विदेशी पाहुनक मामले मे गोवा स आगू भेल बिहार

पटना। पिछला पांच साल मे बिहार मे विदेशी पर्यटक क संख्या बढि़कए चारि गुना स बेसी भ चुकल अछि। 2006 मे बिहार एनिहार विदेशी पर्यटक क संख्या मात्र 94, 446 छल। जखनकि एहि साल दिसम्बर महीना तक दोसर देश स एनिहार पाहुनक संख्या बढि़कए 4.12 लाख भ गेल। पर्यटन विभाग क अनुसार इ आंकड़ा एहि अवधि मे गोवा एनिहार विदेशी पर्यटक स बेसी अछि। एहि कारण स राजधानी क आसमान पर विमान क हलचल सेहो काफी बढि़ गेल अछि। आंकड़ा बता रहल अछि जे उड़ान क अवागमन सालभरि मे लगभग दोगना भ चुकल अछि। इ वृद्धि तखन आएल अछि जखन देश-दुनिया मंदी स दहशत मे अछि, कंपनी सब छंटनी करि रहल अछि आ अधिकारी कए खर्चीला दौरा नहि करबाकफरमान देल जा रहल अछि। एहन में पटना हवाई अड्डा पर यात्री क संख्या बढ़ब सुखद आश्चर्य अछि। दरअसल इ सब विदेशी पर्यटक क राज्यक प्रति बढै़त आकर्षण क कारण भ रहल अछि।
विदेशी पर्यटक क बढ़ैत आमद कए देखैत राज्य सरकार एकरा कमाई क जरिया बनबए चाहैत अछि। एहि लेल सूबा क पर्यटन आ धरोहर क प्रति सरकार क ध्यान तेजी स केन्द्रित भेल अछि। गौर करि त सूबा मे बोधगया, नालंदा, राजगीर, वैशाली जइसन स्थल विदेशी पर्यटक क आकर्षण क मूल केन्द्र रहल अछि। पिछला साल खगोल शास्त्री आर्यभट्ट क तारेगना मे विदेशी क जमावड़ा लागल छल। अगर हम पटना क अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर यात्री क संख्या पर गौर करि त जनवरी 2008 मे इ 29112 छल, जखनकि जनवरी 2009 मे 27509। एहि तरह स विमान मूवमेंट क्रमश: 486 आ 396 छल। मई 2009 क बाद यात्री क संख्या मे लगातार इजाफा भ रहल अछि, त अगस्त 09 क बाद विमान क मूवमेंट सेहो बढ़ल अछि। मई, जून, जुलाई, अगस्त, सितम्बर, अक्टूबर, नवम्बर आ दिसम्बर 2009 मे 2008 के इन्हीं महीनों में आने वाले यात्रियों की तुलना में क्रमश: 11.65, 26.83, 45.87, 78.80, 71.71, 102.26, 66.68 आ 104.82 फीसदी क वृद्धि भेल अछि। जखनकि अगस्त, सितम्बर, अक्टूबर, नवम्बर आ दिसम्बर 2009 मे 2008 क एहि महीना क तुलना मे विमान क मूवमेंट मे 39.72, 36.89, 70.69, 50 आ 89.20 फीसदी क वृद्धि भेल अछि। जखन कि प्रदेश मे कुल 29टा छोट-पैघ हवाई पट्टी मे स मात्र दू टा पटना क जयप्रकाश नारायण आ बोधगया क एयरपोर्ट कए अंतरराष्ट्रीय दर्जा भेटल अछि। एकटा बाधा इ सेहो अछि जे पटना मे भौगोलिक परिस्थिति क कारण एयरपोर्ट क विस्तार कए लकए संकट अछि। विमान क मूवमेंट क संख्या एहि प्रकार स बढ़ल आ विस्तार पर विराम लागल रहल त नव सुविधा बोधगया क दिस स्थानांतरित भ सकैत अछि।

नीक वा अधलाह - ज़रूर कहू जे मोन होय

comments