टटका समाद
अहाँक विज्ञापन
अहाँ कहलहुँ
- दयाकांत: Aadarniya Tarakant Jhajee apnek suchna awam prasaran matri se je manga kelhu o bahut jaruri achhi ekra te...
- Krishna Mohan Jha: पहिल बेर समादक अंक देखलँहु,बड्ड नीक लागल। बधाइ! अहाँ सभ बहुत सार्थक काज क रहल छी।
- Ram sufal shah: hi mithila basi jab hamara nepal ke raja badail gel rajake kanun sab badaigel ta rajtantar badailgel...
- सुनील झा: समादक मुख्य ध्येय थिक बिहारक सम्बन्ध में नीक खबरि देब. आब यदि ओहि में नीतीशक नाम बेर बेर आबैत छन्हि तऽ ओहि...
- रजनीश के झा: आहंक पत्रिका समाचार और विचार सय इतर बिहारक अन्य अखबारक भांति नितीश चालीसा बनल जा रहल थीक विकाश केर गाथा...
विचार Archive
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सुधार क बाट पर बिहार
बिहार बदलि रहल अछि। इ समाद एखन धरि बिहार स आबि रहल छल, मुदा पहिल बेर इ शंखनाद दिल्ली स... -
कोना बदलल तीने महीना मे मतदाता क मूड!
सुरेन्द्र किशोर जी बिहारक विकास लेल चिंतित रहैत छथि। समय-समय पर ओ अपन चिंता कलम स लिखैत रहला अछि। हिन्दुस्तान... -
बीमारू नहि रहल बिहार
एसोचेम परसर्च ब्यूरोक रिपोर्ट क अनुसार बिहार 100 फीसदीक विकासक संग आगू बढि़ रहल अछि इ आलेख उत्तर भारतक एकटा एहन...
