एतिहासिक आयोजन क गवाह बनल सहरसा – दू दिवसीय कोशी शिखर सम्‍मेलन समाप्‍त

समापन के अंतिम दिन कोशी पर परिचर्चा कैल गेल
दिनेश मिश्र, महेंद्र यादव, ब्रह्मदेव चौधरी, रामदेव शर्मा, रंजीत कुमार छलाह वक्‍ता पुष्‍य मित्र छलाह सत्र संचालक
राज्‍यसभा सांसद मनोज झा, सिंहवाहिनी पंचायत की मुखिया रितू जायसावल, आईटी उद्यमी साकार यादव, एमवीआईटी क फाउंडर अमित कुमार दास भेलाह समापन सत्र मे शामिल
लोकसभा आओर विधान सभा मे चयनित प्रतिभागी क कैल गेल सम्‍मानित

सहरसा । नदी कहियो अभिशाप नहि होएत अछि, एकरा हम सभ अभिशापित करैत छी । जाहि दिन नदी अपन व्‍यथा आम जनता कए कहय लागथीह ओहि दिन बड़का-बड़का महापुरूष जेकर फोटो संसद मे लागल अछि जमीन पर खसि जाएत । उक्‍त गप राजद क प्रवक्‍ता आ राज्‍यसभा सांसद श्री मनोज झाजी समपान समारोह क संबोधित करैत कहि रहल छलाह । अपन वक्‍तव्‍य मे ओ एकटा जादुगर क मायाजाल क जिक्र करैत जनता पर तंज कसैत बजलाह जे हम सभ पॉंच साल लेल एकटा जादुगर चुनैत छी जे पाँच साल अपन जादू सबकए देखबैत अछि अहाँ सब थोपड़ी बजबैत छी आ पसिन नहि एला पर पॉंच साल बाद जादूगर (नेता) बदलि लैत छी । जरूरत अछि एहि जादूगर क ताबीज गंडा आ भभूत स बचबाक । श्री झा कहलथि जे हम यैह शहर क छी ताहि लेल हमरा एतय बाजय मे सबसे बेसी डर होएत अछि । एहि क्षेत्रक समस्‍या कहियो बुढ़ नहि होएत अछि नहिए मरैत अछि ई सदिखन जवाने बनल रहल अछि, ओवरब्रीज सेहो सेहो सुनैत सुनैत हम पचास साल कए भए गेल छी । ओ कहलाह जे कोशी मे कहियो संवाद क कमी नहि छल जरूरत छल एकटा प्‍लेटफॉर्म देबाक जाहि स संवाद, संवाद रहय विवाद नहि बनय । ऑंगा श्री झा कहलथि जे कोनो नेता, मुखिया, सरपंच वा जनप्रतिनिधि कए एतेक महान नहि बना दिओक जे ओकर जनता स संवादे खत्‍म भए जाए । संवाद खत्‍म हेबाक मतलब छै ओहि क्षेत्रक विकास खत्‍म । अंत मे श्री झा बजलाह जे हम संसद मे बाजय टा लेल गेल छी आ खूब बाजब आ अपन प्रदेशक सुनायब । अगला बेर जब हम कोशी शिखर सम्‍मेलन मे मिली त किछु ठोस मुद्दा होए आ किछु काज होए । हम वादा करैत छी जे कोशी क मुद्दा कए सदन मे पुरजोर तरीका स उठाएब ।

एहि स पहिने मंच सए सीतामढ़ी क सिंहवाहीनी पंचायत क मुखिया श्रीमती रितू जायसवाल कहलीह जे गाँधी क ग्रामोद्योग क सपना क साकार करबाक लेल गाम दिस घुरय पड़त । ओतूहका बनि कए रहय पड़त । अपन मुखिया बनबाक किस्‍सा आ ग्रामोदय क किस्‍सा स ओ दर्शक कए जनतब करेलखिन । ओ कहलीह जे जड़ि से अलग होएब ते मेटा जाएब । आय महिला आरक्षण त भेटि गेल मुदा आइयो काज पतिये करैत अछि लोग मुखिया पति, सरपंच पति क नाम स जनाबैत अछि । जों बराबरी देने छी त फेर घर मे सेहो दिअ । एकर बाद सत्र क संबोधित करैत आईटी उद्यमी साकार यादव कहलथि जे कोशी क जनता बहिर नहि अछि, बौक नहि अछि, ज्ञान-संवेदना स भरल अछि तखन ओवरब्रीज आदि मुद्दा पर चुप किएक अछि । युवा क सीख दैत ओ कहलथि जे विकासक पैमाना बुझबाक होए त स्‍कूल में खडि़या (चॉक) क हिसाब पूछू, मिड डे मील आ साईकिल बिसैर जाउ, तखने पता चलत जे स्‍कूल मे कतेक पढ़ाई भेल । ओ कहलथि जे हम अहेंक गाम घर बेटा छी आ हम जनैत छी जे कोशी क लोगक दिमाग सबसे बेसी तेज होएत अछि आय यैह कोशीक लोगक बदौलत हम एहि मुकाम पर पहुँचल छी । ओ कहलाह जे कोशी से गरीबी दूर करबाक अछि ते रोजगार तकियो नहि कोना चारिटा लोग कए रोजगार देब एहि पर सोचियो । अपन संबोधन कए ओ फिर हंसते देखो कविता क संग खत्‍म केलाह । तकर बाद एमवीआईटी क संस्‍थापक अमित कुमार दास अपन 250 रूपया से 250 करोड़ धरि क सफर पर प्रकाश देलक । ओ कहलाह जे हम सभकए समाज से जे भेटल अछि ओकरा समाज कए लौटानाय सेहो हमर सबहक फर्ज बनैत अछि । जों अहाँक अंदर जोश आ जुनून अछि त अहाँ आसमान छुबि सकैत छी । हम एहन बच्‍चा छी जे आय धरि इंजीनीयरिंग नहि कए सकलहूँ मुदा आय हम इंजीनीयर तैयार करैत छी । हम बच्‍चा मे लैपटॉप नहि खरीद सकलहूँ मुदा आय हम कम्‍युटर तैयार करैत छी । एहि लेल जरूरी अछि जे सपना देखू आ ओकरा पाँछा पागल भए जाउ । शुरू मे बाधा आओत मुदा सपना साकार भए जाएत ।

कार्यक्रम क अंत मे किछु विशिष्‍ट व्‍यक्‍ति कए कोशी शिखर सम्‍मेलन क प्रतीक चिन्‍ह दए कए सम्‍मानित करल गेल । जाहि मे अभिनंदन यादव उर्फ कारी झा, सिंकू आंनद, अभिषेक कुमार दास, बरूण प्रसाद सिंह, ब्रजेश कुमार सिंह, आ निर्मल यदुवंशी आदि शामील छलाह । तदनूपरांत कोशी शिखर सम्‍मेलन क दू प्रमुख सत्र लोकसभा आ राज्‍यसभा मे चयनित प्रतिभागी कए सम्‍मानित करल गेल जाहि मे हुनका ट्रॉफी आ प्रस्‍सति पत्र द कए सम्‍मानित करल गेल । सत्र क संचालन सोमू आनंद कए रहल छलाह । ओ आगत अतिथि, प्रतिभागी आ सम्‍मेलन कए सफल बनेनिहार सभगोटे क प्रति आभार जतेलखिन ।

नीक वा अधलाह - ज़रूर कहू जे मोन होय

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