मिड-डे-मील क खिचड़ी अछि नमकीन जहर

पटना। गरीब क बच्चा भोजन क लेल सही स्कूल क चौखट तक त पहुंचल, मुदा बिहार मे मिड-डे मील योजना बच्चाक स्वास्थ्यक लेल खतरा बनि रहल अछि। स्कूल मे बच्च कए परसल जाय वाला खिचड़ी दरअसल नमकीन जहर अछि, जेकरा खाकए कोई मरे भले नहि दुखीत पड़ब तय अछि। इ खिचड़ी बनैत अछि कीड़ा स भरल चाउर स। बच्चा सब दिन खिचड़ी मे कीड़ा देखैत अछि आ खाइत सहो अछि। कई बेर स्कूल क बच्चा जहररूपी मिड-डे मील खाकए दुखीत पडि़ चुकल अछि। कई बेर बच्चा कए उल्टी, दस्त क शिकायत क बाद अस्पताल मे भर्ती करादल गेल अछि, मुदा हालात जस क तस अछि। समाद पउलक जे नहि खेनाइक क्वालिटी क जांच हनेइत अछि आ नहि दोषी क खिलाफ कार्रवाई। मानव संसाधन मंत्री हरिनारायण सिंह कहैत छथि जे हमरा सेहो एकर सूचना भेटल अछि मुदा चाउल एफसीआई स अबैत अछि, जेकरा लेब हमारी मजबूरी छी। मास्टर संजीव कुमार कहैत छथि जे हमरा लोकनि कए सड़ल चाउर भेटन्ैत अछि जेकरा मे कंकड़-कीड़ा रहैत अछि। मास्टर सरोज सिंह कहैत छथि जे हमरा लोकनि कए जेहन भेटैत अछि, ओहने बना दैत छिएक। हम की करि सकैत छी। बिहार सरकार क मानू त एहि मिड डे मील योजना कए चलेबा मे पैंसठ प्रतिशत योगदान केंद्र सरकार क अछि आ एकर अलावा राज्य सरकार क सामने फूड कॉरपोरेशन ऑफ इन्डिया स चाउर लेबाक मजबूरी सेहो छैक । लिहाजा खराब खेनाइ क दोष ओकर माथ मढ़ब ठीक नहि होइत। मतलब साफ अछि। बिहार सरकार क कोशिश अछि जे अपन आंचरि पाक साफ दिखे, न कि सरकार क नाक क नीचा चलि रहल धांधली पर लगाम लगेबाक कोनो कोशिश हुए। सरकारक एहि रवैयाक कारण स गरीब बच्चा क पढ़ाई आ भूख स मुक्ति देबाक एकमात्र जरिया बनि चुकल मिड डे मील कए जहर बनाउल जा रहल अछि।

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