तेल पर लगान बढा दाम पर नियंत्रण करैत रहल सरकार

एक तरह अंतरराष्‍ट्रीय बज़ार मे जतय तेलक दाम घटि रहल अछि ओतहि अपन देश मे लगातार बढ़ि रहल अछि । तेलक लगातार बढ़ि रहल दाम पर चिता जता रहल छथि इसमादक जानल मानल स्‍तंभकार रामबाबू झा ।

पेट्रोल-डीजल केर दाम रोज रोज एना बढ़ि रहल अछि जेना लोक ऑक्सी-टॉक्सी सुइया द क फल आ तरकारीकें नित बढ़ा दैत अछि। अहि तरहक फल आ तरकारी स्वास्थ लेल माहुर बराबरि होयत अछि तहिना नित नव ऊँचाई छुबैत दाम पर भराओल गेल तेल सँ लोकक मन आक्रोशित आ माहुर भेल जा रहल अछि। कर्नाटक चुनाव सँ लगभग तीन सप्ताह पहिने धरि दाम थिर रहल मुदा जखनहि चुनाव प्रक्रिया खतम भेल तखनहि तेलक खेल बला नाटक शुरू भ’ गेल आ से बरोबरि गती सँग बढ़ल जा रहल अछि। मंत्री जी एकर कारण अंतरराष्ट्रीय बजारमे कच्चा तेल केर दाममे बढ़ोतरी कहि रहल छथि। अचानक एना किएक नितदिन 40 -50 पाय बढय लागल? कर्नाटक चुनावक प्रचार कालमे सान्दर्भित संस्था कि मलेमासक छुट्टीमे चलि गेल छलाह ,की दुर्गापूजा आ छठी पर्व मनाब’ चलि गेल छलाह? एहि पूरा मामला पर विस्तार स प्रस्तुत अछि स्तंंभकार रामबाबू झाक इ आलेख – समदिया
पेट्रोल -डीजल सँ सभसँ बेसी मध्यम वर्गीय पीसल जा रहल अछि। रोजी-रोटी, शिक्षा, स्वास्थ, सुरक्षा, महगाई सभ एहन विषय अछि जाहिसँ आमजन नितदिन दु चारि होयत रहैत अछि मुदा ताहि पर बात करबा लेल नेता जी बाम दहिन ताक’ लगैत अछि आ मूल मुद्दासँ भटकेबाक लेल हिन्दू-मुसलमान ( खतरेमे) भारत-पाकिस्तान पर उत्तेजक विमर्श आदि इत्यादि फालतुके राग अलाप’ लगैत अछि।  पेट्रोल -डीजल क सन्दर्भमे मीडियाक सबालकें जबाबमे शाह जी तेलमे भ’ रहल खेल लेल मीडिया केर जिम्मेदार कहि अपन हाथ धो लेलक। मुदा पुरान किछु सरकारी आंकड़ा सँ अहि खेलकें एतय बुझबाक प्रयास करैत छी।
साल 2011 मे जखन मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री छलाह तखन कच्चा तेलक दाम $118.64 डॉलर प्रति बैरल छल आओर दिल्लीमे पेट्रोलकें दाम 58.37 रुपैया छल। साल 2014 मे जखन मोदी प्रधानमंत्री बनलाह तखन कच्चा तेलक दाम $106.85 डॉलर प्रति बैरल तखन दिल्लीमे पेट्रोलकें दाम 71.41 रुपैया छल। किछु आरो पछाति ल क चलैत छी, साल 2008 मे जखन मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री छलाह तखन कच्चा तेलक दाम $145 डॉलर प्रति बैरल छल तखन दिल्लीमे पेट्रोलकें दाम 50.01 छल। जखन कि साल 2015 मे मोदी प्रधानमंत्री छलाह आ कच्चा तेलक दाम $40.62 प्रति बैरल छल तखन दिल्लीमे पेट्रोलकें दाम 60.48 छल। $104 डॉलर प्रति बैरल सस्ता भेटलाक बादो 10 रुपैया पेट्रोल महँगा भेटैत छल।
स्मृतिमे अबैत अछि चुनावी सभाके सम्बोधित करैत सरकार अपन भाग्य केर चमत्कार कहि अपन पिट्ठी थपथपबैत नहि थकैत छलाह। सबाल एतय ई अछि की जतय $100 डॉलर पार कएलाक बादो मनमोहन सरकार आम आदमी पर भार नहि दS दोसर उपाय करैत छलाह। वर्तमानमे मात्र $80 डॉलर प्रति बैरल अंतरराष्ट्रीय बजारमे कच्चा तेलक दाम पर खरीद कS आम आदमी केर खून पिब’ पर उतारू भेल अछि। जखन मनमोहन $115 डॉलर प्रति बैरल पर ख़रीदकS जे आम आदमी लेल कS सकलाह से मोदी $80 पर किएक नहि कS पाबि रहल अछि। सबाल ई अछि जे पेट्रोल ₹85 रुपैया के’ पार किएल भागल जा रहल अछि।
