भ्रष्टाचार क खिलाफ लड़ाई कए व्यापकता देबाक जरूरत : नीतीश

आइ देश भरि मे भष्टाचार क खिलाफ आवाज उठि रहल अछि। बिहार एहि मामला मे रोल मॉडल बनि गेल अछि। एहि ठाम भ्रष्टाचार रोकबा लेल नियम कानून बनबाक संगहि ओकरा पर कार्रवाई सेहो भ रहल अछि। दिसंबर 2010 मे भ्रष्टाचार रोकबा लेल विधायक निधि खत्म कैल गेल। जनवरी 2011 मे बिहार सरकारक सबटा कर्मचारी आ मंत्रीक संपत्ति सार्वजनिक कैल गेल। दिसंबर, 2010 मे भ्रष्टाचारीक संपत्ति जब्त करबा लेल विशेष न्यायालय क गठन भेल । एहि साल 15 अगसत कए लोक सेवा क अधिकार लागू कैल गेल। कहियो भ्रष्टाचार क दोसर नाम बनि चुकल बिहार आइ भ्रष्टाचार स लड़बाक रणभूमि बनि गेल अछि। भ्रष्टाचार क मसला आओर एकरा पर रोक लगेबाक बिहार सरकारक कोशिश आ अन्ना क आंदोलन सन कईटा मसला पर प्रभात खबर पटनाक ब्यूरो प्रमुख आ इसमाद सलाहकार मंडलक प्रमुख मिथिलेश कुमार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार स लंबा चर्च केलथि। प्रस्तुत अछि नीतीश कुमार स भेल चर्चक किछु अंश –

सवालः भ्रष्टाचार क खिलाफ अहां लडि़ रहल छी या सरकार
मुख्यमंत्री ः भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाइ में बिहार पायोनियर बनि गेल अछि। न्याय संग विकास करबाक गप त हम करैत रहलहुं अछि, मुदा विधान सभा चुनावक दौरान तीन सौ स बेसी सभा मे हम मुख्य रूप स भ्रष्टाचार क खिलाफ सबसे कड़ा कानून बनेबाक आ ओकरा अंजाम तक पहुंचेबाक गप कहने रही। हमर सरकार भ्रष्टाचार क खिलाफ कानून बनेलक आ भ्रष्ट रूप स जमा कैल संपत्ति कए जब्त करबक प्रक्रिया शुरू भ चुकल अछि। किछु लोक एहि प्रक्रिया क खिलाफ कोर्ट सेहो गेलाह अछि मुदा हाई कोर्ट सरकार क एहि फैसला कए उचित ठहरेलक अछि। सरकार क एहि डेग स जे लोक मे बहुत पैघ संदेश गेल अछि जे भ्रष्टाचार क धन आब काज नहि आउत। आब कखनो एहन धन जब्त भ सकैत अछि। सरकार भ्रष्टाचार कए खत्म करबा लेल कईटा आर काज केलक अछि। पहिल बेर राज्यक ऊपर स नीचा तक क सबटा कर्मचारी आ मंत्री क संपत्तिक विवरणी सेहो सार्वजनिक कैल गेल। इ बिहार मे नहि देश मे सेहो पहिल बेर भेल। केंद्र आ आन राज्यक सरकार सेहो एहि पर विचार कए रहल छथि। बिहार मे लोक सेवा क कानून पारित कैल गेल। आम लोक कए एहि स बड़ आराम भेटत। हम अपन एहि अभियान कए आगू बढ़ा छी, हम कहलहुं अछि जे लोकायुक्त कए और मजबूत कैल जाएत। मुख्यमंत्री कए सेहो एहि मे शामिल कैल जाएत। विधानमंडल क अगिला सत्र मे एहि संबंध मे एकटा विधेयक पेश कैल जाएत। एहि संबंध मे टीम अन्ना स सेहो गप कैल जा रहल अछि। पंचायत आ नगर निकाय क काज पर नजरि रखबा लेल लोक प्रहरी क नियुक्ति कैल जा रहल अछि। भ्रष्टाचार कए प्रभावि रूप स खत्म करबा लेल सत्ताक विकेंद्रीकरण कैल जा रहल अछि आ पारदर्शी बनेबाक कोशिश कैल जा रहल अछि। खास कए टेंडर प्रक्रिया कए और पारदर्शी आ प्रभावी बनाउल जा रहल अछि। हम भ्रष्टाचार क सबटा पहलू पर हमला करि रहल छी आ ओकरा खत्म करबा लेल तंत्र विकसित करि रहल छी। इ लड़ाई एखन लंबा चलत।

