिला राज्य क परिकल्पना कयल जा सकैछ। ओ जनौलन्हि जे स्व. जानकी बाबू 1954 ई. मे मिथिला राज्य निर्माण हेतु संघर्ष रत छलाह। मिथिला संघर्ष समिति एहि लेल संघर्षरत रहत। ज्योति झा मिथिला क संस्कृत के बचा के रखबाक आवश्यकता पर जोड़ दैत प्रत्येक स्तर पर मैथिली क प्रयोग करबाक अनुरोध कयल।
श्री योगेंद्र पाठक वियोगी युवा वर्ग सँ  मिथिला राज्य निर्माण हेतु सक्रिय सहयोग क आह्वान कयल। ओ कहलनि जे  क्रान्ति क लेल बलिदान आवश्यक छैक। प्रो. किशोर नाथ झा स्व. जानकी बाबू क संघर्ष पर विस्तृत चर्चा करैत कहलनि मिथिला राज्य क निर्माण  से हुनक सपना साकार होयत। मो.शमीम उर्फ वागी संघर्ष क आवश्यकता जनौलन्हि।गिरीजानन्द अर्द्धनारीश्वर मानव संसाधनक विकास हेतु मिथिला राज्य क आवश्यकता जनौलैन। मंच संचालन प्रो.यन्त्रू नाथ सिंह कयलन्हि।
कार्यक्रम के कृष्णमोहन मिश्र, रामचंद्र मिश्र, मधुकर, इंद्रनाथ ठाकुर, मायाशंकर मिश्र,दीनानाथ प्रसाद युवराज, लक्षमण राय, संजय कुमार पूर्वे, रतनपटवा, चमन कुमार लाल दास, डा. न्नद कुमार मिश्र, बिन्देश्वर साफी ,अजय शंकर सि़ह, बोलबम झा, ऋतुनंदन सिंह आदि संबैधित कयलन्हि।

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