सुधीर सन अधिकारी लेल अधीर होइत बिहार

ज्ञानेश्‍वर
बिहार क ब्‍यूरोक्रेसी मे आईएएस सुधीर कुमार (सुधीर जैन) क छवि ‘स्‍टारडम’ अधिकारी क बनैत जा रहल अछि। केन्‍द्रीय प्रतिनियुक्ति स लौटलाक बाद पिछला किछु मास स श्री कुमार वाणिज्‍य कर विभाग क प्रधान सचिव क पद पर तैनात छथि। एहि किछु मास मे ओ जे काज केलथि अछि ओ बिहार लेल कोनो चमत्‍कार स कम नहि। हुनक प्रयास स कर-चोर सबहक बेचैनी बढि रहल अछि आओर बिहार क झोडी मे टका भरैत जा रहल अछि ।
एहि मे कोनो दू राय नहि जे बिहार क वाणिज्‍य कर विभाग सर्वाधिक भ्रष्‍ट विभाग मे स एक छल। एकर अधिकारी क दौलत आंकब मुश्किल छल। ओना त 1982क बैच क आईएएस अधिकारी सुधीर कुमार कए तकबाक श्रेय त राजद प्रमुख लालू प्रसाद कए जाइत अछि, मुदा ओ कोनो माहौल कए अपना अनुसार ढालबा मे माहिर छथि। लालूक राजपाट मे ओ सबस पहिने वाणिज्‍य कर आयुक्‍त बनाउल गेलाह । तखने स ओ राजस्‍व उगाही क नव रिकार्ड बनेबा मे माहिर भ गेलाह। इ ओ काल छल जखन झारखंड बनलाक बाद कहल जाइत छल जे बिहार लग किछु नहि बचल अछि। मुदा किछु साल क कार्यकाल मे सुधीर अखंड बिहार स बेसी कर-वसूली क सब कए चौंका देने छलाह।
सुधीर कुमार क एहि कार्यक्षमता स प्रभावित भ लालू प्रसाद केन्‍द्र मे रेल मंत्री बनला पर हुनका अपना संग दिल्‍ली ल गेलाह। बिहार मे फेल भेलाक तमगा लेनिहार लालू देशक सफलतम रेल मंत्री भेलाह। जानकार क कहब अछि जे एकर क्रेडिट त सुधीर कुमार क खाता मे दर्ज होइत अछि। लालू प्रसाद केवल एतबा केलथि जे ओ अपन एहि अधिकारी पर पूरा भरोस केलथि आ काज मे कोनो प्रकारक बाधक नहि भेलाह।
सुधीर क कार्यशैली एहन अछि जे बिहारक विकास करबा मे लागल नीतीश कुमार सेहो हुनका प्रभावित रहबा स बचि नहि सकलाह। शायद यैह कारण रहल जे फरवरी मे ओ जहिना केन्‍द्रीय प्रतिनियुक्ति स लौटलाह, वाणिज्‍य कर विभाग क कमान हुनका सौंप देलथि। जिम्‍मेवारी लेलाक बाद दिल्‍ली स्‍कूल आफ इकानामिक्‍स क छात्र रहल सुधीर कुमार विभाग क कार्यप्रणाली कए गंभीरता स जांच केलथि एहि दौरान हुनक माथा ठनकल। हुनका साफ देखायल जे विभाग मे केवल मलाईखोरी भ रहल अछि, विभाग आओर खजाना क चिंता शायद ककरो नहि अछि। राज्‍यक कारोबार जेतबा बढल अछि ओहि अनुपात मे कर-वसूली कतहु नहि देखा रहल छल । हां, अधिकारी जरुर धनी होइत जा रहल छलाह। बोर्डर पर लागल चेक-पोस्‍ट पर निजी वसूली क कईटा तरीका काज करि रहल अछि।
