रेलवे देखेलक अपन दादागीरी, मिटा देलक दरभंगाक नाम

जेकर अंदेशा छल से भ गेल। 1928 मे दरभंगा महाराजा कामेश्‍वर सिंह क जमीन पर बनल दरभंगा टमटम पडाव कए रेलवे ध्‍वस्‍त कए देलक। इ जमीन राज दरभंगा आम नागरिक खास कए गरीब लेल दान केने छल, मुदा पूंजीवादी क नजरि कई साल स एहि पर छल। कोर्ट मे अपन गुहार लगेलाक बाद गरीब गारि गेल आ पूंजीवादी जीत गेलाह। आब ओहि ठाम नहि त कोनो गरीब कए छांव भेटत आ नहि दरभंगाक नाम भेटत। दरभंगाक नाम मिटेबाक बिहार सरकारक पूरान इतिहास रहल अछि आब रेलवे सेहो कतार मे आबि गेल। देखबाक चाही जे संविधानसभाक सदस्‍य आ उद्योगपति कामेश्‍वर सिंह क नाम मिटेबाक इ शिलशिला कहिया धरि चलत। आम जनताक जमीन कए रेलवे आब कोनो विदेशी कंपनी कए लीज पर दैत या दरभंगाक नाम पर कोनो गरीब लेल नव छतरीक व्‍यवस्‍था करत इ त समय बताउत। एखन त एतबे कहि सकैत अछि जे पटना शहर मे दरभंगाक एकटा आओर निशानी मिटा देल गेल।

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3 टिप्पणी

    • एककर सबस’ पैघ उपचार अछि अप्पन भाषा आ अप्पन लिपि के मान बचा कय रखाब किएक की निशानी त’ फेर बनाओल जा सकैत अछि मुदा पहिचान ज’ ख़तम भय जायत त’ अप्पन अस्तित्वे ख़तम भय जायत

      • we feel very sad by knowing the fact our great leader and member of constitution making committee and great social and economic enterpreneur maharaja kameshwar singh ji had donated so many property to various sections in which more donation to indian national congress. but after reading this type of news at least the all present congress leader of bihar should take the priority to save the name of most freedom fighter and doner shri maharaja kameshwar singh ji other wise they dont have right to speak about culture and leadership in bihar . even my humble request to maharani kamsundari ji and her loyalist should come forward to save the name of maharaj and raj darbhanga we are with u .contact me on my personal no. 08879391007

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