चलु किछु उदाहरण देखबाक प्रयास करैत छी- अंतरराष्ट्रीय बजारमे कच्चा तेलक दाम $80 डॉलर प्रति बैरल अछि। डॉलर केर दाम अछि ₹68 रुपैया। अहि तरहे कच्चा तेलक दाम 80×68= 5440 भेल आ एक बैरल मे 159 लीटर होयत अछि। एकर मतलब एल लीटर कच्चा तेलक दाम 34.21 भेल। विदेश सँ भारतके रिफाइनरी इकाई धरि आ ततपश्चात पेट्रोल पंप धरि पहुँचय मे  किछु खरचा होयत अछि जे अहि प्रकार अछि जेना एंट्री टैक्स, रिफाइनरी प्रोसेसिंग, लैंडिंग कॉस्ट आ मार्जिन समेत कुल लागत 3.68 रुपैया होयत अछि। आ तखन पेट्रोलकें दाम 37.89 रुपैया भ’ जाएत अछि। ततपश्चात तेल कम्पनीक मार्जिन ढुलाई आ भाड़ाक खर्च जकर लागत 3.32 रुपैया  होयत अछि आब पेट्रोलकें दाम 41.21 रुपैया भेल। एकर बाद केंद्र सरकारकें  एक्साइज टैक्स जुड़ितहि दाममे आगि लगि जाएत अछि जे 19.48 रुपैया होयत अछि। आब पेट्रोलकें दाम 60.69 रुपैया तकर बाद डीलर केर दलाली 3.59 रुपैया जुड़ि जाएत अछि। आब पेट्रोलकें दाम 64.18 रुपैया भेल। तकराबाद राज्य सरकार मनमाफिक तरीकाक वैटस आ प्रदूषण सेस लगबैत अछि जे 25 प्रतिशत सँ लSक 35 प्रतिशत धरि पहुँच जाएत अछि। अहि तरहे पेट्रोलकें दाम 80 केर पार पहुँच जाएत अछि।
आश्चर्यजनक गप्प ई अछि जे जखन अंतरराष्ट्रीय बजारमे कचचा तेलक दाम बहुत कम छलै तखनहुँ ओ आम आदमीक लेल नहि सोचलक आ एक्साइज टैक्स सँ दाम बढाकS आमजन केर विकासकें नाम पर खून चुसैत रहल। टैक्स केर दाममे अप्रत्याशित बढ़ोतरी आंकड़ा देखि चौंकि सकैत छी। साल 2013 मे डीलर केर दलाली 1.79 रुपैया प्रति लीटर छल से 2018 में बढिकय 3.66 रुपैया भ’ गेल जे सीधे 102 प्रतिशत। साल 2013 मे राज्य सरकारक टैक्स 12.68 रुपैया प्रति लीटर छल से साल 2018 मे बढिकय 16.29 रुपैया प्रति लीटर मतलब सीधे 28 प्रतिशत केर छलाँग। साल 2013 मे केंद्र सरकार ₹9.48 रुपैया प्रति लीटर टैक्स लैत छल से साल 2018 मे बढिकय 19.49 रुपैया भ’ गेल मतलब सीधे 105 प्रतिशत केर छलाँग।
साल 2014-15 मे तेलक खेल सँ आमदनी 1.72,066 करोड़, 2015-16 मे 2,58,442 करोड़, 2016-17 मे 3,34,533 करोड़, 2017- सँ एखन धरि मे 2,30,807 करोड़ । मतलब सरकार चारि सालमे  9,95,848 करोड़ कमा चुकल अछि। अहि खेलमे सरकारक संगहि तेल कम्पनी सेहो हजारो करोड़ कमाई कS अपन जेब भरि चुकल अछि। अहि बीच आईओसी केर वित्त वर्ष 2018 केर चौथा तिमाही रिपोट आएल। अहि मोताबिक कम्पनी 5,218 करोड़ केर आमदनी सँग 40 प्रतिशत केर छलाँग लगेलक। अहिसँ सोचि सकैत छी जे तेल कम्पनी सेहो हजारो करोड़क कमाई कएलक। 2017 केर चौथा तिमाहिमे तेल कम्पनी केर 3720 करोड़क फायदा भेल छल। आब सरकारकें एहन विकल्प खोजबाक चाहि जाहिसँ आगि लागल पेट्रोलकें दाम सँ लोककेँ शीतलता भेटैए।

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