मिथिलाक नेता मिथिला कए लुटलक : एकांत

Kavi Ekantपृथक मिथिला राज्य क लेल मुहिम बा आन्दोलन आब नव नहि अछि। कियो 60 साल त कियो 100 साल पुरान हेबाक दावा करैत छथि । संस्‍थागत भेलाक बावजूद इ आंदोलन बेसी व्‍यक्तिगत रहल। मुदा पहिल बेर एहि मसला पर एहन आंदोलन भ रहल अछि जेकर संयोजन कोनो संस्‍था बा समूह क बैनर तर नहि कैल जा रहल अछि। दिल्‍ली क जंतर-मंतर पर कवि एकांत अपन अनशन पर बैसलाह, आ लोक हुनक समर्थन मे जमा होइत गेल। इ एकटा नव शुरुआत छी, ताहि किछु संगठन एहि अनशन कए अपन बैनर तर अनबाक प्रयास सेहो केलक, मुदा एकांत नव बाट पर आगू बढैत रहलाह। कवि एकांत संग आन्दोलन क किछु खास पहलु पर इ’समाद लेल गप केलैथि अछि पत्रकार सुनील कुमार झा । प्रस्तुत अछि गपशप क किछु खास अंश – समदिया

प्रश्न – कवि त कलम स आंदोलन करैत छथि, अहां अनशन स आन्दोलन पर उतरि गेल छी?
उत्तर – देखियो हम कवि छी, ताहि लेल बेसी संवेदनशील छी। दिनकर स ल कए बाबा नागार्जुन तक सब अपन कलम स लोक मे क्रांति अनबाक काज केलैथि अछि, मुदा हम एहि मामला मे बेसी संवेदनशील छी। हम मानैत छी जे हमर रचना लोक स बेसी हमरे करेज में आगि लगा रहल छल आ हम ई रास्ता पर उतरि गेलहुँ।

प्रश्न – आन्दोलन क विचार कोना आयल, कोन कारण रहल जे इ फैसला लेलहुं।
उत्तर – बिहार विकास पर चढबा लेल मिथिला क दोहन करै इ हमरा बर्दास्त नहि भेल। मिथिला दिन प्रतिदिन पाँछा जा रहल अछि आ मगध क्षेत्र दिन प्रतिदिन विकसित भ रहल अछि से हमरा सदिखन कचोटैत रहल छल। चिंगारी पजरैत-धधरैत आगि बनि गेल आ हम अनशन लेल चलि एलहुं। अनशन क लेल एकटा प्रस्ताव हम अंतरजाल पर रखने छलहुं जेकरा खूब रास समर्थन भेटल आ लोग सब हौसला बढेलक आ हम फैसला पर आगू बढि गेलहुं।

प्रश्न- की मिथिला अलग भेला स इ विकसित भ जाएत ?
उत्तर – देखू विश्वक सबसे बेसी जल संपदा हमरा लग अछि, खेती मे हम सेहो आगाँ छी। फेर की कारण छल जे हम दिन दूना राति चौगुना पिछड़ी रहल छी। आइ मुख्यमंत्री मगध कए छथि आ खाली मगध पर ध्यान द रहल छथि। मिथिला ओहिना अछि आ विकास खाली पटना आ नालंदा तक देखा रहल अछि। रामलीला मैदान स जे विशेष राज्यक दर्जा माँगल जा रहल छल सेहो मिथिलेक दशा पर कियाकि मिथिला बेसी पिछडल अछि।

प्रश्न – अहाँक अनुसार मगध क मुख्यमंत्री छथि ताहि लेल पटना आ नालंदा मे विकास भ रहल अछि, मुदा जखन मुख्यमंत्री मिथिलाक छलाह तखन त मिथिला आर चौपट भ गेल, त अलग राज्य बनला स कोना आगाँ बढ़त जखन की नेता मिथिला क रहत।
उत्तर – देखियो आब स्थिति दोसर अछि, ओ समय दोसर छल पहिने लोक भावुक भ कए वोट दैत छल मुदा आब विकास देखि कए मत देत। हम मानैत छी जे ओ समय मिथिलाक नेता मिथिलाकए लुटलक, मुदा आब समय बदलि रहल अछि। आब युवा राजनीति मे आबि रहल अछि जेकर विजन आ सोच बहुत आगाँ’ अछि। ओना हम अखैन नव छी आ एहि पर गंभीरता स सोचबाक जरुरत अछि जेकरा बाद मे सबहक विचार स पूरा कैल जैत।

