गामे-गाम गृह उद्योग स्थापित करबाक अछि योजना : अमरनाथ

मधुबनी जिलाक राजनगर प्रखंड मे प्रसिद्ध गाम भटसिमरि (उत्तर)क बच्चा मिश्र क पुत्र अमरनाथ मिश्रक प्रारंभिक शिक्षा गामहि मे भेल। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालयक सीएम काँलेज सँ स्नातक (प्रतिष्ठा) प्राप्त केलाक बाद दिल्ली मे रहि सेल्स आओर मार्केटिंग मे डिप्लोमा केलथि। मिथिला क घरेलू सामग्रीक व्यावसायिक उत्पादन आ एकटा लघु उद्योग क रूप मे एकर सर्वप्रथम परिकल्पना कयनिहार मिथिला गृह उद्योगक सृजनकर्ता अमरनाथ मिश्र जी सँ विस्तार स गप केलथि पत्रकार मणिभूषण राजू। प्रस्तुत अछि ओहि साक्षात्कारक किछु अंश। – समदिया
प्रश्न : मिथिला मे उद्यमिता सँ बेसी नौकरीक चाहत होईत अछि। फेर इ विचार कोना आयल?
उत्तर : पढ़ाई खत्म केलाक बाद हम एफएमसीजी सेक्टर कए खाए-पीबए बला कम्पनी ज्वाइन केलहु। एहि दरम्यान बाजार मे विविध प्रकारक फूड-प्रोडक्ट विभिन्न देश-प्रदेशक देखबा मे अबैत रहल मुदा अपना गामक व्यंजन नहि देखाइत छल। यदाकदा मिथिलाक पारंपरिक व्यंजन, स्वादिष्ठ पकवान, प्राकृतिक अँचार आओर विविध भोज्य पदार्थ एहि बजार तक अनबाक विचार मोनमे उठैत रहैत छल। इ मोनहि-मोन सोचैत रहैत छलहुं जे भविष्य मे मौका भेटत त एहि लेल प्रयास करब आ इ मौका सितंबर 2014 मे भेटल। गृह उद्योग लेल काज शुरु क देलहुं।
प्रश्न : मिथिला गृह उद्योग क स्थापना आ एखन तकक एकर विस्तार क बारे मे किछु कहू।
उत्तर : मिथिला गृह उद्योग के स्थापना 2014   कए शिशिर नवरात्रि मे भेल रहए, मुदा एकर फूड लाइसेंस अप्रैल 2016 मे प्राप्त भेल, तकरा बाद सँ हम एहि कार्य के आगाँ बढ़ेबाक हेतु प्रयासरत छी। एखन तकके हमर व्यक्तिगत अनुभव संतोषजनक अछि। हमरा अपना समाज अधिकांश प्रबुद्ध लोक सभसँ प्रोत्साहन सतत भेटैत आबि रहल अछि जकरा बदौलत हमर उपभोक्ताक संख्या मे दिनानुदिन अभिवृद्धि भ रहलैए आओर हमहुँ उत्साहित छी। किछु अपवादे सन हेताह जिनका हमर प्रयास नीक नञ लगैत हेतनि।
प्रश्न : आहाँक मुख्य फोकस कोन तरहक खाद्य सामग्री पर रहल अछि। मिथालाक अचार लय क आहाँक नाम चलैत अछि, लोक कहय छथि विशुद्ध गामक अचारक स्वाद आ शुद्धता रहैत अछि?
उत्तर : मुख्य रूप सँ पारंपरिक व्यंजन, भोज्य पदार्थ आओर मिथिलाक पारंपरिक विधि सँ निर्मित विविध प्राकृतिक अँचार पर खास कए ध्यान केन्द्रित अछि। सम्पूर्ण प्राकृतिक संसाधनक उपयोग सँ शुचिता आ गुणवत्तापूर्ण वस्तु उपलब्ध करब हमर उद्देश्य अछि। एहि लेल हम उपलब्ध संसाधन आ क्षमताक हिसाब सँ क्रमबद्ध अग्रसर छी। बहुत हरबरी मे गरबरी ने भ जाइ तें शनै-शनै निरंतरता पर ध्यान केंद्रित अछि। मिथिला गृह उद्योग के विस्तार क्रमश: भ रहलैए।
प्रश्न: मिथिला क कच्चा माल आ मजदूर, ई सब कारोबारी चाहय छथि मुदा कारोबार बाहर करय चाहय छथि। मिथिला गृह उद्योगक की योजना अछि?
