मिथिला राजक सीमा बुझेबा लेल चलल रथ

दरभंगा । मिथिला राजक सीमा बुझेबा लेल शनिदिन जागृति रथ दरभंगा स विदा भेल। महाराजाधिराज कामेश्वर सिंह मिथिला राज्य परिसीमन जागृति यात्राक प्रथम चरण के प्रारंभ आई 17 नवंबर के श्यामामाई मंदिर, दरभंगा सं समस्त मार्गदर्शकगण एवं विप्रजन के आशीर्वाद लय प्रारंभ भेल। बैद्यनाथ चौधरी ‘बैजू’, अयोध्या नाथ झा, विनोद चौधरी(पूर्व एम एल सी), नुरुल्लाह अंसारी, भोला यादव, मुरारी मोहन झा, राम नारायण झा, उदयशंकर मिश्र, मणिकांत झा, जीवकांत मिश्र, विनोद कुमार झा, राजेश कुमार सिंह ठाकुर, प्रवीण झा, सुजीत मिश्रा, विनीत कुमार झा, मिथिलेश कुमार मिश्र, चंदन कुमार सिंह, संजय ‘रिक्थ’, चन्द्रशेखर झा ‘बुढ़ाभाई’, धीरज कुमार चौधरी, पंकज कुमार मिश्र, हरि किशोर चौधरी, शक्ति नाथ झा, दुर्गानंद झा, चन्द्र मोहन चौधरी, चन्द्रमोहन झा ‘पड़वा’, अजय नाथ शास्त्री (मिथिलाक्षर शिक्षा अभियान), गुड्डूजी, उदय मिश्र, महेंद्र झा आ हेमचन्द्र राय संग अनेकानेक गणमान्य लोक उपस्थित भय यात्रा में शामिल अभियानी सबकें आशीर्वाद देलाह।
प्रथम चरण के एहि यात्रा में प्रस्तावित यात्रा विवरण अछि:
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17-11-2018
दरभंगा (प्रस्थान श्यामामाई मंदिर से) प्रात: 12 बजे
लहेरियासराय 12.30 बजे
हजमा चौराहा 1.00 बजे
हनुमान नगर 1.30 बजे
कल्याणपुर  होईत
समस्तीपुर 2 बजे
दलसिंहसराय 3 बजे
रोसड़ा 4 बजे
बखड़ी 5 बजे
खगड़िया 6 बजे
महखूंट 6.30 आमसभा संग रात्रि विश्राम
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18-11-2018
नवगछिया 10 बजे
कुर्सेला 11 बजे
कटिहार 12 बजे
पूर्णियां 1 बजे
अररिया 2 बजे
रानीगंज 3 बजे
त्रिवेणीगंज 4 बजे
पिपरा 5 बजे
सुपौल 6.30 बजे(सभा) संग रात्रि विश्राम
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19-11-2018
सुपौल(सभा) 10बजे
मधेपुरा (सभा) 11 बजे
सहरसा  बजे सभा 12 बजे
महिषी उग्रतारा 2 बजे
बिरौल 7.30 में विद्यापति पर्व समारोह सभा संग रात्रि विश्राम
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20-11-2018
बेनीपुर (सभा)  10 बजे
धरहारा (सभा)  11 बजे
नेहरा 12 बजे
सकरी सभा 1  बजे
पंडौल सभा संग 2 बजे
मधुबनी 3 बजे
राजनगर 4 बजे
कलुआही 5 बजे
रहिका 6 बजे
बसौली 7 बजे
औंसी जीरो माईल
दरभंगा 9 बजे में रात्रि विश्राम
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21-11-2018
दरभंगा श्यामामाई मंदिर में  11 बजे सभा आ दोसर चरण के यात्राक घोषणा संग समापन)
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एहि परिसीमन यात्राक मुख्य उद्देश्य मिथिला के अलग-अलग जिला के लोक के एकसूत्र मिथिला में जोड़ि आ आजादी के बाद सं पसरल मिथ्याक दूर कयनाई अछि. जेना कि..
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बोलीक विविधता के कारण बनल  द्वेष समाप्त कयनाई..
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पूर्वी-पश्चिमी आ उत्तरी-दक्षिणी मानसिकता के समाप्त कय सबके बीच समन्वय बनेनाई.
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मैथिली भाषाकें स्कूल में पढ़ाई प्रारंभ कराबय लेल संयुक्त प्रयास.
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मिथिला के गौरवमयी इतिहास आ संस्कृति सं नव युवा वर्ग के जोड़ि मिथिला एकीकरण..
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अंतिम आ मूल उद्देश्य पृथक मिथिला राज्य लेल अलख जगेनाई अछि।

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