रख-रखाव लेल लीज पर देल जाएत सडक

पटना। टूट रहल सड़क क रख रखाव लेल सरकार एहन सड़क सब कए दस स पंद्रह सालक लीज पर निर्माण कंपनी कए देबाक एकटा महत्वाकांक्षी योजना कए अंतिम रूप देबाक मे लागल अछि। पथ निर्माण विभाग सब श्रेणी क सड़क लेल नव मेंटेनेंस पालिसी कए अंतिम रूप द रहल अछि। पथ निर्माण विभाग क सचिव प्रत्यय अमृत क अनुसार सितंबर मे नव मेंटेनेंस पालिसी आबि जाएत। वर्तमान मे सड़कक मरम्मत क प्रावधान इ अछि जे कोनो सड़क क मरम्मत स्टैंडर्ड बिडिंग डाक्यूमेंट क डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड नियम क तहत होइत अछि। एकर अंतर्गत इ प्रावधान अछि जे जाहि निर्माण कंपनी सड़क बनाउत ओ तीन या फेर दू साल लेल ओहि सड़क क मरम्मत लेल जवाबदेह रहत। अगर एहि अवधि मे सड़क टूटैत अछि त संबंधित निर्माण कंपनी कए अपन खर्चे पर ओहि सड़क कए मरम्‍मत करबाक अछि जेकर ओ निर्माण केने अछि। मरम्मत पर पथ निर्माण विभाग पैसा खर्च नहि करैत अछि। ओना एहि श्रेणी मे जे सड़क नहि अबैत अछि ओहि लेल मरम्मत क राशि आवंटित कैल जाइत अछि। एहि नव मेंटेनेंस पालिसी बनेबाक पाछु तर्क देल जा रहल अछि जे विगत पांच-छह साल मे पैघ पैमाना पर बिहार मे स्टेट हाइवे, एनएच आ मेजर डिस्टि्रक्ट रोड क निर्माण क काज भेल अछि। एहि मे स ओहन सड़कक संख्या काफी अछि जे डिफेक्ट लायबलिटी पीरियड कए पार करि चुकल अछि। एहि सड़कक निर्माण पर मोट राशि खर्च भेल अछि। इ जरूरी अछि जे एकर रख रखाव लेल सरकार कोनो नीति बनाबे। सीधा-सीधा मरम्मत लेल राशि आवंटित करबाक प्रक्रिया स किछु अलग करबाक जरूरी अछि। प्रस्तावित मेंटेनेंस पालिसी क खास गप इ अछि जे सड़कक रख रखाव लेल एकटा तय राशि पर दस स पंद्रह सालक लीज पर सरकार सउक द रहल अछि। एकरा लेल बिडिंग कैल जाएत। एहि मे एडीबी क ऋण स बनल सड़क, मेजर डिस्टि्रक्ट रोड आ अन्य एसएच शामिल रहत। किछु सड़क कए टॉल क आधार पर सेहो मेंटेनेंस क जिम्मा देल जाएत। एहन व्यवस्था करबाक योजना अछि जे सड़कक रख रखाव क राशि सड़क क उपयोग करनिहार स जुटाउल जाए। ज्ञात हुए जे 2006 स 2010 तक जे सड़क बनल वित्तीय वर्ष 2006-7 मे राज्य सरकार क निधि स 436 किमी सड़क क निर्माण भेल । 2007-8 मे 510 किमी, 2008-9 मे 365 किमी आ 2009-10 मे 298 किमी सड़क क निर्माण भेल अछि।

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