प्रश्न – अहाँक आन्दोलन क मुख्य मुद्दा की, अलग मिथिला राज्य वा मिथिला क विकास ?
उत्तर – देखियो हमर इच्‍छा मिथिलाक विकास अछि, मुदा इ बिना अलग राज्यक संभव नहि होयत। आइ पाँच दशक स बेसी स लोक मिथिलाक लेल आन्दोलन क रहल छथि, मुदा परिणाम वैह ढ़ाक क तीन पात। मिथिला विकसित नहि भ रहल अछि। हम सब बुझि गेलहुं जे भीख स विकास नहि भेटत। आब हमरा सबकए भीख नहि अधिकार चाही। अलग मिथिला राज्य बनत तखने एकर विकास होयत।

प्रश्न – मिथिलाक लेल एतेक दिन स एतेक लोक आन्दोलन क रहल छथि, ओहि मे आ अहाँक आन्दोलन मे की अंतर ।
उत्तर – हमरा हिसाब स हमर आन्दोलन एहि मुहीम क एकटा नव आयाम देत, कियाकि हम आम जन स छी ना कोनो राजनितिक मंच स बा कोनो संस्था स हम जुडल नहि छी। हमर अनशन क मुख्य उद्देश्‍य आम जन क मोन मे इ बात देनाय अछि जे अलग मिथिला राज्य क बिना मिथिला क विकास संभव नहि अछि। आइ देखू हम आंदोलन शुरू केलहुं त हमरा संग भाई सब सेहो धरना पर बैस गेलैथि । 22 तारीख स तीन गोटे हमरा संग उपवास पर छथि। एकरा निश्चित एकटा अलग क्रांति कहल जा सकैत अछि। हमर मुख्य उद्देश्‍य जन-जनगरण केनाइ अछि नहि कि कोनो मंच स राजनीति केनाय।

प्रश्न – कवि एकांत क आन्दोलन क श्रेय कियो आर ल रहल अछि, मिथिला राज्य संघर्ष समिति क दावा अछि जे ओकर बैनर क तर अहां अनशन क रहल छी। एहन मे त अहांक अनशन राजनैतिक भ गेल।
उत्तर – देखियो सबस पहिने त इ कहब जे ओ खबरि बिना घटना स्थल पर एने आ बिना हमरा स संपर्क केने छापल गेल । हम अनशन पर छी ताहि लेल इ संभव नहि छल जे सब जगह जा कए हम गप करि, ओना हम सब ओ अखबारक मुख्य संपादक स गप केने छी आ एहि पर अपन प्रतिक्रिया दर्ज करा देलहुं अछि, ओ आश्वाशन देलैथि अछि जे एकरा में सुधारि क कए फेर स छापब। ओना हम साफ क दी जे हमर अनशन कोनो राजनितिक मंच क नीचा नहि भ रहल अछि मुदा कियो अगर समर्थन द रहल छथि त हुनका भगाउल सेहो नहि जा सकैत अछि। आइ मिथिला फ़ौंउडेशन, अखिल भारतीय मिथिला संघर्ष समिति आदि आदि संगठन हमरा सहयोग द रहल अछि।

प्रश्न – एहि अनशन क बाद की विचार अछि।
उत्तर – देखियो जा धरि सरकार हमर सबहक गप नहि मानत इ आन्दोलन एहिना चलैत रहत। ओना आइ हम सरकार कए एकटा ज्ञापन देलहुं अछि जाहि मे सब संगठनक सहभागिता रहल आ सभ अपन लैटरहैड पर एहि मुहिम क समर्थन करैत अलग मिथिला राज्यक माँग रूपी ज्ञापन सौपलक अछि।

प्रश्न – इ’समाद स गप करबा लेल बहुत बहुत धन्‍यवाद।
उत्‍तर – जय मिथिला।

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5 टिप्पणी

  1. sarv pratham Esamaad ke dhanyabad. Ehi team ke shubh kamna je ehina tathyaparak baat chhapait rahathi aa nispaksha samachar dait rahathi.

    Sandesh : Andolan ke adhikar jan jan ke chhaik karan je Mithila sabhak thik. Kewal noyojit, brihat uddeshya aa udar bichardhara ke sang atmbal sa lel gel imandaar nirnay ke sanchalak swayam ishawar chhathi.

    Jai Mithila !! Jai Maithili !! Jai Maithil !!

  2. Kavi Ekant jee bahut bahut dhanybaad apnek, ahak vichar se ham 100% sahmat chhi. Apnek sanak niswarth lok jakhan mithila rajya ke mang karat takhne kichu bhay sakait achhi. warna ohina rajniti roti sekait chalait rahat.

  3. विचार नीक अछि ओना राज्य निर्दलीय नहीं बनाओत आ अंतत: एक दल वा समूह अहु भय जायब।

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