वित्तरहित शिक्षण संस्थान कए जनवरी मे भेटत अनुदान

पटना। दू दशक पुरान कैंसर क आखिरकार नीतीश सरकार ईलाज ताकि लेलक। वित्तरहित प्रस्वीकृति प्राप्त निजी माध्यमिक-उच्च माध्यमिक विद्यालय आ डिग्री कॉलेज कए वित्त सहित करबाक जांच क कवायद समाप्त भ गेल आ यदि सब किछु ठीक रहल त 1280 संस्थान कए जनवरी 2010 मे अनुदान भेट जाइत। अनुदान पेबाक फाटक आब खुलि गेल अछि। सरकार एहि मद मे 138 करोड़ क राशि मानव संसाधन विभाग कए थमा देलक अछि।
आधिकारिक तौर पर भेटल जानकारी क अनुसार अनुदान पेबाक इच्छा रखनिहारे 1280 स्कूल आ कॉलेज मे स 95 फीसदी संस्थान क कागजात आ उत्तीर्ण छात्र-छात्रा क रिजल्ट आ नव सत्र मे नामांकित छात्र-छात्रा क सत्यापन भ चुकल अछि। मानव संसाधन विकास मंत्री हरिनारायण सिंह क अनुसार खरमास समाप्त भेला पर 15 जनवरी, 2010 क बाद अनुदान क लेल उचित पाउल गेल संस्थान कए चेक पठेबाक प्रक्रिया शुरू करि देल जाइत। सरकार क एहि फैसला स वित्तरहित संस्थान मे कार्यरत 50 हजार स बेसी शिक्षक आ शिक्षकेत्तरकमर्री कए नियमित वेतन क लाभ भेटत।
राज्य सरकार अनुदान क लेल आवेदन देबा लेल 30 जून, 2009 अंतिम तिथि तय केने छल। इ तय भेल छल जे अनुदान क राशि छात्र क माध्यमिक, उच्च माध्यमिक आ डिग्री परीक्षा क रिजल्ट क परीक्षाफल क आधार पर देल जाइत। पहिल भुगतान वर्ष 2008 क परीक्षा परिणाम पर होइत आ ओकर बाद संस्थान कए सब साल 30 जून तक परीक्षा परिणाम आ हलफनामा क संग अनुदान क लेल आवेदन करैय पड़त। एखन त सरकार मामूली जांच क बाद अनुदान द रहल अछि, मुदा बाद मे सघन जांच मे यदि कागजात मे देल गेल जानकारी गलत पाउल गेल त संबंधित संस्थान अनुदान स वंचित भ जाइत आ ओकरा स देल गेल अनुदान सेहो वापस ल लेल जाइत।
भेटल जानकारी क अनुसार विभाग कए कुल 1280 वित्तरहित प्रस्वीकृति प्राप्त शिक्षण संस्थान स आवेदन भेटल छल। एहि मे 140 डिग्री कॉलेज, 390 इंटर कॉलेज आ 750 निजी हाई स्कूल शामिल अछि। एहि संस्थान मे स 95 फीसदी क कागजात क जांच भ चुकल अछि आ पूर्व मे अस्वीकृत शेष बचल संस्थान क कागजात क दोबारा जांच क काज सेहो 17 दिसंबर तक समाप्त भ जाइत।
विभाग अनुदान क लेल जे फार्मूला तैयार केने अछि ओकर तहत तहत स्नातक स्तर पर प्रति सफल छात्र 8500 टक , 8000 टका व 7500 टका (तृतीय श्रेणी) क दर स प्रति वर्ष अनुदान देबाक प्रस्ताव अछि, जखन कि स्कूल आ इंटर कॉलेज क लेल सपाट तरीका स तीन हजार आ चारि हजार टका प्रति छात्र-छात्रा निर्धारित करि देल गेल अछि। अनुदान राशि स शिक्षक आ शिक्षकेत्तर कर्मचारन्ी कए वेतन देल जाइत। कोनो परिस्थिति मे एकर विचलन नहि भ सकैत अछि। संबंधित विद्यालय क अनुदान क लेल अधिकतम छात्र-छात्रा क संख्या सरकार निर्धारित करत। वित्तरहित डिग्री कॉलेज क शिक्षक कए सब सालक परीक्षा परिणाम क आधार पर वेतन भेटत।

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