डीडी बिहार पर भारत एक खोज आब मैथिली में

मैथिली कथावाचक क भ रहल रिकार्डिंग

चर्चित बाल कथा क शुरु भेल मैथिली अनुवाद

पटना । मैथिली भाषा पर बहुत रास काज भ रहल अछि। पिछला मास मैथिली सिनेमा मिथिला मखान कए पहिल बेर क्षेत्रीय भाषा श्रेणी मे राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार स सम्मानित कैल गेल। मैथिली मे आजुक तारीख मे नव नव काज बहुत भ रहल अछि। एक संगे एतबा रास काज पूर्व मे देखबा लेल कम भेटल। इ काज विभिन्न स्तर आ विभिन्न समूह क माध्यम से शुरु कैल गेल अछि। नाटक, फिल्म, टीवी, रेडियो, अनुवाद आ साहित्य..भारतीष भाषा मंच पर नहि बल्कि विश्व भाषा मंच पर आइ मैथिली अपन उपस्थिति दर्ज करा रहल अछि। इसमाद कए भेटल जानकारीक अनुसार दूरदर्शन बिहार पर रविदिन 11 बजे स जवाहर लाल नेहरू रचित श्याम बेनेगल क कृति भारत एक खोज मैथिली मे डव भ प्रसारित भ रहल अछि। एकर डविंग सेहो पटना मे भ रहल अछि आ एहि माध्यम स एहि क्षेत्र मे कई गोटे कए नव अनुभव भेट रहल अछि। एहि एकटा सीरियल स मैथिली क करीब दू दर्जन वाचक कए रोजगार भेट रहल अछि। एहि प्रकार स प्रसिद्ध बाल कथा सबहक सेहो हिंदी बुक ट्रस्ट मैथिली में अनुवाद करा रहल अछि। अंग्रेजी समेत कईटा भाषाक प्रसिद्ध बाल पोथी एहि प्रकार स मैथिली मे नैना लोकनि कए उपलब्ध भ सकत। इ परियोजना सेहो अपन अंतिम चरण मे अछि। प्रसिद्ध मंचकर्मी कमलाकांत झा क शब्द में कहबाक कला होइत छै, गढबाक कला होइत छै…। एहन मे मैथिली लोककथा कए लोकवाचक क आवाज मे रिकार्डिंग करबाक एकटा योजना सेहो जमीन पर उतरल अछि। इ योजना एकटा अंतरराष्ट्रीय संस्थाक माध्यम स शुरु कैल गेल अछि।

पायलट प्रोजेक्ट क तहत एखन धरि छह गोट लोककथा वाचक क मुंह स कथा क रिकार्डिंग भ चुकल अछि। एकरा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत कैल जायत। अनुवादक क्षेत्र में मैथिली क मजबूत उपस्थितिक एकटा आर  डेग उदय भानू सिंह नचिकेताक नेतृत्व मे भ रहल कर्नाटक क प्रसिद्ध डाक वचन क अनुवाद अछि। एकरा लेल कुल नौ गोट मैथिली अनुवादक क समूह बनल अछि आ आनलाइन अनुवाद क काज चलि रहल अछि। एहि डाक वचन क अनुवाद क मैथिली भारत क ओहि भाषा समूह में शामिल भ जायत, जेकरा समृद्ध और पुरातन भाषाक श्रेणी मे राखल जाइत अछि।  मैथिली स आन भाषा मे आ आन भाषा क कृति मैथिली मे अनुवाद भेला स मैथिली क पाठक मे बढोतरी होएत, ओतहि मैथिली साहित्य स आन भाषाक पाठक परिचित भ सकत। इ आदान प्रदान दूनू भाषा लेल लाभदायक रहत। देखबाक चाही शुरू भेल इ प्रयास कितबा परंपरा मे बदलैत अछि।

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4 टिप्पणी

  1. maithili bhashhak rashtriye star per prachaar-prasar hebak chahi ahi ke lel mithila ke harek chhetra me samriddh banay parat.tahi ke lel otay rojgarak vyavashtha karay ke lel awaz uthabay parat. sugar mills bihar me 25 saal saon band paral achhi. lekin akra bare me ne sarkar aa ne janta dwara awaz uthi rahal achhi.jakhan ki mills chalu bhela saon gaon ke kisan avam janta dono khush-haal bha jayat aur harek chhetra me tarakki ke rasta apne aap khuji jayat.kripya sab saon nivedan je sugar mill chalebak lel akatrit bha sarkar ke khilap andolan chherbak prayas kail jay. dhanyavad. b.jha

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