पटना मे शहरक कचरा स बनत बिजली

हिमाचल प्रदेश बहुत पहिने से कचरा स बिजली उत्‍पादन कए रहल अछि । एहि कड़ी मे आब बिहारक नाम सेहो जुड़ि गेल । मल्टीनेशनल कंपनी एजी डाटर्स वेस्ट प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड सरकार संग कचरा स बिजली उत्‍पादन करबाक करार केने अछि । आब बिजली ग्रीड पर बोझ कम पड़त ।

पटना । मल्टीनेशनल कंपनी एजी डाटर्स वेस्ट प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड कचरा क उपयोग बिजली, डीजल आ कुकिंग गैस उत्पादन लेल करत। एहि हेतु ठोस कचरा प्रबंधन क अंतर्गत रामाचक बैरिया मे प्लांट लगाओल जायत।
प्लांट लेल नगर निगम अपन ५ से.७ एकड़ जमीन लीज पर देत। एक मास क सर्वे  क पश्चात निगम एहि य़ोजना कए हरी झंडी देत। कंपनी २४०० करोड़ टाका एहि योजना पर निवेश करत। निगम क्षेत्र से कंपनी नित्य ७०० मिट्रिक टन कचरा.प्राप्त करत जेकरा डंपिग यार्ड मे नव पुरान  दुूनू कचरा के प्रोसेसिंग पश्चात ३०० मेगावाट बिजली डआ ईंधन क उ त्पादन करत ।प्लांट से निकलै बाला धुआँ कार्बन रहित रहला क कारणेँ  वातावरण पर कोनो तरहक प्रदूषण क प्रभाव नहि पड़त।
कचरा से बिजली उत्पादन क प्रयास पहिनो भेल छल जे सफल नहि भेल।दस वर्ष से अधिक समय लगला क.बादो योजना असफल रहल। बुडको द्वारा चुनल गेल ग्रीन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड पी पी पी मोड पर काज शुरू कएलक।कचरा.क अधिक मात्रा पर एजेंसी कए पेमेंट करबाक शर्त पर टेंडर देल गेलैक । बाद मे फुलवारी शरीफ आ दानापुर क कचरा सेहो रामाचके मे डंप कएल जाए लागल ।
अन्ततः नगर विकास मंत्री एजेंसी क एकरारनामा रद्द कए देलन्हि। कंपनी  शहर क कचरा एकत्र करबा हेतु पाँच छ वार्ड मे ट्रांसफार्मर स्टेशन बनाओत जतए सँ कचरा काम्पैक्ट क बैरिया पठाओल जायत। मेयर सीता साहू बजलीह जे कंपनी कए प्रोजेक्ट पूरा करबा लेल एक वर्ष क समय देल जायत।

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