7.5 करोड़ दिव्यांग आ 1.6 करोड़ अनिवासी मतदाता कए बूथ तक आनत चुनाव आयोग

अनिवासी भारतीय आ दिव्यांग सबहक 9 करोड़ वोट पाबय के लेल कवायद शुरु

एहि बेर घोषणा पत्र में हिनका सबके विशेष महत्व देबाक तैयारी

14 नव श्रेणी जोड़बाक बाद 5 करोड़ सँ बढ़िकय करीब 7.5 करोड़ भेलाह दिव्यांग मतदाता

मणिभूषण राजू

नई दिल्ली । चुनाव आयोग देश आ विदेश में बसल सब भारतीय मतदाता के पोलिंग बूथ पर आनय के तैयारी में अछि। एहि में दू खास श्रेणी के वोटर सबके 2019 में महत्वपूर्ण भूमिका रहत। ई छथि दिव्यांगजन आ विदेश में बसल भारतीय मतदाता, जिनका प्रॉक्सी वोटिंग के अधिकार भेटय जा रहल अछि। अर्थात ओ बिना देश में एने वोट कय सकय छथि। हिनक संख्या करीब 1.6 करोड़ अछि जखन कि दिव्यांगजन के संख्या करीब 7.5 करोड़ अछि। ई देश के 90 करोड़ वोटर के लगभग 10% अछि। देश में नव बनल 8 करोड़ वोटर के बाद ई सबसँ पैघ वर्ग अछि। एहि कारणे सब पार्टी एहि वोट बैंक के रिझाबय के तैयारी में जुटि गेल अछि। एहि वर्ग के बूथ तक पहुँचाबय लेल चुनाव आयोग हाल में राज्य सबसँ चर्चा कयने छल। एहि लेल दिव्यांग मतदाता के देल जा सकय वला सबसँ नीक सुविधा के बारे में विचार देबय लेल कहल गेल छल। एहि के बाद 30 राज्य के चुनाव अधिकारी सबकें दिल्ली बजाकय चर्चा कयल गेल। दिव्यांगजन के बीच काज करयवला संगठन आ विशेषज्ञ के सेहो एहि परिचर्चा में शामिल कयल गेल छल। एहि अभियान सँ जुड़ल शिमला स्थित उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष अजय श्रीवास्तव कहलथि कि दिव्यांग वोटर हेतु अलग सँ वाहन सबके व्यवस्था के सेहो प्रस्ताव अछि। नव टेक्नोलॉजी के सेहो सहयोग लेल जायत। मसलन, चुनाव अधिकारी साईन लैंग्वेज नहि जानय छथि, एहन में विडिओ कॉल के जरिए राज्य मुख्यालय में साईन लैंग्वेज एक्सपर्ट बैसाबय पर विचार भय रहल अछि जे एहि वोटर सबसँ बात कय पूरा प्रक्रिया समझा सकथि।

एना वोट डालि सकता विदेश में बसल भारतीय
संसद पछिला मानसून सत्र में लोकसभा में विदेश में बसल भारतीय सबसँ जुड़ल एकटा बिल पास कयने छल। एहि के तहत ओ अपन वोट कोनो निकट रिस्तेदार के माध्यम सँ अपन मोनक बात बताकय डालि सकय छथि। एहिपर चुनाव आयोग सब राष्ट्रीय दल सँ चर्चा कयने छल मुदा भाजपा छोड़ि कियो समर्थन नहिं कयलक। बाकी सब दल के एतराज एहि बात पर छल कि प्राक्सी वोटिंग के जरिया सँ एनआरआई के मोनक हिसाब सँ वोट नहिं पड़ि सकत आ जिनका प्रॉक्सी भेटतनि ओ अपन मनमानी कय सकय छथि। हालांकि चुनाव आयोग प्रॉक्सी के माध्यम सँ मतदान सुनिश्चित करय के तरीका ताकि रहल अछि।

भाजपा के एहि पर पाँच साल सँ निगाह अछि
* भाजपा पाँच साल सँ अनिवासी आ दिव्यांगजन के वोट पर नजर रखने अछि। सरकारी स्तर पर सेहो बहुत बढ़ावा देल गेल अछि दिव्यांगजन के। पछिला 4 साल में 7720 कैम्प लागल जहिमें 11 लाख सँ बेसी दिव्यांग के फायदा पहुँचल।
* ई-लर्निंग के मदद सँ विशेष छात्र सबकें ‘इन-होम’ सुविधा, सरकारी योजना सबकेलेल वेव बेस्ड डिसेबिलिटी रजिस्ट्रेशन, इमारत आ ट्रांसपोर्ट सबमें आसानी आ सुविधा के लेल नीक कदम उठाओल गेल।
* प्रधानमंत्री करीब 70 सँ बेसी देश में यात्रा कय ओतय के भारतीय सबसँ जुडय के प्रयास करैत छलथि। एहि सँ भाजपा के मदद भेटय के उम्मीद अछि।

काँग्रेस आब बुझलक अहमियत
* काँग्रेस 2014 के घोषणापत्र में दिव्यांग वर्ग के खास महत्व नहि देलक, हिनका सबलेल कोनो योजना सेहो नहिं छल पछिला सरकार लग। लेकिन आब 9 करोड़ वोटर के अहमियत बुझि रहल छथि। सूत्र के अनुसार काँग्रेस दिव्यांग सबलेल अनेको योजना के वादा करत।
* एहि नव वोट बैंक के दिमाग में रखैत पार्टी अध्यक्ष राहुल गाँधी विदेश रैली में ध्यान देनाई शुरु कयलनि। जर्मनी आ ब्रिटेन यात्रा एहि के कड़ी अछि। सब जगह जाकय राहुल ओतय के भारतीय सबसँ जुड़बाक प्रयास कय रहल छथि।

एहि कारण बढ़लथि दिव्यांग मतदाता
भाजपा 2014 के चुनाव के दौरान ‘राइट आफ पर्सन्स विद डिसेबिलिटी बिल’ के वादा कयने छल आ ओकरा पूरा सेहो कयलक। एहिमें 14 प्रकार के कमी के दिव्यांग मानल गेल जबकि पहिले ई मात्र 7 प्रकार छल। एहि सँ दिव्यांगजन के श्रेणी बढ़िकय 21 भय गेल आ एहि श्रेणीक वोटर्स के संख्या बढ़ि गेल।

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