सवाल ः जनता आब भ्रष्टाचार स त्रस्त भ गेल अछि, अहां कए एकरा स लड़बाक ताकत कतए स भेटैत अछि?
मुख्यमंत्री ः हमर विचार स सरकार कए अपन सबटा ताकत भ्रष्टाचार स लड़बा मे लगा देबाक चाही। समाज क विभिन्न अंग मे जे इ रोग पहुंच चुकल अछि ओकर जडि स उपचार हेबाक चाही। जनताक इच्छा सामने आबि चुकल अछि, ओ इ चाहि रहल अछि जे कानून सबपर बराबर लागू हुए, हुनको पर जे कानून बना रहल छथि। आब भ्रष्टाचार क खिलाफ लड़ाई कए व्यापकता देबाक जरूरत अछि। सब पक्ष्ा कए देखबाक जरूरत अछि। एहि उबाल कए कियो आब दबा नहि सकैत अछि। हमर सबहक जे भूमिका अछि से हम सब करि रहल छी, हम जे आइ करि रहल छी ओ आम जनताक इच्छा स भ रहल अछि, हम जनताक भाव देख कए ओकर लाभ उठा रहल छी। सबटा ईजोत जनता स आर हुनक आंदोलन स भेटल अछि।

सवाल : अन्ना क आन्दोलन कए अहां कोन रूप मे देखैत छी?
मुख्यमंत्री ः लोक मे भष्टाचार क खिलाफ मानस बनि गेल अछि । एहि लेल कियो अगर इ मसला उठबैत अछि त लोकक भावना प्रकट भ जाइत अछि। आम जनता भावनात्मक रूप स एहि स जुडि़ गेल अछि। भष्टाचार क खिलाफ जन मानस ठार भ गेल अछि। जहां तक आंदोलन क आगूक गप अछि त हमर राय मे भष्टाचार क बहुत आयाम अछि। विविध आयाम पर विचार करबाक जरूरत अछि। प्रशासनिक भष्टाचार, कारपोरेट जगत क भ्रष्टाचार, कतहु कतहु समाज सेवा क नाम पर भ्रष्टाचार देख रहल छी । हर जगह भ्रष्टाचार क रोग फैल चुकल अछि। कारपोेरेट सेक्टर क भ्रष्टाचार दिस त ककरो नजरि नहि जा रहल अछि, ओहि ठाम कोन स्तर पर इ रोग फैल चुकल अछि इ लोक कए अंदाज नहि अछि। समाज सेवा क नाम पर भ्रष्टाचार क पैघ पैघ कारनामा भ रहल अछि। एहि सब पर लोकक ध्यान नहि जा रहल अछि।

सवाल ः अहां जयप्रकाश आंदोलन आ अन्नाक आंदोलन मे की समानता देख रहल छी?
मुख्यमंत्री ः हमरा जनैत एहि आंदोलन स जनता जुडि़ चुकल अछि। इ आंदोलन सेहो भ्रष्टाचार क खिलाफ अछि, जनता मे एक बेर फेर भ्रष्टाचार क खिलाफ उबाल अछि आ एकर स्पष्टीकरण देखा रहल अछि। तथापि एकर तुलना जयप्रकाश आंदोलन स नहि क सकैत छी। ओ आंदालन दोसर परिस्थिति मे भेल छल ओकर व्यापकता बहुत छल। जेपी आंदोलनक अपन खासियत छल। अन्ना आंदोलनक अपन खासियत अछि। देखल जाए त सब आंदोलक क अपन महत्व अछि आ एक दोसरक तुलना नहि भ सकैत अछि। हमर राजनीतिक समझ कहैत अछि जे अगर कियो इ सोचैत अछि जे जनताक भीतर भ्रष्टाचारक खिलाफ इ उबाल किछु दिन मे शांत भ जाएत त एहन नहि हुए जा रहल अछि। जनता एहि चीज कए पकडि लेने अछि आ अंजाम तक पहुंचा कए शांत होएत।

सवाल ः भ्रष्टाचार कए रोकबा लेल आगूक रणनीति की अछि?
मुख्यमंत्री ः देखू, भ्रष्टाचार समाज मे कैंसर जेकां पसरि चुकल अछि, केवल कानून बना देला स किछु नहि होएत। ओहि पर अमल करबा पर किछु भ सकैत अछि। हर कोन मे इ मौजूद अछि आ हर तरीका स एकरा स निपटबा लेल तैयार रहबाक अछि। हम किछु ठोस डेग उठेलहुं अछि आ किछु उठा रहल छी। कानून क मार्ग खुलि रहल अछि। संपत्ति जब्त भ रहल अछि। लोक संवा कानून लागू भ चुकल अछि। सरकार लेल सबस कठिन काज अछि एहि काज कए संयम पूर्व क अंजाम तक पहुंचेनाइ। हम संपत्ति जब्त करबाक प्रक्रिया हुए या अदालती निर्देश क अनुपालन क मामला, आनन फानन मे कोनो काज नहि हेबा चाही। एहन पुख्ता काज हेबाक चाह जे हाई कोर्ट स की सुप्रीम कोर्ट स सेहो कोनो भ्रष्ट कए राहत नहि भेटबाक चाही। कानून कए हम एहि प्रकार स एतबा मजबूत करि द रहल छी जे कोनो प्रकार स भ्रष्ट अपना कए नहि बचा सकैत छथि। बिहार एहि दिशा मे पहिने आगू भ चुकल अछि आ देश बिहारक हर कानून आ प्रक्रिया कए अपनेबा आ लागू करबा लेल तैयार अछि।

