रंग स नहायल मिथिला


कान्हा कए पिया मानि कए,
रंगायब एहि बेर जानि कए।
ज्यों करताह जोड़ा-जोडि़ ओ,
त भीड़ब सीना तानि कए।।
रंगायब एहि बेर जानि कए।

नीक वा अधलाह - ज़रूर कहू जे मोन होय

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