बदलि कए रहब बिहार

बिहार कए गौरवांवित करनिहार छात्र-छात्रा कए बिहार गौरव सम्मान देल गेल। बिहार कएहि गौरव स समदिया रिंकू झाक गपशपक

हमरा काफी खुशी अछि जे हमरा एहि सम्मान स सम्मानित कैल गेल अछि। देश मे हमरा लोकनि कए दलित, मुसहर आदि जाति कए आगू बढेबाक क जरूरत अछि। आइ पूरा देश मे आतंकवाद फैल रहल अछि। एकरा एक मात्र शिक्षा स कम कैल जा सकैत छैक। हम एकर शुरूआत 1986 मे केलहुं। 2002 मे हम साक्षरता मिशन स जुडि़ गेलहुं। शुरूआती दिन मे हमरा काफी पेरशानी भेल । महिला घर स बाहर निकलबा लेल तैयार नहि छलीह। हुनका मे सब किछु छल। आगू बढबाक जोश, उत्साह दूनू, मुदा ओकरा सही दिशा नहि हेबाक कारण वो पिछड़ैत चलि गेलीह। हमर उद्देश्य हुनका स्वाबलंबन बनेबाक अछि। जीवन मे आगू बढबा लेल एक मात्र अक्षर ज्ञान क आवश्यकता नहि अछि। जरूरी अछि सही संस्कार आ सही चीज क बारे मे हुनका जानकारी हुए। हम हरदम प्रयास करै छी जे हुनका अपन बल पर ठार कैैल जाए। आइ सेहो हमर समाज मे काफी लोक छथि जिनका साक्षर स दूर-दूर तक कोनो रिश्ता नहि अछि। वो एतबा गरीब छथि जे अपने स किछु नहि करि सकैत छथि। बस हुनका सही मौक देबाक जरूरत अछि।
दो लाख टका क अक्षर श्री सम्मान पौनिहार प्रेमा शाह क कहब अछि-

काफी नीक लगल जखन हमरा इ सम्मान देल गेल। सफलता क खुशी त हाइते छैक, मुदा अगर एहि तरहक सम्मान भेटैत छैक त लगैत छैक जे हमारा लेल हमर प्रदेश सोच रहल अछि। एहन मे हम कतबो गाू चलि जाए अपन शहर आ अपन राज्य कए नहि बिसरी सकैत छी। हम चाहैत छी जे अपन प्रदेश मे फैशन कए एकटा नव ऊंचाई दी।
श्िजनी, एनआईएफटी 09 मे प्रथम, एक लाख का इनाम

इ काफी खुशी क गप अछि। एहि तरहक सम्मान स एकटा जुड़ाव बनैत अछि। एहन मे हम अपन प्रदेश कए एकटा नव ऊंचाई देबा लेल प्रेरित भेलहुं अछि।
धर्मेंद्र कुमार पांडेय, पीजीएमएटी 09 मे प्रथम, तीस हजार

ओना त बिहार हरदम पढ़ाई मे आगू रहल अछि, मुदा एहि बिहार क गौरव क सम्मान अपन आप मे एकटा सम्मान अछि।
तपेश्वर सिंह, पीजीएमएटी 09 मे द्वितीय, तीस हजार

अपन राज्य मे सम्मान भेटब एकटा खास सम्मान अछि। एहि गांधी मैदान मे हम कहियो घूमबा लेल अबैत रही आइ सम्मान लेबा लेल आयल छी, नीक लागि रहल अछि। हम अपन प्रदेश कए आयुर्वेद क क्षेत्र मे काफी आगू ल जेबाक प्रयास करब।
रंजना कुमारी, पीजीएमएटी 09, एमडी आयुर्वेद मे थर्ड रैंक, तीस हजार

