दरभंगा । शारदीय नवरात्र 28 सितंबर बुधवार स शुरू भ रहल अछि। महालया 27 क भोर मे अछि। एहि बेर हथिया नक्षत्र मे नवरात्र प्रारंभ भ रहल अछि। शक्ति क अधिष्ठात्री देवी भगवती दुर्गा क आगमन आ प्रस्थान एहि बेर दूनू शुभ फलदायक अछि। कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विवि पंचांग क संपादक पं. रामचंद्र झा क अनुसार एहि साल भगवती नौका पर आबि रहल छथि। एकर मतलब अछि जे एहि बेर सर्व सिद्धिप्रद योग बनैत अछि। ओतहि भगवती क वापसी नर वाहन पर होएत। एकर फलाफल सेहो शुभ आ सुख कारक अछि। उल्लेखनीय अछि जे भगवती क आगमन आ प्रस्थान क वाहन क फल देश जन पर सीधा असर करैत अछि। एहि लेल लोक शुभ फलदायक वाहन स भगवती क आगमन आ प्रस्थान क मन स विनती करैत रहैत अछि। एहि लिहाज स एहि साल दूनू स्थिति शुभ कारक अछि। ओ कहला जे एहि बेर पंचमी तिथि क क्षय होएत, कारण चार आ पांच पूजा एक अक्तूओबर शनिदिन होएत। एहि कारण स नवरात्र नौ दिन क नहि भ कए आठ दिनक होएत। महाअष्टमी 4 अक्तू बर, महानवमी 5 अक्तूबर आ विजयादशमी 6 अक्तू बर कए होएत। निशा पूजा महाअष्टमी क राति मे कैल जाएत। श्री झा क अनुसार काल गणना क आधार पर एहि साल कलश स्थापना लेल शुभ मुहूर्त प्रात काल 6 बजे स 9 बजे तक आ 10.30 स दुपहरि 12 बजे तक अछि। 9 बजे क बाद आ 10.30 स पहिने अधपहरा अछि ताहि कारण स इ संकल्प लेल शुभ नहि अछि। एहि प्रकार स विजया दशमी क दिन 6 अक्तूबर कए जयंती काटबाक लेल मुहूर्त दुपहरि 12 बजे स पूर्व तक शुभ अछि। श्री झा ने इस मुहूर्त मे पूजन आरंभ आ समापन करबा लेल कहला अछि। कारण इ जे एकर प्रभाव देश आ समाज कल्याण पर पड़ैत अछि।
भगवती क आगमन आ प्रस्थान दूनू शुभ
Published: September 26, 2011Posted in: चित्रालय

ॐ सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके शरण्ये त्रयम्बके गौरी नारायणी नमोस्तुते !
dhanybad ,puja ke thithi ke ke sandarrbh me bristit jankari samast mitra mandal me pahucheybak lel