इ पुरस्‍कार भारत रत्‍न स कम नहि : सामित मल्लिक

दरभंगा घराना क युवा गायक सामित कुमार मल्लिक लेल कोनो परिचय देबाक आवश्‍यकता नहि। पं विदुर मल्लिक क पौत्र आ पं रामकुमार मल्लिक क पुत्र सामित मल्लिक दरभंगा घराना कए अपनेबा संगहि एकरा आगू बढेबा मे सेहो लागल छथि। संगीत स हिनक प्रेम अदभुत अछि। सरकारी नौकरी क बावजूद इ रियाज लेल समय निकाली लैत छथि। बिहार शताब्‍दी समारोह मे हिनका पहिल रामचतुर मल्लिक युवा कला पुरस्‍कार स सम्‍मानित कैल गेल अछि। दरभंगा घराना क एहि उदयीमान गायक स इसमाद लेल विस्‍तार स गप केलथि अछि नीलू कुमारी सुनील कुमार झा। प्रस्‍तुत अछि ओहि गपशपक किछु खास अंश:-

प्रश्न – सबस पहिने त बिहार कला सम्मान लेल बहुत बहुत बधाई।
उत्तर – धन्यवाद, इ सम्मान अहां सबहक स्‍नेह आओर गुरुजनक आशीर्वाद क फल छी।

प्रश्न – अहां कए पहिल राम चतुर मल्लिक युवा पुरस्कार भेटल अछि, केहन लागल अपने परपितामह क नाम पर शुरू भेल पुरस्‍कार क पहिल पुरस्कार लैत।
उत्तर – की कही, हमरा लेल त इ पुरस्‍कार कोनो भारत रत्न स कम नहि अछि। ककरो लेल इ गर्व क गप होएत जे अपने पितामह क नाम पर शुरू भेल पुरस्‍कार क पहिल व्‍यक्ति बनब। इ त ओहि कुलक कोनो गायकक लेल गौरव क गप होएत।

प्रश्न – अहां कए त राष्ट्रपति पुरस्कार स सेहो सम्‍मानित कैल जा चुकल अछि।
उत्‍तर- हां, मुदा एहि पुरस्‍कार क तुलना नहि भ सकैत अछि। देश विदेश मे सम्मान भेटब अलग गप अछि। असल सम्मान तखन बुझाइत अछि जखन अहांक घर क मंच पर सम्‍मान भेटैत दैक सेहो पं रामचतुर मल्लिक क नाम पर शुरू भेल सम्‍मान। इ सम्‍मान जखन हमरा देल गेल त ओ पल हमरा लेल कोनो नैसर्गीक सुख स कम नहि छल।

प्रश्न – राष्ट्रपति पुरस्कार क अलावा अहां कए आओर कोन कोन पुरस्कार भेटल अछि।
उत्तर – 2004 मे आल इण्डिया रेडियो म्यूजिक कॉम्पिटिशन मे हमरा राष्ट्रपति पुरसकार भेटल, 2004-6 मे कला मंत्रालय स हमरा राष्ट्रीय पुरस्कार भेटल अछि।
किछु अन्‍य पुरस्‍कार मे-
बिहार राज्य अंतरराज्यीय तरंग उत्सव 2008 (दरभंगा ) – स्वर्ण पुरस्कार
३६वें अखिल भारतीय ध्रुपद मेला 2011 ( वाराणसी ) स्वर्ण पुरस्कार
राम चतुर मल्लिक युवा गायक पुरस्कार ( पटना )
राष्ट्रपति पुरस्कार ( नई दिल्ली ) – स्वर्ण

प्रश्न – अहां परिवार ध्रुपद क एकटा ध्रुप अछि, केहन संगीत आ नौकरी मे स कौन अहांक प्राथमिकता मे रहैत अछि।
उत्तर – सच कहू त हमसब संगीत लेल बनल छी, हमरा सब लेल संगीत सर्वोपरी अछि आओर हम बस अपन कर्तव्य क रहल छी। जहां धरि नौकरी क सवाल अछि त इ जरुरत कहि सकैत छी। ओना बच्‍चे स हमर सपना अपन दादा जी विदुर मल्लिक क जेकां एकटा महान संगीतज्ञ बनब छल।

प्रश्न – अहां आल इण्डिया रेडियो स बी हाई ग्रेड क गायक छी, नौकरी क संग रियाज कोना समय निकाली लैत छी।
उत्‍तर- उत्‍तर । जहां धरि रियाज गप अछि त ओ विरासत मे भेटल अछि। नौकरी स थोड बहुत समय रियाज लेल निकालि लैत छी, मुदा कहियो कहियो रियाज प्रभावित त होइत अछि।

प्रश्न – अहां कए कार्यक्रम लेल छुट्टी क समस्‍या नहि होइत अछि, कोना समय भेट जाइत अछि।
उत्‍तर। जहां धरि छुट्टी क सवाल अछि त इ एकटा पैघ समस्‍या अछि। एकर समावेश करबा लेल बहाना बनेबाक प्रयास करैत छी। सीक लीव अथवा विशेष लीव स छुट्टी ल कार्यक्रम मे जाइत छी। इ दुखद जरूर अछि मुदा की कैल जा सकैत छैक। रेलवे जेतबा खिलाडी सब कए प्रश्रय दैत अछि ओतबा कलाकार कए नहि दैत अछि। मुदा जेतबा दैत अछि हम ओतबे मे खुश छी।

