मैथिली शिक्षकक नियुक्ति लेल दायर पीआइएल स्‍वीकार

नई दिल्‍ली। बिहार सरकार शिक्षक नियुक्ति मे लाख गुहारक बावजूद मैथिली शिक्षक क नियुक्ति स इनकार क देलक अछि। एहि स दुखी मैथिल सब आब अदालतक दुहारि खटखटा देलथि अछि। अन्तरराष्ट्रिय मैथिलि परिषद्क मुज़फ्फरपुर इकाई सरकारक एहि रवैया क विरोध मे कोर्ट पहुंच गेल अछि। परिषद क मुज़फ्फरपुर इकाई क अध्‍यक्ष प्रो. इंद्रनाथ मिश्र क नेतृत्‍व मे शिक्षक नियुक्ति मे मैथिली शिक्षकक उपेक्षा पर पटना उच्च न्यायालय मे जनहित याचिका दायर कैल अछि। कोर्ट एहि याचिका कए विचार लेल स्‍वीकार क लेलक अछि। पीआईएल विचारार्थ स्वीकृत भेला स एक दिस जतए मैथिल सब मे हर्ष अछि ओतहि सरकार क शिक्षा विभाग क माथ पर पसीना देखा रहल अछि। एहि संबंध मे जानकारी दैत परिषद प्रवक्‍ता डॉ धनाकर ठाकुर कहला जे 2003 मे मैथिली कए आठवीं अनुसूचि मे शामिल कैल गेल छल। 2004 मे पटना हाईकोर्ट सेहो मैथिली माध्यम स पढाई क पक्ष मे न्यायादेश देने छल। ओना देखल जाए त श्रीबाबू क समय मे सेहो सरकार प्राथमिक स्‍तर पर मैथिली मे शिक्षा देबा लेल तैयार भ गेल अछि, मुदा आइ धरि सरकार एकरा लागू नहि क सकल अछि।
मैथिली कए हटेबाक सबस पैघ प्रयास लालू सरकार केलक, जाहि मे ओ हाइकोर्ट मे हारि गेल। ओना एकर विरूद्ध राबडी सरकार सुप्रीम कोर्ट सेहो गेल। मई 2011 मे सुप्रीम कोर्ट सेहो मेथिली क पक्ष मे अपन फैसला सुनेलक। ओ कहला जे राज्य सरकार कए जल्द स जल्द मैथिली कए शिक्षा क माध्यम क विकल्प क रूप मे स्वीकार करि लेबाक चाही। संविधान क धारा 345,346 आ 347 क तहत मैथिली कए राजभाषा क दर्जा भेटबाक चाही। एहि संदर्भ मे पूर्व सभापति ताराकांत झा कहला जे मैथिली कए संविधान क अष्टम अनुसूचित मे स्थान प्राप्त अछि। डॉ. श्रीकृष्ण सिंह क मुख्यमंत्रित्वकाल मे मैथिली कए प्राथमिक विद्यालय मे पढ़ेबा लेल स्वीकृति देल गेल छल।
ज्ञात हुए जे पिछला सत्र क दौरान मानव संसाधन मंत्री पीके शाही विधान परिषद मे कहने छलाह जे प्राथमिक स्तर पर मैथिली शिक्षक क नियुक्ति क प्रावधान नहि अछि। ओ विनोद कुमार चौधरी क ध्यानाकर्षण क जवाब मे कहने छलाह जे प्राथमिक विद्यालय मे स्थानीय शिक्षक क नियोजन होइत अछि आ एहन आशा कैल जाइत अछि जे ओ छात्र कए स्थानीय भाषा स अवगत कराउत। मुदा प्राथमिक स्तर पर मैथिली शिक्षक क नियुक्ति क कोनो प्रावधान नहि अछि। प्रश्नकर्ता कहने छलाह जे मैथिली क पढ़ाई नौवीं कक्षा मे होइत अछि। मैथिली बिहारक स्थानीय भाषा छी ताहि लेल एकर प्राथमिक स्तर पढाई सेहो हेबाक चाही। एकर बाद केदार पाण्डेय सेहो कहने छलाह जे इ मामला सही मे गम्भीर अछि। शिक्षा विभाग एहि पर सम्यक रूप स विचार करे। एहि दौरान सदन मे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सेहो मौजूद छलाह, मुदा ओ एहि पर कोनो टिप्पणी नहि केने छलाह।

maithili news, mithila news, bihar news, latest bihar news, latest mithila news, latest maithili news, maithili newspaper, darbhanga, patna

नीक वा अधलाह - ज़रूर कहू जे मोन होय

comments

1 टिप्पणी

Comments are closed.