रॉकेट साइंस मे नव प्रयोग लेल संस्कृत विद्वान क जरूरत पूरा करत दरभंगा

दरभंगा। कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय जाहि बाट पर चलबाक योजना तैयार केलक अछि ओ अगर सफल भेल त नासा मे सेहो दरभंगा चर्चित भ जाएत। कहल जा रहल अछि जे बहुत जल्‍द नासाक रॉकेट साइंस मे नव प्रयोग लेल संस्कृत विद्वान क जरूरत पूरा करबा लेल कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय एकटा प्रस्‍ताव ओहि ठाम पठा रहल अछि। एहि लेल कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय बेंगलुरु क आईटी कंपनी कान्टि सेमेंटीज प्रा.लि. क संग प्रयोग क तौर पर एकटा वीडियो श्रृंखला जारी करि रहल अछि। एहि श्रृखलाक शुरुआत शुक्रदिन भेल। इ श्रृंखला कंपनी क उत्पाद निमिट क माध्यम स नासा क संग संग समस्‍त विश्व मे उपलब्‍ध कराउल जा रहल अछि। एहि योजना क संबंध मे जानकारी दैत कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय कुलपति डॉ. अरविंद कुमार पांडेय कहला जे हाल मे नासा कए रॉकेट साइंस मे नव प्रयोग लेल संस्कृत विद्वान क जरूरत पूरा नहि भ सकल छल। एहि संदर्भ मे एकटा रिपोर्ट किछु दिन पहिने पढबा लेल भेटल छल। ओहि रिपोर्ट कए पढलाक बाद इ पहल करबाक योजना तैयार कैल गेल अछि। आब इ धरातल पर उतरबाक क्रम मे अछि। कंपनी क निदेशक दीपक कुमार आ रूपेश कुमार कहला जे कुलपति क कक्ष मे साहित्य विभाग क प्राचार्य डॉ. देवनारायण झा आ डॉ. लक्ष्मीनाथ झा क व्याख्यान कए 15-15 मिनट क वीडियो तैयार कैल जा चुकल अछि। एकरा शीघ्र जारी कैल जाएत। एहि मौका पर कुलपति डॉ. पांडेय विवि क एहि अदभुत प्रयास कए विस्‍तार स जानकारी देलथि। ओ कहला जे एकर माध्‍यम स संस्कृत नव ऊंचाइ कए छूबि सकत। संगहि दरभंगा क सेहो देश विदेश मे नाम होएत। ज्ञात हुए जे अंतरिक्ष विज्ञान लेल महत्‍वपूर्ण ग्रंथ ‘ग्रहणमाला’ एहि विश्‍वविद्यालयक धरोहर छल जे चोरी भ चुकल अछि। एहन मे विवि क इ प्रयास उम्‍मीद जगेलक अछि जे धरोहर गंवा देबाक बावजूद विवि प्रशासन एहि प्रकारक काज लेल प्रयास करब नहि छोडलक अछि।

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