लीची क भेल अछि नीक पैदावार

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मुजफ्फरपुर । अगिला मास तक शाही लीची क पहिल खेप बाजार मे आबि जाएत। अनुकूल मौसम लीची बागान मालिक क उम्मीद कए बढ़ा देलक अछि। हालांकि, एहि बेर सेहो दोसर राज्य मे लोक कए एहि शानदार फल क लेल ऊंच कीमत दिए परत। वजह भंडारण सुविधा क अभाव अछि। मुजफ्फरपुर क शाही लीची कटा एक बागान मालिक, भोलानाथ झा क कहब अछि,’एहि बेर मौसम काफी नीक रहल। ठंड सेहो नीक भेल आ गर्मी सेहो धीरे-धीरे अपन असर देखा रहल अछि। एहि स नीक पैदावार भेल अछि।Ó बागान मालिक क मुताबिक एहि बेर बिहार मे लीची उत्पादन मे 60 फीसदी तक क इजाफा भ सकैत अछि। एहि स बागान मालिक खुश त छथि मुदा आब हुनका भंडारणक चिंता सता रहल अछि। झा क कहब अछि, ‘लीची दोसर फल स काफी अलग होइत अछि। एकरा गाछ स तोड़बाक सबस नीक समय ओ होइत अछि, जखन तापमान 42-44 डिग्री सेल्सियस होइत अछि। एकर बाद एकर भंडारण क लेल ठंडा वातावरण क जरूरत होइत अछि। अगर तापमान कनिको बेसी भेल, त लीची बर्बाद भ जाइत छैक जाती है।Ó बिहार मे सब साल करीब 3 लाख टन लीची क उत्पादन होइत अछि। हालांकि, एखन धरि प्रदेश मे एकर भंडारण क कोनो व्यवस्था नहि अछि। किसान क शिकायत अछि जे एहि कारण स ओकर पैदावार क एकटा पैघ हिस्सा बर्बाद भ जाइत अछि। संगहि, खराब हेबाक डर स हुनका लीची औने-पौने दाम मे बेचबा लेल मजबूर भ जाइत छथि। मुजफ्फरपुर क एकटा अन्य बागान मालिक किशन कुमार क कहब अछि, ‘हमरा लग मे एतबा टका नहि अछि जे हम एकरा सहेज कए राखि सकैत छी। दोसर दिस, सरकार क दिस स एहि बाबत कोनो व्यवस्था नहि कैल गेल अछि। एहि कारण हमरा एकरा कम दाम पर बेचबाक अलावा कोनो रास्ता नहि बचैत अछि।

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