4 हजार वर्दी भत्ता भेटत पुलिस कर्मीं कए

छपरा/सीवान। बिहार मे पुलिसकर्मी कए आब वर्दी भत्ता क रूप मे चार हजार टका अलग स भेटत, ताकि ओ अपन नाप क वर्दी पहनि सकथि। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार क कहब अछि जे एहि स बिहार पुलिस सेहो सेन्ट्रल पुलिस क भांति चुस्त दुरुस्त आ स्मार्ट देखबा मे आउत। छपरा पुलिस लाइन मे बिहार पुलिस मेंस एसोसिएशन क 19म अधिवेशन क उद्घाटन करैत मुख्यमंत्री कहला जे प्रदेश क पुलिस तंत्र आ जवान क दशा सुधारबाक प्रयास भ रहल अछि, किछु अधिकारीक लापरवाही क कारण एखन धरि अपेक्षित मुकाम तक नहि पहुंच सकलहुं अछि। ओ कहला जे पुलिस बल मे जवान क भारी कमी अछि, प्रति वर्ष बहाली क प्रक्रिया चलबाक चाही, मुदा दुर्भाग्य स इ नहि भ सकल अछि। बहाली क प्रक्रिया शुरू होइते अड़ंगा लागि जाइत अछि। ओ कहला जे पुलिस क ऊपर बहुत पैघ जिम्मेदारी होइत अछि। हम बुझैत छी जे संख्या बल कम अछि, बिहार मे एक लाख क आबादी पर करीब 70टा पुलिसकर्मी छथि जखन कि राष्ट्रीय आंकड़ा एक लाख पर 124 पुलिस बल क अछि। नीतीश कुमार कहला जे आब पुलिस कए छह महीना क लेल विराम भत्ता पूरा दर पर भेटत। प्रति वर्ष 25 लाख क राशि पुलिस सहायता कोष मे देल जाएत। पुलिस महानिदेशक नीलमणी कहला जे प्रतिकूल परिस्थिति बावजूद परिणाम सकारात्मक अछि। हमरा सब कए आओर सुविधा देल जाए त काज आओर ठीक होएत।
दोसर दिस सीवान क एकता इण्डोर स्टेडियम मे कार्यकर्ता कए संबोधित करैत नीतीश कुमार कहला जे ककरो परिवार क त ककरो कनियाक चिंता अछि, मुदा हमरा बिहार क चिंता अछि। नौ करोड़ जनता हमर परिवार छी आ बिहार सबटा बेटी हमर बेटी जेकां छी, जेकर पढाई स ल कए विवाह तक क चिंता हमरा अछि। नव बिहार विकसित भ रहल अछि, एकरा बनेबा लेल सब कए जुटब जरूरी अछि। बिखरल समाज स विकसित बिहार नहि बनत, अहांक सहयोग आ समर्थन भेटत तखने 2015 मे बिहार विकसित प्रदेश बनत, हम तखने आराम स बैसब।

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