फीचर

पर्यटक क बाट तकैत दरभंगाक माटी

दरभंगा। अपन सांस्कृतिक विशेषता क लेल ख्यात मिथिला क राजधानी दरभंगा मे पर्यटन क अपार संभावना छै। हालांकि एखन जिला मे एहि दृष्टि स केवल दूटा स्थल क विकास क दिशा मे काज भ...

आन्हर क रोल करब चुनौती छल: श्रृति झा

अंग्रेजी साहित्य क पढ़ाई आ थियेटर करैत-करैत कखन सीरियल करै लगलथि इ श्रृति कए पता नहि चलल। ‘धूम मचाओ धूम’, ‘जिया जले’, ‘ज्योति’ आओर ‘शौर्य आ सुहानी’ सन सीरियल मे काज करि छोट पर्दा...

भेटत लोकक स्नेह अछि पूरा विश्वास: आनंद देव

मुंबई । ककरो यदि बिना कोनो अभिनय अनुभव कए फिल्म मे काज करबाक मौका भेट जाए त एकरा की कहल जा सकैत अछि? शायद एकरे किस्मत या भाग्यवाला कहल जा सकैत अछि। बिहार क...

जन्म आ मृत्यु क बीच क बाट मात्र नहि अछि जीवन

पिछला छह साल स बिछान पर पडल युवा पत्रकार हिमकर श्याम जीवन क परिभाषा तकबा मे लागल छथि, गंभीर बीमारी स जूझि रहल आ पत्रकारिता स दूर भ चुकल हिमकर कए जखन छह साल...
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वाटर हार्वेस्टिंग तकनीक क गुरु अछि बिहार

पटना । जल संसाधन विकास अभियांत्रिकी क आधुनिक वैज्ञानिक सिद्धांत मे रेनवाटर हार्वेस्टिंग क माडल आ ओकर प्रक्रिया चाहे जे हुए, मुदा वर्षा जल संचयन क संग-संग बाढ जल संचयन क क्षेत्र मे बिहार...

बदलल रस्म ओ रिवाज, हरा गेल डोली-कहार

मधुबनी। चलो रे डोली उठाओ कहार..गीत आब केवल ब्याह दिन बैंड पर बजैत अछि। आधुनिक युग मे मिथिला मे आएल सांस्कृतिक पतनक कारण आब कोनो दुहारि स डोली नहि उठैत अछि। धनीक स...
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रेणु क दुनिया- जेकर बिना हमसब आधे छी..

रेणुक पुण्यतिथि 11 अप्रैल, 1977 पर पत्रकार गिरिंद्र नाथ झाक विशेष आलेख 'कई बार चाहा कि, त्रिलोचन से पूछूँ- आप कभी पूर्णिया जिला की ओर किसी भी हैसियत से, किसी कबिराहा-मठ पर गये हैं? किन्तु...
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