प्रश्न – अहां संगीत क शिक्षा कतए आ केकरा स लेल ?
उत्तर – संगीत त हमर घर मे रचल बसल अछि। नैनपन स सुनैत आ सीखैत रहलहुं अछि, संगीत क सा रे गा मा त दादा जी पंडित विदुर मल्लिक आओर पिताजी पं राम कुमार मल्लिक स सीखबा लेल भेटल।

प्रश्न – अहां कए सुरमनी क ख़िताब स सेहो नवाजल जा चुकल अछि।
उत्तर – जी हां, 47म सुर श्रृंगार समसाद मुंबई मे भेल कर्यक्रम क दौरान 2008 मे हमरा इ सम्‍मान देल गेल छल। इ एटा नीक अनुभव छल।

प्रश्न – आब अहांक गायनक चाहनिहार कम नहि अछि, एहन मे किछु खास मंचक चर्च कैल जाए।
उत्तर – पॉप आ रैप क ज़माना मे सेहो शास्त्रीय संगीत क बहुत प्रशंसक छथि। जखन धूम धड़ाका स मन अशांत भ जाइत अछि त लोक शास्त्रीय संगीत दिस शांति तकबा लेल अबैत छथि। हमरा त सबटा मंच विशेष लगैत अछि, ओना हम जतए प्रस्‍तुति देलहुं लोकक बड स्‍नेह भेटल।
ध्रुपद मेला (वाराणसी)
मिथिला महोत्सव ( दरभंगा )
जिला स्थापना दिवस समारोह ( दरभंगा )
अन्तरराष्ट्रीय मैथिली सम्मलेन ( मुंबई )
परम्परा उत्सव ( पटना )
शुक्र गुलज़ार ( पटना )
संगीतोत्सव ( पटना )
स्वामी हरिदास संगीत समारोह ( मुंबई )
स्वामी हरिदास संगीत समारोह ( वृन्दावन )
अखिल भारतीय ध्रुपद समारोह ( मुंबई )
बिहार दिवस महोत्सव ( दरभंगा, इलाहबाद, पटना, )
शिल्प मेला महोत्सव ( इलाहबाद )
और ताज महोत्सव ( आगरा ) प्रमुख हैं.

प्रश्न – ध्रुपद क अलावा आओर कोनो विधा मे गायनक अनुभव।
उत्तर – देखू, पं रामचतुर मल्लिक जी कहने छथि जे ध्रुपद गायक सब किछु गाबि सकैत अछि। हम सेहो ख्याल, ठुमरी, दादरा, भजन आओर विद्यापति गीत गाबि लैत छी। निपुण होएब त एखन मुश्किल अछि मुदा प्रयास निरंतर जारी अछि। अहां सबहक स्‍नेह आ गुरुजनक आशिष भेटत त जरुर सफल होएब।

प्रश्न – मल्लिक परिवार देश विदेश मे संस्‍था आ फाउंडेशनक माध्‍यम स परंपरा कए बढा रहल अछि, मुदा दरभंगा मे एहि प्रकारक कोनो संस्‍थाक शाखा तक नहि अछि, से किया।
उत्‍तर। देखू, एहन कोनो गप नहि अछि। दरभंगा मे हमर परिवार आइधरि गुरु शिष्य परंपरा कए जीवित रखने अछि। सब साल किछु युवा कलाकार कए प्रशिक्षित कैल जा रहल अछि। पिछला साल सेहो पांचटा युवा कए प्रशिक्षित कैल गेल अछि आ आगू सेहो इ काज जारी रहत। फाउंडेशन या संस्‍थाक शाखा दरभंगा मे खोलबाक इच्‍छा त अछि मुदा पोप आ रैप क एहि युग मे मिथिलाक युवा ध्रुपद दिस आबि नहि रहल छथि। सरकार सेहो एहि दिस बेसी ध्‍यान नहि द रहल अछि। सच कहू त ध्रुपद आइ अपन घर स बेसी विदेश मे जीवित अछि एकर प्रशंसक विदेश मे खूब छथि। इ दुखद अछि जे विदेश मे बेसी स बेसी लोक हमर परम्परा कए अपना रहल अछि।

प्रश्न – त कोना बचाउल जा सकैत अछि इ परंपरा
उत्‍तर। एहि क्षेत्र मे सेहो भागीरथी प्रयास क जरुरत अछि। सरकार स ल कए आम लोक तक कए अपन एहि सबस पुरान गायन शैली कए बचेबाक लेल प्रयास करबाक चाही। अगर एखन ध्‍यान नहि देल गेल त दू सौ साल पुरान दरभंगा घराना सेहो विलुप्ति क कगार मे पहुच जाएत, जेना आइ बेतिया घराना संरक्षकक अभाव मे अंतिम सांस गिन रहल अछि तहिना दरभंगा सेहो इतिहास भ जाइत। ओना हमर परिवार अपन स्‍तर पर एहि परंपरा कए जीवित रखबाक प्रयास मे लागल अछि। मुदा मिथिला क युवा कए एकर प्रति आओर जिज्ञासु हेबाक आवश्‍यकता अछि।

प्रश्न – इसमाद स गप करबा लेल बहुत बहुत धन्यवाद, संगहि एक बेर फेर पुरस्‍कार लेल बधाई।
उत्तर – अहूं दूनू गोटे कए बहुत बहुत धन्यवाद।

नीक वा अधलाह - ज़रूर कहू जे मोन होय

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