मेहनत गेल बेकार, नहि खुलल खजाना

0
15

दरभंगा। शनिदिन पूरा दरभंगा मे कौतुहल रहल। राज दरभंगा क खजाना क मुख्य गेट खोलबा लेल राज परिवार आ प्रशासन राज कार्यालय मे जमा छल। जिला प्रशासन क ढाई घंटा तक क मशक्कत क बाद मुख्‍य गेल खोजबाक प्रयास विफल रहल। अंतत: डीएम आर लक्ष्मणन आ एसएसपी विकास वैभव क नेतृत्व मे प्रशासन क टीम लौट गेल। एहि दौरान खजाना देखबा लेल भारी संख्या मे लोक सड़क पर जमा छल, मुदा ककरो ट्रस्टी कार्यालय परिसर मे घुसबा पर पाबंदी लगा देल गेल छल। भारी संख्या मे पुलिस बल क तैनात करि देल गेल अछि। एहि मौका पर राज परिवार क बेनिफिसरिज राजेश्वर सिंह, कपलेश्वर सिंह, महारानी काम सुंदरी क प्रतिनिधि उदय नाथ झा, राज प्रबंधन क मैनेजर अरुण कुमार कुंवर समेत अन्य लोक उपस्थित छल। ज्ञात हुए जे राज परिवार क दूनू पक्ष कोर्ट मे सौंपबाक आदेश देने छल जतए इवन्टरी बनबाक छल।
कहल जा रहल अछि जे जिला प्रशासन आब न्यायालय कए एहि संबंध मे जानकारी देत। सूत्रक कहब अछि जे हाई कोर्ट क आदेश पर डीएम आर लक्ष्मणन आ एसएसपी विकास वैभव क नेतृत्व मे दूनू पक्षक क मौजूदगी मे खजाना क बक्सा (नं. 307) हाईकोर्ट कए सिपुर्द करबाक छल। डीएम श्री लक्ष्मणन क नेतृत्व मे तय सीमा पर जिला प्रशासन दरभंगा राज ट्रस्टी कार्यालय (लना मिथिला विवि क पाछु) पहुंचल। खजाना तक जेबा लेल मुख्य गेट तक सब पहुंचलाह। कोड नंबर क आधार पर एसएसपी डीएसपी, एसडीओ बारी-बारी स गुप्त कोड नंबर स खोलबाक कोशिश केलाह, मुदा नाकाम रहलाह। ज्ञात हुए जे खजाना क मुख्य गेट इंग्लैंड क बनल अछि। एहि तरह क गेट मे कोड सिस्टम अछि। एकर जानकार आब बिहार मे कियो नहि अछि, जे छलाह हुनकर स्वर्गवास भ चुकल अछि। डीएम, एसएसपी, डीएसपी, बेनिफिसरिज आदि ट्रस्टी मेम्बर्स क संग बैठक कए एहि संबंध मे गप केलथि। एकर बाद सब ओहि ठाम से विदा भ गेला। खजाना क आसपास पुलिस बल क तैनाती करि देल गेल अछि। बाद मे एसएसपी वैभव कहला जे प्रशासन खजानाक कोठली क मुख्य गेट नहि खुलबाक सूचना हाईकोर्ट कए पठा देलक अछि।
जानकार सूत्र क कहबाक अछि जे राज घरानाक एहि खजाना मे कईटा दुर्लभ, ऐतिहासिक आ बहुमूल्य सामग्री अछि। एहि मे मुगल आ अंग्रेज काल क मुद्रा सेहो अछि। जिलाधिकारी क कहब अछि जे खजाना क मुख्‍य दरबाजा खोलबा लेल जे दिमाग चाही ओ वर्तमान मे ककरो लग नहि अछि। खजाना क कोठली त पहुंचबा लेल पैघ पैघ रॉड वाला तीनटा गेल अछि आ पहिल गेट नहि खुलि सकल अछि। जखन तीनू गेट खुलत तखने खजाना तक पहुचल जा सकैत अछि। खजाना क मेनगेट खोलबा लेल जे वोल्ट डूर अछि ओ कम्बिेशन लॉक स खुलैत अछि जेकर बाद खजाना क कोठली तक पहुंचल जा सकैत अछि। ओहि कोठली मे बाक्स संख्या 307 राखल अछि। ओ कहला जे अंतिम बेर इ कोठली 1994 मे खुलल छल, मुदा जे ट्रस्टी खोलबा मे मदद केने छलाह ओ आब स्वर्गवासी भ गेलाह अछि। एहि खजाना पर दावा कए ल कए राज परिवार क सदस्‍य करीब तीस वर्ष पूर्व कोर्ट मे मामला ल गेल छल। जेकर आधार पर कोलकाता हाईकोर्ट खजाना मे राखल बक्‍सा कए पटना पठेबाक आदेश जारी केने अछि।

Please Enter Your Facebook App ID. Required for FB Comments. Click here for FB Comments Settings page