65 दिन मे 55 मील पटरी बिछा देने छल तिरहुत रेलवे : डीआरएम

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सावित्री कुमरी
पटना । समस्तीपुर मंडल क डीआरएम आरके जैन कहला अछि जे उत्तर बिहार मे रेलवे क शुरुआत करबाक श्रेय दरभंगा राज कए जाइत अछि। एहि ठामक तत्कालीन महाराज अपन रियासत क विकास लेल रेलवे चलेबाक
निर्णय लेलथि आ रेलवे लेल जाहि ठाम जेतबा जमीनक आवश्‍यकता भेल उपलब्‍ध करौलथि। श्री जैन कहला जे ओहि समय में रेलवे छोट-छोट कंपनी चलबैत छल आ एहि इलाका मे तिरहुत रेलवे नामक कंपनी रेलवे क परिचालन करैत छल, जेकर बाद मे भारत सरकार अधिग्रहण क
पूर्वोत्तर रेलवे मे समाहित क देलक।
श्री जैन गुरुवार कए इसमाद फाउंडेशन दिस स आयोजित आचार्य रमानाथ झा हैरिटेज सीरीज क तहत दरभंगा क गांधी सदन में कृष्ण प्रसाद बैरोलिया मेमोरियल लेक्चर द रहल छलाह। आजादी स पूर्व मिथिलाक विकास मे रेलवे क योगदान पर व्‍यख्‍यान दैत श्री जैन कहला जे महाराज क प्रयास स 18 फरवरी, 1874 कए पटना जिला क बाढ़ स दरभंगा तक 55 मील रेल लाइन बिछेबाक शुरुआत भेल। इ काम 15 अप्रैल 1874 कए पूरा क लेल गेल।
एहि रेल लाइन कए बनेबाक जिम्‍मा रेल इंजीनियर एरफेस स्ट्रेंटम ने देल गेल छल। श्री जैन कहला जे भारतीय रेलवे क इतिहास मे दरभंगा तक रेल इंजन पहुंचबाक गति एकटा रिकार्ड अछि और आजुक दिन सेहो रेलवे क दुनिया मे ओकरा गुड वर्क नहि बल्कि गॉड वर्क कहल जाइत अछि। एकर पाछु कारण इ अछि जे एतबा तेज गति स एहि ठाम काज भेल छल
जेकर कल्‍पना तक आजुक समय मे संभव नहि अछि। श्री जैन कहला जे 10 फरवरी 1874 कए विस्टर्न स्टिंग्सन लग एकटा पत्र आयल, जाहि मे लिखल छल जे ओ अपन इंजीनियर्स, घोड़ा, मजदूर आ बाकी सामान क संग बाढ़ पहुंचू। अहां कए 44 माइल लंबा वाजितपुर दरभंगा रेलखंड क निर्माण करबाक अछि। विस्टर्न स्टिंग्सन अगिला दिन सब अधिकारी क संग बाढ़ पहुंचलाह। 19 फरवरी कए सबटा सामान पहुंचल। मिस्टर स्टिंग्सन एलाइन्‍मेंट करैत गेलाह हुनकर पाछु करीब करीब 1000 स बेसी मजदूर
पटरी बिछबैत गेल। जखन पटरी नदी तक पहुंचल तखन एहसास भेल जे आगू 4 स 5टा पैघ नदी अछि जाहि पर पुल चाही। सेपर्स क दूटा कंपनी कए अगिला चार दिन क अंदर पहुंचबा लेल कहल गेल। ब्रिज क निर्माण कार्य शुरू भेल। रेल इतिहास मे पहिल बेर रिकॉर्ड समय में 15 अप्रैल 1874 कए पहिल इंजन दरभंगा पहुंचल। विश्‍व रेल क इतिहास मे 65 दिन मे 55 माइल रेलखंड क निर्माण एकटा रिकार्ड अछि जेकरा तोडब त दूर आजुक
तारीख मे सोचब तक मुश्किल अछि।
श्री जैन कहला जे मिथिला क ओहि शहरक विकास तेजी स भेल जे पटरीक बगल मे छल आ ओ शहर विकास क मामला मे पछुआ गेल जेकर बगल स पटरी नहि गुजरल। ओ कहला जे आजुक दिन समस्तीपुर रेलमंडल 1200
किमी रेल मे फैलल अछि। समस्तीपुर रेलमंडल में प्रतिदिन 50 हजार मैट्रिक टन क माल ढुलाई होइत अछि। साल भर मे करीब 4 स 5 करोड़ यात्री सफर करैत अछि।
एहि व्याख्यान क उद्घाटन ललित नारायण मिथिला विवि क कुलपति प्रो. सुरेंद्र कुमार सिंह केलथि। ओ कहला जे मिथिलाक महाराजा विकासक प्रति जे सोच रखैत छलाह ओ रेल आ सडकक विकास स परिलक्षित होइत अछि।
कार्यक्रमक अध्‍यक्षता करैत अवकाश प्राप्त आईएएस अधिकारी गजानंद मिश्रा कहला जे अंग्रेज कईटा पुल क निर्माण गलत तरीका स केलक जाहि स मिथिला क कईटा नदी अपन मार्ग बदलबा लेल मजबूर भेल। फिलहाल रेलवे
इतिहास क गलती कए न दोहरबैत लंबा पुल क निर्माण करा रहल अछि समरोह मे रेलवे द्वारा कलर्स ऑफ मिथिला रेलवे जर्नी ऑफ द आर्ट क लोकार्पण भेल। एहि समरोह क संचालन संतोष कुमार केलथि जखनकि
धन्‍यवाद ज्ञापन अभय अमन सिंह देलथि। एहि मौका पर हिंदी के विभाग अध्यक्ष डॉ चंद्रभानु प्रताप सिंह, दूरस्थ शिक्षा के उपनिदेशक डॉ विजय कुमार, सहायक निदेशक डॉ शंभू प्रसाद मिल्लत कॉलेज क प्रधानाचार्य डॉ रहमतुल्ला, विधान परिषद् के अवकाश प्राप्त सेक्शन ऑफिसर रमन
दत्त झा, एमएलएसएम के प्रधानाचार्य विद्यानाथ झा, संगीत विभाग की बिभगाध्यक्ष लावण्या सिंह कृति काव्या आ दरभंगा सिटी की समस्त टीम अभिनव, मृत्युंजय, कादिर आ संतोष कुमार मौजूद छलाह।


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