फरक्का बराजक कारणे बिहार मे अबैत अछि हरेक साल बाढ़ि

पटना । विशेषज्ञ लोकिन सीएम नीतीश कुमारक ओहि बातक समर्थन केलनि अछि जाहि में सीएम नीतीश कुमार कहने छलाह जे फरक्का बराजक कारणे गंगा नदी मे जलप्रवाह घटल अछि आ थाल बढ़ल अछि । विशेषज्ञ लोकिनक अनुसार तुरंत एकर समीक्षा कयल जेबाक चाही। मैग्‍सेसे पुरस्कार सं सम्मानित आ जलपुरुषक नाम सं चर्चित राजेंद्र सिंह फरक्का बराज कए हटेबाक बात कहैत कहलनि जे एखन तक कए अध्ययनक अनुसार फरक्का बिहारक लेल अशुभ अछि । ई एकटा अभिशाप अछि । जेकरा हटेबाक आवश्यकता अछि । हुनका अनुसारे जा धरि एकरा नहि हटाओल जायत ता धरि हमरा लोकनि आगा नहि बढि सकैत छी ।

बिहार जल संसाधन विभाग द्वारा अविरल गंगा पर आयोजित एकटा अंतरराष्ट्रीय सेमिनार कए संबोधित करैत श्री सिंह कहलनि जे हमरा लोकनि एखन धरि फरक्का बराजक इंजीनियरिंग आ तकनीकी पक्ष पर बहुत रास चर्चा केलोंउ । मुदा एकर दोसर पक्ष अर्थात पयार्वरण, सांस्कतिक, प्राकतिक आ अध्यात्मिक पहलू पर चर्चा सेहो कैल जेबाक आवश्यकता अछि ।

सेमिनार कए संबोधित करैत पयार्वरण विशेषज्ञ हिमांशु ठक्कर सेहो कहलनि जे 42 साल पुरान फरक्का बराजक तुरंत समीक्षा कएल जेबाक चाही । समर्थन करैत ओ दावा केलनि जे ई बराज सिंचाई, पनबिजली आ जलापूर्ति सहित अन्य उद्देश्यक पूर्ति करबा मे असफल रहल अछि। अमेरिका मे हरेक 20 साल पर बराजक समीक्षा कयल जाएत अछि ।

ठक्कर नई दिल्ली स्थित नदी आ डैम, नदी आ जनताक दक्षिण ऐशिया नेटवर्कक संयोजक छथि । ओ कहलिन जे फरक्का बराज कए कोलकाता बंदरगाह स जहाजक परिचालन कए बना रखबा लेल कयल गेल छल ।

श्री ठक्कर कहलनि जे फरक्का बराजक कारणे बिहार मे बाढि आर बसी प्रचंड बनि गेल अछि । एकरा रहैत गंगाक अविरल प्रवाह संभव नहि अछि । मानसूनक समय बिहार मे बाढिक समस्याक निदान लेल फरक्का बांध कए खोलबाक सुझाव देलनि ।

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