विकास क बयार स थम्हल पलायन क रफ्तार

पटना। एहि सीजन मे बिहारी मजदूर क रुझान पंजाब क दिस बहुत कम अछि। देखल जाए त इ लगातार तेसर साल छी जखन बिहार मे पलायन क रफ्तार नीचा दिस देखा रहल अछि। बिहार मे नीतीश कुमार क नेतृत्व मे बनल दोसर सरकार स मजदूर मे काज भेटबाक भरोस पुख्ता भेल अछि, जाहि कारण स गाम आयल मजदूर स्थानीय स्तर पर ठेकेदार क संपर्क मे अछि। पिछला पांच साल मे मजदूरक लौटबाक संख्या लगातार कम भ रहल अछि। एकर सबस पैघ कारण सार्वजनिक निवेश मे गुणात्मक बढोतरी रहल। वित्तीय वर्ष 2004-05 मे राज्य क योजना व्यय जतए 3196 करोड़ टका छल, ओतहि वित्तीय वर्ष 2010-11 अबैत-अबैत बढ़िकए 20 हजार करोड़ जा पहुंचल, जे अगिला साल 24 क लग पास मे रहत। जाहिर तौर पर योजना व्यय मे एहि गुणात्मक बढ़ोतरी स राज्य मे अनगिनत विकास क छोट-पैघ योजना कार्यान्वित भेल आओर लाख क संख्या मे श्रम क सृजन भेल। सड़क, पुल-पुलिया, स्कूल-अस्पताल-कार्यालय भवन आदि मे हजार करोड़ स बेसी निवेश भेल। एखन धरि पांच साल मे 10 हजार किलोमीटर स बेसी सड़क क निर्माण भ चुकल अछि। जखनकि लगभग दू हजार नव पुल-पुलिया बनाएल जा चुकल अछि या निर्माणाधीन अछि। एहि तरह स सरकारी स्कूल मे एक लाख क्लासरूम बनाउल गेल आओर 25 हजार निर्माणाधीन अछि।
एहि सबस ऊपर महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना यानि मनरेगा क तहत ग्रामीण श्रम क सृजन मजदूर क पलायन कए बहुत हद तक कम केलक अछि। एहि योजना क तहत राज्य मे एखन धरि 41.27 लाख परिवार कए रोजगार मुहैया कराउल गेल अछि। ओतहि 11.36 करोड़ मानव दिवस श्रम सृजित भेल अछि। एहि योजना मे एखनधरि 1816.88 करोड़ टका राशि स 1 लाख 58 हजार 740 कार्य कैल गेल अछि।
राज्य क ग्रामीण विकास मंत्री नीतिश मिश्र क मुताबिक ई शक्ति योजना क द्वारा मनरेगा कए बेसी पारदर्शी बनाकए बेसी उपयोगी बनेबाक कोशिश कैल जा रहल अछि। नीतिश मिश्र कहब अछि जे राज्य मे पलायन मे आबि रहल कमी क पैघ वजह सार्वजनिक क्षेत्र क निवेश आ मनरेगा क जरिए ग्रामीण रोजगार क सृजन अछि। दोसर दिस स्वयंसेवी संगठन निदान क सचिव अरविन्द सिंह क कहब अछि जे बिहार स रोजगार क तलाश मे बाहर पलायन करि गेल लोक मे अपन राज्य लौटबाक मानसिकता पिछला पांच साल मे बनल अछि आ एहिमे स किछु-किछु करि कए साल दर साल घर वापसी सेहो भ रहल अछि। रेलवे मे एएसएम संजीव सिन्हाक कहब अछि जे मधुबनी एबा लेल होली तक गाडी मे भारी भीड अछि, मुदा कटनीक बाद पंजाब जेबा लेल मजदूरक संख्या मे अप्रत्याशित कमी देखल जा रहल अछि। सिन्हा कहला जे मजदूरक पलायन मुंबई आ दिल्ली लेल सेहो कम भेल अछि, मुदा कोलकाताक मजदूर लौट रहल अछि। हुनक अनुसार पिछला सालक मुकाबला मे एहि साल मधुबनी जिला स लगभग 20 हजार मजदूर लौट कए बाहर नहि जा रहल अछि, जखन कि 10 हजार लंबी दूरीक गाडी पकडि रहल अछि।

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