उत्तर : मिथिला गृह उद्योग के सभ वस्तु बनएबाक लेल कच्चा माल मिथिला मे उपलब्ध अछि। हमर प्रमुख परिकल्पना ग्रामीण स्वरोजगार अछि जाहिमे महिला वर्गक योगदान पर ध्यान केंद्रित अछि। आबए बला समय मे गामे-गाम स्वयं सहायता समूहक माध्यम सँ गृह उद्योग स्थापित करबाक योजना अछि। एहिमे सफलता-असफलता भविष्य केँ गर्भ मे अछि ओ समय एलाक बाद विवेचना करब। गामक एकटा बड्ड बैघ विडम्बना अछि जे गामक मजदूर गाममे मजदूरी लेलाक बाबजूद उचित मेहनत सँ काज नञ करैत छैक।
प्रश्न: नीतीश जी पछिला बेर दिल्ली मे बिहार के लघु उद्योग, विशेषकर मिथिला क चर्चा कयने छलथि। सरकार स केहन सहयोग भेट रहल अछि?
उत्तर : हमरा एखन तक सरकार के तरफ सँ कोनो लाभ नञ भेट रहल अछि। तकर कारण अछि आफिसक टेबुले-टेबुल चक्कर काटए सँ नीक ओहि समय के मिथिला गृह उद्योग लेल सश्रम सिंचित कए आगाँ बढ़ाबी आओर एकटा प्लेटफार्म बनलाक बाद सरकारी तंत्र मे प्रयास करी।
प्रश्न : मिथिला क उत्पाद कए ब्रांडिंग एखन धरि नीक स नहि भेल, की कहब अछि एहि पर?
उत्तर : ब्राँडिंग भ रहलैए रहलैए, बेसी तेज दौरलासँ ठेस लगबाक खतरा सेहो रहैत छैक। हम अपन क्षमतानुसार प्रगति केर बाट पर अग्रसर छी।
प्रश्न: की हमसब आबयवला समय मे  मिथिला गृह उद्योग कए उत्पाद देशभरि मे देखि सकय छी?
उत्तर : हम वर्तमान स्थिति के अवलोकन करैत नीक भविष्य हेतु आशान्वित छी। बाँकि आहाँ सभक सहयोग आ प्रोत्सान मागज़् प्रशस्त करबा मे अपेक्षित सहयोग करत।
प्रश्न : अपन परिकल्पना कए पूरा करै लेल आहाँक मेहनत आ समर्पण ककरो सँ नुकायल नहि अछि। प्रवासी मैथिल समाज सँ की आग्रह करै चाहब, आहाँ आ आजुक नव पीढ़ी कए की संदेश देबय चाहब।
उत्तर : लगन आओर श्रम सँ गुणवत्तापूर्ण काज करबाक हेतु प्रेरित करबनि। एहि तरहे अपन लक्ष्य तक कम पूंजी निवेश सँ कदाचित आगाँ बढ़ल जा सकैए। एखन एहि क्षेत्र मे काज करबाक अपार संभावना छैक। जेनाँकि कृषि पर आधारित काज मे हमरा लोकनि लगन आ मेहनति सँ एकटा सामाजिक बदलाव आओर आर्थिक संपन्नता आनि सकैत छी। बाजार बहुत पैघ छै एखन एक समान काज केलाक बाबजूद नीक सफलता भेटि सकैए। नव युवा सभकेँ स्वरोजगार बाट अपनेबाक हेतु आग्रह करबनि। यदि हमरा सँ किनको कोनो विचार करबाक इच्छा हेतनि त एहेन मे हम सहजता सँ उपलब्ध छी आ सदिखन रहब।प्रवासी मैथिल समाज सँ आग्रह करबैन जे वीरान होइत मिथिलाक पौराणिक सभ्यता-संस्कृति के पुन: स्थापित करबा मे अपना स्तर पर योगदान करथि।
प्रश्नकर्ता : बहुत बहुत धन्यवाद।

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