लालूक मेहनत गेल पाइन मे गेल, रेलवे भेल दिवालिया

बिहारक प्रस्तावित परियोजना कए बंद करबा लेल शुरू भेल प्रयास
नई दिल्ली । भारतीय रेल दिवालिया हेबाक कगार पर अछि। रेल मंत्रालय सरकार कए बजटीय समर्थन दोगुना बढ़ाकए 39,600 करोड़ टका करबाक अनुरोध केलक अछि। वित्त मंत्रालय रेलवेक एहि मांग पर कहैत अछि जे रेलवे कए एकटा अनुशासन मे रहबाक क जरूरत अछि। भारतीय रेलवे कए एहि बदतर स्थिति मे पहुंचा देबाक दोष रेल मंत्री ममता बनर्जी अपन सिवा ककरो आओर पर नहि लगा सकैत छथि। ओ भेल जाफर जी कए सफलतम रेलमंत्री कहैत रहथि, मुदा इ साफ भ गेल जे ओ दू साल मे लालू प्रसाद क मेहनत कए पाइन मे मिला देलथि आ घाटा स उबरि गेल रेलवे कए एक बेर फेर घाटाक दलदल मे धकेल देलथि। कागजात बता रहल अछि जे हुनकर नेतृत्व मे एक दिस जतए भारतीय रेल क आय मे भारी गिरावट भेल अछि ओतहि खर्च मे बेतहाशा वृद्धि भ गेल अछि।
ओ हर साल 1,000 किलोमीटर नव रेल लाइन बिछेबाक वायदा केने छलीह, मुदा ओकर 10 प्रतिशत सेहो लाइन नहि बनल। एहि दौरान खर्च मे 1,330 करोड़ टका क बढ़ोतरी भे गेल अछि, त आय मे 1,142 करोड़ क कमी आबि गेल अछि। जाहि स कुल घाटा 2,500 करोड़ टका भ गेल अछि। रेलवे क परिचालन लागत हाल क समय मे सर्वाधिक अछि। इ 100 टका कमा रहल अछि आ 95 टका खर्च करैत अछि। हाल क दौर मे इ लागत 2007-08 मे सबस नीक छल, जखन 100 टका कमा कए रेलवे 75.9 टका खर्च करैत छल। कहबाक जरूरत नहि जे ओहि दौरान ममता दीदीक दादागीरी रेलवे मे नहि चलैत छल। रेलवे क खजाना महज 5,000 करोड़ क रहि गेल अछि, जे हाल क वर्ष मे सबस कम अछि।
अन्य मामलाक भांति प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी आ योजना आयोग क उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलुवालिया एहि मामला पर सेहो परेशान छथि, किया जे ममता हुनकर गप सुनबा लेल तैयार नहि छथि आ अगिला बजट मे बंगाल लेल गाडीक गाडी घोषणा करबाक जिद ठानने छथि। लालूक आर कोनो नीति त ममता कए नीक नहि लागल मुदा भाडा नहि बढेबाक नीति पर ममता कायम छथि। किछु लोकक कहब अछि जे इ बजट ममताक आखरि रेल बजट छी, ताहि लेल ममता रेलवे कए सेहत स बेसी बंगाल क सत्ता पर ध्यान केंद्रीत केने छथि।
मुदा हालात एहन भ चुकल अछि जे आब हुनकर योजना सेहो तंगीक भेंट चढबा लेल मजबूर भ रहल अछि। रेलवे  निजी सार्वजनिक भागीदारी क तहत संचालित होइवाला सबटा परियोजना पर रोक लगा देलक अछि, जाहि मे  पश्चिम बंगाल क कचरापाड़ा आओर बिहार क मधेपुरा आ मरढौरा स्थित प्रस्तावित कारखाना शामिल अछि।
कचरापाड़ा मे ईएमयू कोच संयंत्र, मरढौरा मे डीजल इंजन संयंत्र आ मधेपुरा मे इलेक्ट्रिक इंजन संयंत्र स जुड़ल खरीद जरूरत कए पूरा करबा लेल रेलवे कए प्रति वर्ष 8,000 करोड़ टका चाही जे ओकरा लग नहि अछि।
रेल मंत्रालय क सूत्र क कहब अछि जे वर्तमान परिस्थिति मे रेलवे कए अपन अश्वासन क प्रतिबद्धता कए पूरा करबा मे कठिनाई भ रहल अछि। ताहि लेल एहि परियोजना पर अस्थाई तौर पर रोक लगा देल गेल अछि। कांग्रेसक इ सरकार कए जखन कोनो बाट नहि देखइत अछि त एकटा समिति बना दैत अछि, एहि मामला मे सेहो एकटा समिति क गठन कैल गेल अछि। गठित समिति मे रेलवे क छहटा अधिकारी कए शामिल कैल गेल अछि, जे पीपीपी क तहत संचालित परियोजना क लेल धन जुटेबा आ अपन उत्पादन इकाई स्थापित करबाक बाट ताकत।
काचरापाड़ा, मरढौरा आ मधेपुरा मे निजी सार्वजनिक भागीदारी क तहत संचालित होइवाला तीनू परियोजना क लेल बोली प्रक्रिया भ चुकल अछि आ अमेरिका आ यूरोप क बहुराष्ट्रीय कंपनी कए ठेका देबाक मंजूरी भ चुकल अछि।
समिति कए अपन सिफारिश पेश करबा लेल 15 दिन क समय देल गेल अछि। एहि लेल रिपोर्ट एबा त एहि परियोजना पर अस्थाई रोक लगा देल गेल अछि। मुदा आशंका अछि जे बिहारक एहि परियोजना कए बंद करबा लेल सरकार कोनो रास्ता निकालबाक प्रयास मे अछि। किया कि बंगालक परियोजना कोनो हालत मे बंद करबा लेल ममता आ प्रणब तैयार नहि छथि।

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