वित्तमंत्री क गृहमोह: चिदंबरम सबस आगू, यशवंत सबसे पाछु

अनमोना सरकार
कोलकाता।
बिहार आ यूपी क लोक मे देशक नेता बनबाक एहन भूत सवार रहल अछि जे गलतियो स अपन गृह राज्य लेल कोनो योजनाक नहि तैयार कए सकैत छथि। इ मामला किछु किछु धर्मनिरपेक्षता सन अछि, अपन धर्मक अनुष्ठान करबा स बेसी धर्मनिरपेक्षत नेता अनकर धार्मिक अनुष्ठान लेल तैयार रहैत अछि। हाल मे आएल एकटा रिपोर्टक अनुसार देश मे एखन धरि जतेक केंद्रीय वित्तमंत्री भेलथि अछि, ओहि मे सबसे बेसी गृहमोह चिदंबरम मे देखल गेल, जखन कि यशवंत सिन्हा एहि मामले मे सबस पाछु रहलाह। वर्तमान केंद्रीय वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी सेहो एहि मामले मे चिदंबरमक कए टक्कर द रहल छथि।
साल 2009 मे वित्त मंत्रालय क कमान सम्हारलाक बाद स मुखर्जी दिल्ली आ कोलकाता क बीच टकाक आवजाही बढेबा मे कोनो कोर कसर नहि छोडने छथि। कहबा लेल त केंद्र सरकार दोसर हरित क्रांति क शुरुआत क लेल बंगाल, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेशआ उड़ीसा क लेल कुल 400 करोड़ रुपये के केंद्रीय फंड देलक, मुदा एहि मे स सबस पैघ हिस्सा लगभग 103 करोड़ बंगाल क झोली मे गेल।
बिहार जेका त ओनाओ विपक्षी दलक सरकार स कोनोे राज्यक नेता नहि लडैत अछि, ताहि मे बंगाल त आओर पढल-लिखल समाज अछि। वामपंथी मंत्री आ प्रणब मुखर्जी क बीच तालमेल एतबा बेहतर अछि जे बेसीतर काज क लेल मुखर्जी क राय तक लेल जाइत अछि। चाहे कोनो विभाग क प्रस्ताव हुए, मुदा ओ एक बेर वित्त मंत्री क लग जरूर जाइत अछि।
पश्चिम बंगाल क पर्यटन मंत्री मानव मुखर्जी कहैत छथि जे जहिया स प्रणब मुखर्जी वित्त मंत्री बनलाह अछि, परियोजना कए जल्द स्वीकृति भेटबा मे बड मदद भेट रहल अछि। वित्त मंत्रालय क कमान सम्हारलाक बाद बंगाल कए मुर्शिदाबाद मे एकटा हैंडलूम मेगा-क्लस्टर, पर्यटन क कईटा परियोजना आ फूड पार्क भेटल अछि।
किछु परियोजना क जिक्र त ओ बजट भाषण मे सेहो केने छथि। मुखर्जी क संसदीय क्षेत्र जांगीपुर मे बैंक क 20टा नव शाखा खुजल अछि। हालांकि मुखर्जी एकटा क्षेत्र मे चिदंबरम स पाछु चलि रहल छथि। ओ अपन कार्यकालक दौरान एखन धरि औद्योगिक परियोजना क लिहाज स बंगाल कए किछु खास नहि द सकलाह अछि। गौरतलब अछि जे पी चिदंबरम वित्त मंत्री रहैत तमिलनाडु एहि मोर्चा पर खासा तरक्की केने छल।
वर्ष 2008 मे लार्सन ऐंड टुब्रो आओर तमिलनाडु औद्योगिक विकास निगम चेन्नई क नजदीक 3000 करोड़ टका क निवेश स शिपयार्ड कॉम्पलेक्स आ बंदरगाहक सुविधा क लेल समझौता केने छल। साल 2008-09 क बजट मे चिदंबरम पाइन क खारापन कए दूर करबा लेल एकटा संयंत्र लगेबाक घोषणा केने छलाह। 2007-08 मे तमिलनाडु क 5,763 जलाशय मे वापस स पाइन भरबा लेल 2,182 करोड़ टकाक ऋण समझौता भेल छल। मुदा एहि स पहिने यशवंत सिन्हा क कार्यकाल क गप करि त वित्त मंत्री क तौर पर ओ अपन गृह राज्य कए कोनो फायदा दिएबाक गलती नहि केलथि, वर्ना हुनका नाम पर क्षेत्रीय नेता हेबाक ठप्पा लागि सकैत छल। 1998-2002 मे हुनकर वित्त मंत्री क कार्यकाल क दौरान बिहार मे कोनो पैघ औद्योगिक परियोजनाक त गप छोडू छोट-मोट परियोजना देखबा मे नहि भेटल। एहन मे इ संतोषक विषय अछि जे मनमोहन सिंहक कैबिनेट मे बिहार स एकोटा मंत्री नहि अछि, आ कैबिनेट में शामिल एहन गृहमोही मंत्री क बावजूद बिहार अगर आगू बढि रहल अछि त महादेव ;नीतिशद्ध क कृपा स।

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