पूरा मामला कए तह तक गेलाक बाद ओ अपन तेवर मे काज करब शुरू केलथि। बहुत गोटे कए हुनक इ तेवर नहि नीक लागल, मुदा हुनका एकर कोनो चिंता नहि छल। दोसर प्रदेश मे कर-वंचना रोकबा लेल आजमाउल तौर-तरीका पर कार्य करब ओ प्रारंभ केलथि। सनलाइट साबुन स बाबु क कपडा पर लागल मैल कए धोबाक काज आसान नहि छल। कात मे बैसल ईमानदार हाकिम कए बिना पैरवी कए महत्‍वपूर्ण पोस्टिंग देल जाए लागल।
जे रिफार्म चमत्‍कार देखेलक, ओ परमिट क पुरानी व्‍यवस्‍था क समाप्ति छल। सब किछु आन लाइन करि देल गेल। बिहार चैंबर आफ कामर्स कए भरोस मे लेल गेल। नव व्‍यवस्‍था मे बगैर यूनिक कोड कए बिहार मे इंट्री संभव नहि रहल। दोसर प्रदेश स बिहार लेल माल रवाना होइत काज पहिने विभाग कए पूरा जानकारी आन लाइन देल जा रहल अछि। फेर एकटा यूनिक कोड प्राप्‍त होइत अछि,जेकर आधार पर चेक-पोस्‍ट क कार्यवाही पूरा कैल जाइत अछि । धर-पकड़ लेल गश्‍ती सेहो काफी बढ़ा देल गेल अछि। मानल जा रहल अछि जे पिछला दू-चारि मास मे विभाग क वसूली कई सौ करोड़ टका कए पार क चुकल अछि ।
आजुक क तारीख मे पूरा व्‍यापारिक जगत मे केवल सुधीर कुमार क चर्चा भ रहल अछि। ओना इ चर्च क बीच हुनकर सख्‍ती स परेशान कर-चोर क सिंडिकेट विभाग स हुनका हटेबा लेल कोनो प्रयास नहि छोडने अछि। किछु नेता कए सेहो ओ रास नहि आबि रहल छथि,मुदा कहल जाइत अछि जे राज्‍य मे भरि रहल खजाना देख स्‍वयं नीतीश कुमार प्रसन्‍न भाव मे छथि। ओना ओ एहि अधिकारी क गिनती बेहतर पोस्टिंग मांगनिहार अधिकारी मे नहि अछि। ओ किछु करबा लेल आठ-दस मास क कार्यकाल कए काफी मानैत छथि ।
ओना किछु व्‍यापारी इ शिकायत जरुर अछि जे सुधीर कुमार जे करिश्‍मा करबा मे लागल छथि ओहि जेज विभाग क इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर नहि अछि। व्‍यापारी दिन भरि कंप्‍यूटर मे जूझैत रहैत छथि, मुदा सर्वर आ सिस्‍टम ठीक स सपोर्ट नहि करैत अछि। ओना हिनकर इ पीड़ा वाजिब अछि जे जतए विभाग एक दिस देरी स टैक्‍स जमा करबा पर दंड लगबैत अछि ओतहि वैट कए रिइंबसर्मेंट मे भ रहल देरी क चिंता ककरो नहि अछि। एहि देरी लेल सेहो ब्‍याज क प्रावधान कैल जेबाक चाही। कड़ाई सब लेल हेबाक चाही ढीठ अफसर क जमात कए नव ट्रेंड कए सेहो नोटिस लेबाक जरुरत अछि। ओ कारि सौदा भले कम करि देलथि अछि मुदा सख्‍ती क हवाला द कए दाम बढ़ाकए अपन नुकसान क भरपाई क लेलथि अछि । हिनका सब कए कोना रोकल जाइत अछि,इ त समय कहत। ओना विभाग क बदलल तेवर स साफ-सुथरा धंधा करनिहार लोक जरूर राहत क सांस लेलक अछि आ बिहार क खजाना मे जबर्दस्‍त बढोतरी भेल अछि। बिहार कए आओर की चाही

maithili news, mithila news, bihar news, latest bihar news, latest mithila news, latest maithili news, maithili newspaper

नीक वा अधलाह - ज़रूर कहू जे मोन होय

comments