आइ बिहार मे आयुर्वेद क स्थिति काफी दयनीय भ गेल अछि। एहन मे हम आयुर्वेद कए आगू ल जेबा लेल काज करब । जेना विदेश मे आयुर्वेद कए महत्व देल जा रहल अछि तहिना हम अपन प्रदेश मे एकर महत्व बढ़बा लेल काज करब।
ऋचा सिंह, पीजीएमएटी 09 मे प्रथम, तीस हजार

आयुर्वेद कए एकटा बुलंदी देबा लेल आ अपन प्रदेश मे एकर विकास लेल काज करय चाहैत छी। इ सम्मान हमारा सब कए अंदर जोश भरि देलक अछि। ।
अमृत जीवन, पीजीएमएटी 09 जेनरल मे दोसर रैंक, तीस हजार

इ गौरव हमर नहि हमर प्रदेश क छी जाहि ठाम आयुर्वेद कए इतबा महत्व देल जा रहल अछि। बिहार मे आयुर्वेद कॉलेज कए एकटा सही दिशा देबाक जरूरत अछि। इ सम्मान हमरा लोकनि कए अपन प्रदेश क लेल किछु करबा क जोश द रहल अछि।
आनंद गुप्ता, पीजीएमएटी 09 जेनरल मे थर्ड रैंक, तीस हजार

आइ यूपीएससी क परीक्षा हमरा लेल कठिन नहि रहि गेल अछि। ओना हरदम स बिहारी एहि मे काफी आगू रहलथि अछि। काफी नीक लगल इ सम्मान पाबिकए, किया कि अपन प्रदेश क सम्मान हमरा अन्य प्रदेश मे सेहो गौरवांवित करैत अछि।
सुष्मित, यूपीएससी नई दिल्ली, आईएएस परीक्षा 08 मे चतुर्थ रैंक, पचास हजार

काफी खुशी भेल जखन पता चलल जे हमरा बिहार क गौरव सम्मान देल जा रहल अछि। हम कोशिश करब जे मेडिकल क क्षेत्र मे नव टेक्नोलॉजी क विकास बिहार मे अन्य राज्य क समान हुए।
राम मुरारी कुमार, बीसीईसीई मे दोसर रैंक, तीस हजार

आइ सेहो पुलिस क प्रति लोक क विश्वास सही नहि अछि। पुलिस क प्रति लोकक विश्वास बढ़े हमरा इ प्रयास रहत। आइ क दिन हमरा लेल यादगार रहत, जे सरकार हमरा सम्मान द रहल अछि।
राकेश कुमार, बीपीएससी 47वीं मे बिहार पुलिस सर्विस मे प्रथम रैंक, तीस हजार

हम अपन प्रदेश कए एकटा नव दिशा दिए चाहैत छी। हम डॉक्टर क रूप मे अपन प्रदेश अपन शहर क लोक क सेवा करए चाहैत छी। आइ काफी खुशी क क्षण अछि जखन हम अपन घर मे सम्मानित भ रहल छी। मेहनत क सही रिजल्ट त आइ हमरा भेटल अछि।
गर्विता सिंह, बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा 09 मे प्रथम रैंक, पीसीएस

हमरा प्रदेश याद केलक त हम सेहो एहि गौरव कए कहियो नहि बिसरब। अपन प्रदेश कए आगू बढ़ेबा लेल जे होयत से करब। आब इहे हमर उद्देश्य अछि। हम एकटा नव प्लानिंग करि कए अपन प्रदेश क सबटा कमी कए दूर करबाक प्रयास करब।
प्रियंका कुमारी, बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा 09 मे तृतीय रैंक, पीसीएम

सच पूछू त आइ हमरा सन बिहारी अपना कए धन्य मानि रहल अछि। सब क्षेत्र मे बिहारी सब दिन आगू रहल, मुदा सबटा गौरव एक ठाम कहियो जमा नहि भेल छल। आइ इ देख आंखि नोरा गेल।
अमूल्य रत्न, बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा 09 मे प्रथम रैंक, पीसीएम जेनरल

नीक वा अधलाह - ज़रूर कहू जे मोन होय

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