मिथि‍ला क सब शहर मे होए मैथि‍ली लिटरेचर फेस्टीवल – कीर्तिनारायण मिश्र

मैथि‍ली साहित्य क महाकुंभ शुरू, 12-14 तक पटना मे होएत मैथि‍ली लिटरेचर फेस्टीवल
150 से बेसी साहित्यकार, लेखक आ स्कॉलर लेताह भाग 
साहित्य क अलावे मैथ‍िली क आन-आन स्टाल सेहो

IMG_2467पटना । मैथि‍ली क वरिष्ट साहित्यकार कीर्तिनारायण मिश्रा कहलथ‍ि की मैथि‍ली लिटरेचर फेस्टीवल मिथि‍ला क छोट-छोट शहर मे सेहो आयोजित हेबाक चाही । साहित्य आ समाज कए समर्प‍ित इ आयोजन अखन देशक रोल मॉडल अछि । नब लोग कए प्लेटफार्म देबाक गरज स एहि स बेहतर आयोजन अखैन धरि नहि भेल अछि, एकरा बढ़ावा देबाक चाही । श्री मिश्रा आय राजधानी पटना स्थ‍ित यूथ हॉस्टल मे आयोजित तीन दिवसीय मैथ‍िली लिटरेचर फेस्टीवल क उद्धाटन समारोह कए संबोध‍ित कए रहल छलथि‍ ।

यूथ हॉस्टल मे आयोजित एहि कार्यक्रमक सम्मलित उद्धाटन वरिष्ट साहित्यकार कीर्तिनारायण मिश्र, पद्मश्री स सम्मानित लेखिका उषाकिरण खान, राम भरोस कापड़ि ‘भ्रमर’, सुभाष चन्द्र यादव केलथि‍ । उद्धाटन समारोह क अध्यक्षता लेखक संघ क अध्यक्ष नरेन्द्र झा आ संचालन छत्रानंद सिंह झा केलथि‍ । नेपाल से आयल मैथिलीक वरिष्ट लेखक राम भरोस कापड़ि ‘भ्रमर’ दुनू देशक मैथिली लेखक क किताबक आदान प्रदान पर जोर दैत एहि फेस्टिवल क महत्ता कए रेखांकित केलथि‍ । पद्मश्री उषाकिरण खान आयोजनक स्वरुप कए लए चर्चा केलथि‍ । ओ कहलथि‍ की एहि स मैथिली कए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पाठक आओर सम्मान भेटि‍ रहल अछि । उद्घाटने सत्र मे फेस्टिवल क स्मारिका क लोकार्पण सेहो कैल गेल ।

उद्घाटन सत्र स पहि‍ने विगत साल दिवगंत भेल मैथिली लेखक कए श्रधांजलि देल गेल । एहि क्रम मे राजमोहन झा, रामकांत मिश्र, गुणानाथ झा, शकुंतला चौधरी, कुमार शैलेन्द्र सहित यंत्रनाथ मिश्र, शंकर कुमार झा, डॉ गणपति मिश्र आ सत्यानन्द पाठक कए श्रधांजलि अर्प‍ित कैल गेल । साहित्यकार अशोक दिस स संचालित एहि सत्र मे डॉ प्रेमलता मिश्र प्रेम आओर मनोज मनुज अपन-अपन संस्मरण साझा केलथि‍ ।

पहि‍ल दिनक सत्र मे साहित्य अकादमी से सम्मानित उपन्यास उचाट पर गंभीर परिचर्चा भेल जेकर संचालन अजित आजाद केलथि‍, बांकि वक्ता मे कमालानद झा, डॉ पन्ना झा आ डॉ फूलो पासवान छलथि‍ । उपस्थित दर्शको सेहो सवाल पूछलथि‍ जेकर समुचित उत्तर वक्ता देलथि‍ । एहि सत्र मे डॉ तारानंद वियोगी क आलोचना पुस्तक ”बहुवचन” क लोकार्पण डॉ नारायणजी केलथि‍ जखनकि सुभाषचन्द्र यादव क उपन्यास ”गुलो” क लोकार्पण डॉ भीमनाथ झा जी केलथि‍ । चौथा सत्र मे अनुवाद पर विशेष चर्चा कैल गेल जाहिमे वैद्यनाथ झा, डॉ इंदिरा झा, डॉ नारायण झा शामिल छल । सत्र क संचालन प्रदीप बिहारी केने छलथि‍ ।

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