मधेपुरा रेल इंजन कारखाना क नहि खुलल टेंडर, परियोजना अधर मे!

नई दिल्ली। मधेपुरा इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव परियोजना क लेल बोली शुक्रदिन खुलबाक छल। मुदा भारतीय रेलवे बिहार क मधेपुरा परियोजना लेल खोलल जाए बावा बोली कए अनिश्चित काल लेल टाल देलक अछि। आठ-आठ बेर दूनू परियोजना लेल बोली खोलबाक तिथि पहिने बढ़ाउल जा चुकल अछि। डीजल इंजन परियोजना लेल आब 29 जुलाई क तिथि तय कैल गेल अछि। इ परियोजना निजी क्षेत्र क संग मिलकए सार्वजनिक-निजी हिस्सेदारी (पीपीपी) मॉडल पर इलेक्ट्रिक इंजन बनेबा लेल स्थापित कैल जेबाक अछि। एकटा उच्च स्तरीय समिति क सिफारिश क बाद एकरा निजी क्षेत्र क सहयोग क संग शुरू करबाक फैसला लेल गेल अछि, जेकरा लेल किछु उच्च पद क लेल नियुक्ति क बारे मे सेहो फैसला कैल जा चुकल अछि। बोली टालबा स रेलवे संयंत्र लगबा मे एक बेर फेर देरी हेबाक आशंका प्रबल भ गेल अछि। दोसर दिस बिहारक मरहोरा डीजल इंजन परियोजना लेल सेहो अगिला सप्‍ताह बोली खोलबाक तिथि निर्धारित अछि, आजुक स्थिति मे 29 जुलाई कए सेहो बोली टलबाक आशंका देखा रहल अछि। एहि प्रकार स रेल मंत्रालय क राजस्व अर्जन आओर क्षमता विस्तार करबाक योजना खटाई मे पडि गेल अछि। ओना रेलवे बोर्ड क एकटा वरिष्ठ अधिकारी क कहब अछि- हम नव सदस्य (इलेक्ट्रिकल) क एबाक बाट ताकि रहल छी। संगहि एखन पीपीपी परियोजना पर बनल समिति क अंतिम सिफारिश एबाक बाकी अछि।
ज्ञात हुए जे रेलवे बोर्ड क 6 सदस्‍य मे स 2टा सदस्‍य क पद खाली अछि, किया कि 30 जून कए सदस्य (इलेक्ट्रिकल) सुदेश कुमार आओर सदस्य (स्टाफ) वीएन त्रिपाठी सेवानिवृत्त भ गेलाह। रेलवे, वित्त आओर कानून मंत्रालय क उच्च अधिकारी क एकटा अधिकार प्राप्त समिति आ योजना आयोग क बैठक 21 जून कए दोसर बेर भेल छल, जाहि मे मधेपुरा आ मरहोरा मे प्रस्‍तावित संयंत्र क पीपीपी मॉडल क बारे मे सिफारिश भेल छल।
इ-समाद अपने लोकनि कए पहिने बता चुकल अछि जे इलेक्ट्रिक इंजन संयंत्रक ठेका लेबाक दौड़ मे 4टा कंपनी शामिल छल, जाहि मे जनरल इलेक्ट्रिक (जीई), एल्सटन एसए, बम्बॉर्डियर इंक आ सीमेंस एजी शामिल अछि। रेल मंत्रालय आओर वित्त मंत्रालय क बीच कंपनी द्वारा तैयार कैल गेल इंजन क दाम क मसला पर मतभेद क संबंध मे  रेलवे अधिकारी कहला- कुल मिलाकए कोनो वैचारिक मतभेद नहि अछि। वित्त मंत्रालय क सदस्य किछु मसला उठेलथि अछि, जाहि पर रेलवे अपन विचार द देलक अछि।
सब किछु तय रहबाक बावजूद रेलवे मंत्रालय क लुंज-पुंज व्‍यवस्‍थाक कारण एहि दूनू परियोजना पर गप आगू नहि बढि रहल अछि। एकटा कारण आओर अछि जे साफ अछि। इंजन संयंत्रक दूनू परियोजना क घोषणा तत्कालीन रेलमंत्री लालू प्रसाद 2007 मे केने छलाह। एकरा पहिने रेल मंत्रालय अपन दम पर बनेबाक गप कहने छल, बाद मे एकरा पीपीपी परियोजना मे बदलि देल गेल, जाहि मे रेलवे क हिस्सेदारी महज 26 प्रतिशत राखल गेल। बिजली वाला 800 इंजन आओर 1000 डीजल इंजन बनेबाक ठेकाक कुल अनुमानित लागत करीब 1300 करोड़ डॉलर अनुमानित अछि।

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