"बालोऽहं जगदानन्द ! न मे बाला सरस्वती । अपूर्णे पञ्चमे वर्षे वर्णयामि जगत्त्रयम् ॥" अर्थात हे जगतपति, हम बालक अवश्‍य छी मुदा हमर सरस्‍वती बालिका नहि छथि, हमर बैस एखन पांच साल क नहि भेल अछि, मुदा हम जगत क वर्णन करि सकैत छी- शंकर मिश्र क अनमोल बचन

ई पेपर Archive

  • न दान, न भीख, चाही बस मजदूरी

    न दान, न भीख, चाही बस मजदूरी

    इ समाचार नहि विज्ञापन छी। ताहि लेल भाषा सेहो हिंदी आ अंग्रेजी राखल गेल अछि। एहन अनुरोध पत्र लिखबाक अनुभव...

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  • Hajir chhi hum ( We have arrived)

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    छह टा मैथिल महिलाक प्रयास स निकलि रहल समाद ई-पेपरक संबंध मे विभिन्न पत्र-पत्रिका मे खूब छपल। लोकक स्नेह रहल...

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  • इ-पेपर क ताजा आ पुरान अंक

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    पिछला कई साल स समाद परिवार मैथिली मे पहिल इ-पेपर निकालि रहल अछि। समाद क इ-पेपर क पुरान अंक पढ़वा...

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