मिथिला छाति मे अछि भूगोल मे नहि : अरूणाभ सौरभ

मैथिली क समकाल आ नव‍तुरिया पर भेल परिचर्चा
युवा कवि विकाश वत्‍सनाभ, अरूनाभ सौरभ आ रधुनाथ मुखिया छलथि सत्र क वक्‍ता
एक सुर मे कहलाह वक्‍ता युवा छथि मैथिली क झंडाबदार

सहरसा । दू दिवसीय कोशी शिखर सम्‍मेलन क पहिल दिन मैथिली विषय पर एकटा अलग सत्र क आयोजन करल गेल । सत्र क उद्देश्‍य आजुका युवा पीढ़ी कए मैथिली भाषा क बोध करेनाय छल जाहि स ओ अपन भाषा से जुड़ाव कए सकय । सत्र क थीम ‘मैथिली क समकाल आ नवतुरिया’ छल जाहि में मुख्‍य वक्‍ता मैथिली क सबसे चर्चित युवा कवि आ साहित्‍य अकादमी स युवा पुरस्‍कार प्राप्‍त लेखक अरूणाभ सौरभ, विकाश वत्‍सनाभ आ रधुनाथ मुखिया शामिल छलाह ।

आयोजन क उद्धाटन संयुक्‍त रूप से रामनरेश त्रिपाठी, अरविंदन मिश्र निरज, कुलानंद झा, नितिन प्रताप सिंह, आदित्‍य विनय, हरिशेखर मिश्र आ सोमू आनंद अदि संयुक्‍त रूप से दीप प्रज्‍वलित क कए केलाह । त्‍तपश्‍चात आगत अतिथि क स्‍वागत पाग आ पुष्‍प गुच्‍छ स करल गेल । अपन उद्धाटन अभिभाषण मे विकाश वत्‍सनाथ युवा पीढ़ी कए कहलथि जे समाज लेल युवा कए आँगा आबय पड़ैत । बदलाव सदिखन युवा करैत अछि आ एहि आयोजन ओहि गप कए पुष्‍ट करैत अछि । ऑंगा अपन उद्गार मे ओ कहलथि जे गप जखन मैथिली क होएत अछि त सबसे पहिने ई देखय पड़त जे आजुका युवा मैथिली दिस कतेक बढ़ि रहल अछि ओ कहलाह जे हमरा एहि बात से कोनो परहेज नहि जे अहाँ टॉल्‍सटॉय कए पढ़ैत छी, जॉन एलिया कए पढ़ैत छी लेकिन हमरा दुख अछि जे अहाँ राजकमल कए बिसारि कए विद्यापति कए अनदेखार क कए हिनका पढ़ैत छी । कार्यक्रम कए ऑंगा बढ़बैत युवा कवि अरुणाभ सौरभ कहलाह मैथिली कए जरूरत अछि एहन युवाक जेकर खुन मे उबाल होए, छाती मे आगि होए आ माथ ठंढ़ा होए । एहने युवा मैथिली क झंडा उंचा उठबथि । ओ कहलथि जे हमरा सों जो पुछू तो पुरा बिहार, ग्रेटर बिहार आ समूचा भारत मिथिला अछि । जतय भी गरीबी पलायन आ भूखमरी अछि ओ मिथिला अछि । मिथिला करेज मे अछि भूगोल मे नहि । अपन अभिभाषण मे रधुनाथ मुखिया कहलथि जे युवाक सामाजिक जिम्‍मेवारी अछि आ हुनका ओकर निर्वहण करनाय चाही ।

दू सत्र मे आयोजित एहि आयोजन क पहिल सत्र मे मैथिली क समकाल आ नवतुरिया पर चर्चा भेल ओ‍तहि दोसर सत्र मे प्रश्‍नोत्‍तरी छल जाहि मे श्रोता क सवाल वक्‍ता कए जवाब देनाय छल । मिथिला मिहिर क पुन: प्रकाशन पर विकाश कहलथि जे ई खाली लेखक जिम्‍मेवारी नहि अछि जे ओ कोनो पत्र पत्रिका क प्रकाशन करय ई जिम्‍मेवारी सबहक होनाय चाहि । लेखक काज अछि लिखनाय जे ओ नीक जेंका कए रहल अछि । युवा पीढ़ी मैथिली दिस आकृष्‍ट केना होए एहि पर अभिभावक सबकए सेहो ध्‍यान देबाक चाहि । श्री अरूणाभ सौरभ मैथिली क युवा कवि पर विचार करैत कहलाह जे युवे मैथिली क झंडाबदार अछि । ओ नवतुरिया आगा आबोह क परिकल्‍पना कए साकार करबाक लेल युवा वर्ग कए आगाँ एबाक अपील केलक । श्री रधुनाथ मुखिया मैथिली क सोशल मीडिया क उपयोग पर अपन असहमति जतेलाह आ एकरा क्षणिक स्‍वार्थ सिद्धी क जरिया बतेलक ।

कार्यक्रम क समापन आगत अतिथी क स्‍वागत कोशी शिखर सम्‍मेलन क प्रतीक चिन्‍ह स करल गेल । सत्र क संचालन जतय कवि आनंद झा केलथि ओतहि समापन सोमू आनंद केलथि ।

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