विदेश जाएत सिलाव क खाजा

बिहारशरीफ़ । सिलाव क खाजा क स्वाद आब विदेश क लोक सेहो जल्द चखि सकताह। राज्य क एहि मशहूर मिठाई क निर्यात देश क अलावा यूरोपीय देश मे हुए जा रहल अछि।
एहि मिठाई कए नामी-गिरामी कंपनीक तर्ज पर ब्रांड क रूप मे मार्केट मे उतारबाक योजना पर काज लगभग पूरा भ चुकल अछि। एखन धरि खस्ता आ लाजवाब स्वाद वाला इ खाजा कए राजगीर जेबा काल पर्यटक चखि लैत छथि। खाजा क बढ़ैत कारोबार एकरा आब उद्योग क दर्जा क लायक बना देलक अछि।
सिलाव क काली साह खाजा दुकान क संचालक संजय लाल एकर खुशबू आ स्वाद कए देश-विदेश तक पहुंचेबा लेल एकटा योजना तैयार केलथि अछि। संजय लाल क हौसला कए देखि कए जिला उद्योग केंद्र सेहो हुनका आर्थिक सहयोग द एहि उद्योग कए स्थापित करबा मे दिलचस्पी देखा रहल अछि।
करीब 60 लाख टकाक लागत स इ उद्योग सिलाव मे स्थापित भ रहल अछि। जाहि ठाम स खाजा कए आधा किलो आ एक किलो क प्लास्टिक कंटेनर मे नाइट्रोजन पैकिंग करा कए दिल्ली, अहमदाबाद आ मुंबई पठाउल जाएत, ओहि ठाम स इ यूरोपीय देश मे निर्यात कैल जाएत। गौरतलब अछि जे एखन बिहार स सीधा विदेश लेल निर्यात नहि भ सकैत अछि किया जे बिहार मे केंद्र सरकार एखनधरि अपन निर्यात केंद्र नहि खोललक अछि। ताहि लेल मखनाक निर्णयात सेहो अहमदाबाद स होइत अछि आ बिहार कए राजस्व क भारी क्षति होइत अछि।
खाजा क निर्यात क तैयारी मे जुटल संजय लाल कहला जे योजनाक अनुसार अगर सब किछु समय पर भेल, त सिलाव स खाजा क निर्यात संभवत अगस्त माह स शुरू भा सकत। एहि ठाम स मीठ खाजा क अलावा नमकीन खाजा क सेहो निर्यात भ सकत। अपन अथक प्रयास स काली साह खाजा दुकान क संचालक संजय लाल वर्ष 1987 मे मॉरीशस मे अंतरराष्ट्रीय मिठाई महोत्सव मे एहि मिठाई कए अंतरराष्ट्रीय मिठाई घोषित करौने छलाह। एहि वर्ष खाजा क कारोबार दू करोड़ टका तक पहुंच गेल अछि।
संजय लाल क तमन्ना अछि जे एकटा छोट सन बाजार मे बनए वाला इ खाजा कए अन्य ब्रांडेड कंपनी क मिठाई क भांति पहचान देल जाए। जिला उद्योग महाप्रबंधक रामचंद्र सिंह कहैत छथि जे ओ पूरा प्रयास करि रहल छथि जे जल्द- स- जल्द इ उद्योग शुरू हुए। ओ कहला जे एकर प्रक्रिया शुरू करि देल गेल अछि।

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