सवाल ः अहांक विचार स कि प्रधानमंत्री कए लोकपालक दायरा मे हेबाक चाही?
मुख्यमंत्री ः किछु विवाद कए छोडि़ दी त हम व्यक्तिगत रूप स एकर पक्ष्ा मे छी। एहि मे दिक्कत की अछि? कोनो आन कानून मे त प्रधानमंत्री कए एहन कोनो विशेष छूट नहि भेटल अछि। हम एहन गप पर किया जाइ कि प्रधानमंत्री क खिलाफ कोनो शिकायत भ जाएत। प्रधानमंत्री कोनो छुइ मुइ त होइत नहि अछि जे आरोप लागि जाएत आ स खत्म भ जाएत। हमर मत स प्रधानमंत्री एक लोकपाल क दायरा मे रखबाक चाही। जहां धरि न्यायपालिका क संबंध अछि त दूनू पक्ष एहि पर गप करि रहल छथि। बुनियादी गप इ अछि जे एकटा मजबूत लोकपाल बनबाक चाही, बाकी तो बाद क गप अछि। ओना इ बुझबाक चाही जे कानून स ऊपर कियो नहि अछि। लोकपाल सेहो कानून स ऊपर नहि होएत। जनता एहि बात कए सेहो बुझैत अछि जे मात्र लोकपाल बना देला स भ्रष्टाचार खत्म नहि होएत। किया कि कारपोरेट सेक्टर क जे भ्रष्चार अछि ओहि पर नजरि रखबा लेल कियो नहि अछि। सरकारी बाबू स बेसी हिनका सब पर नजरि रखबाक जरूरत अछि किया कि हिनकर भ्रष्टाचार दूरगामी होइत अछि।

सवाल : बिना चुनाव सुधार कए भ्रष्टावार पर अंकुश नहि लगाउल जा सकैत अछि?
मुख्यमंत्री ः चुनाव सुधार क गप बहुत होइत अछि। राजनीति मे चुनाव आवश्यक सेहो अछि। एकरा स नीक लोक क राय बुझबा लेल आओर दोसर साधन भ नहि सकैत अछि। चुनाव प्राथमिक आधार अछि। चुनाव क दौरान धन क जरूरत त होइत अछि। जाहि धरि एहि पर अंकुश नहि लागत आ फिजूलखर्ची नहि रोकल जाएत तखन धरि इ प्रभावी नहि भ सकैत अछि। चुनाव आयोग सन संस्था कए आओर पारदर्शी बनेबाक जरूरत अछि। चुनाव खर्च कए ल कए आयोग पहल केलक अछि, एक हद तक अंकुश सेहो लागल अछि मुदा कारगर नहि कहि सकैत छी। हमरा जनैत चुनाव लेल राज्य कए एकटा कोश बनेबाक चाही। इ कोश भ्रष्टाचार रोकबा मे सेहो कारगर साबित भ सकैत अछि। एहि स चुनाव लड़निहार कए एकटा टका नहि खर्च होएत। कई बेर चुनाव बेसी लंबा होइत अछि, सब कए प्रचार लेल वाहन चाही, आइ काल्हि त समाचार सेहो टका ल कए छपैत अछि। इ व्यवस्था लागू भेला स एहि सब स उम्मीदवार मुक्त भ जाएत। एखन जे व्यवस्था अछि ओहि पर पोस्टर पर सेहो कई प्रकार क रोक अछि, पहिने पोस्टरक माध्यम स किछु टका गरीब तक पहुंच जाइत छल, मुुदा आब टका त बेसी खर्च भ रहल अछि मुदा ओ गरीब तक नहि पहुंंच रहल अछि। आयोग कए चुनाव प्रचार लेल जगह निर्धारित करबा क चाही, सब दल कए ओहि ठाम समय भेटबाक चाही, एहि स बहुत रास समस्या अपने आप हल भ सकैत अछि। ओना बिहार मे एखनो आन राज्यक मुकाबले चुनाव प्रचार मे कम खर्च अबैत अछि।

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