विकासक मामला मे देश स आगू भेल बिहार

नई दिल्ली। बिहार कए भले देश क सबस पिछड़ल राज्यक कतार मे राखि बीमारू राज्यक लीडर कहबाक आदत भ चुकल अछि, मुदा ताजा आंकड़ा बता रहल अछि जे आब आदत बदलबाक समय आबि चुकल अछि। वर्ष 2005-06 स 2007-08 क दौरान देश क औसत विकास दर 9.4 प्रतिशत क मुकाबले एहि राज्य क औसत विकास दर 10.5 प्रतिशत रहल। योजना एवं संसदीय कार्य राज्य मंत्री वी नारायणसामी नरेश गुजराल आ एनके सिंह क सवाल क लिखित जवाब मे राज्यसभा मे इ ताजा आंकड़ा प्रस्तुत केलथि।
बेशक, बिहार जे सुतल छल, ओ ठार भ न केवल चलि रहल अछि, बल्कि दौर रहल अछि, मुदा बाट ततबा लंबा अछि, जे विकसित राज्यक कतार मे एबा लेल बहुत किदु करब एखन बाकी अछि। ओ प्रदेश जाहि ठाम सपना कए मारि देल गेल छल, आगू बढ़बाक ललक पैदा करब आ फेर ओकरा दौरा देब एकटा चुनौती अछि। उम्मीद करबाक चाही जे बदलल बिहार एक दिन जीतल बिहार बनि भारत मे विकसित राज्यक कतार मे ठार भ सकत।
मुख्यमंत्री एहि सपना कए साकार करबा लेल सामुदायिक प्रयासक आह्वïान करैत रहला अछि। प्रदेश क विकास दर 10.02 प्रतिशत एहि आह्वïानक नतीजा छी। एकरा लेल कोनो एक व्यक्ति, पार्टी या संस्था कए जिम्मेदार नहि मानि सकैत छी। सामुहिक प्रयासक नतीजा अछि जे बिहार राष्ट्रीय औसत स आगू अछि। एतबा जरूर जे इ शासन क प्रयास क सफलता क गारंटी सन अछि। समय क संग बहुत किछु बदलल देखा सेहो रहल अछि। बिहार क विकास क उछाल क आतुरता कए जीएबाक लेल देश-विदेश मे बैसल प्रवासी बिहारी आ केंद्र सरकारक मंत्री आ अधिकारीक अपेक्षित सहयोग जरूरी अछि। इ गप कई बेर विभिन्न मंच स कहल जा चुकल अछि जे बिहार क विकासक बिना देश क संतुलित विकास असंभव अछि। एहि सच्चाई पर ईमानदारी स केंद्र मे बैसल नौकरशाह आ मंत्री कए डेग उठेबाक चाही।
इ कटु सत्य अछि जे बिहार, प्रारंभ स उपेक्षित रहल अछि। स्वतंत्र भारत मे एकरा आंतरिक उपनिवेश बनाकए रखल गेल। बिहारक लोहा आ मजदूर स पंजाब मे साइकिल बनैत रहल। बिहार आइ विकास क लेल मचलि रहल अछि, त ओकर वास्तविक हक भेटबाक चाही।
विकास क मसला पर राजनीति नहि हेबाक चाही। एहि मोर्चा पर सब नेता एकजुट भ एकटा बिहारी क दायित्व निभा बिहारक कर्ज चुकता करथि। प्रदेश मे क्षमता क कमी नहि अछि। आवश्यकता बस लायक मौका क अछि। एकरा मुहैया कराएब, सब जिम्मेदार पक्ष अपन प्राथमिकता मानथि। दिल्ली मे एकटा सशक्त बिहार लाबी बनए, जे हित क पुरजोर सुरक्षा करए। बिहार स जीत कए गेलाक बाद शरद यादव महिला विधेयक पर जरूर जहर खेबाक एलान करथि, मुदा एक शब्द मधेपुरा रेल कारखानाक शीघ्र निर्माण लेल सेहो मुंह स निकलबाक चाही। लालू आ नीतीशक अलाबा जे नेता छथि हुनका मे बिहारियत अभाव एखनो देखा रहल अछि।

नीक वा अधलाह - ज़रूर कहू जे मोन होय

comments

1 टिप्पणी

  1. बड नीक गप कहलियैक अपने. बिहार पर पिक्की पाड़य वला दोसर राज्यक लोकक मुंहपर ताला लगौनाई आब बड जरूरी भ’ गेल अछि.

Comments are closed.