भैयादूज पर आखिरी बेर भेल छल भेंट

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मुंबई मे वीटी स्टेशन पर आतंकवादी क गोली स मारल गेल छलाह बिनोद

उज्ज्वल कुमार
पटना। बिनोद क बहिन शांति गुप्ता कहैत छथि जे बिनोद स हुनकर आखिरी भेंट भैयादूज-बजरी क मौका पर भेल छल, जखन ओ पटना आइल छलाह। पांच बहिन मे स केवल हम ही पटना मे रहैत छी ताहि लेल हमरा हुनका स अन्य बहिन क मुकाबले बेसी भेंट होइत छल। आखिरी मुलाकात क दौरान ओ कहने छल जे ओ जल्द काफी दिन लेल पटना आबि कए रहत।

करीब साढ़े दस बजे भेटल छल सूचना

बिनोद क सहोदर बहिन शांति कहैत छथि जे गोलीबारी शुरू हेबाक करीब एक घंटा बाद राति साढ़े दस बजे प्रदीप पटना फोन केलाह जे माइ आ बिनोद क हालत गंभीर अछि। एकर बाद त कोलकाता स छोटकी बहिन सबसे पहिने मुंबई पहुंचलीह।

काफी तकलाक बाद भेटल बिनोद क शव

बिनोदक मौत क सूचना क बाद हुनकर शव तकबा मे काफी दिक्क्त भेल। पोस्टमार्टम करबाक बाद अधिकतर शव कए लावारिस हालत मे पोस्टमार्टम रूम क आगू राखि देल गेल छल। समय अभाव क कारण बिनोद क शव कए पटना नहि आनल जा सकल। हुनकर सासुरक लोक सब हुनकर ओहि ठाम अंतिम संस्कार करि देलक।

…सावित्री नहि बचा सकलीह अपन सत्यवान

कहल जाइत अछि जे सावित्री यमराज क झोली स अपन पति क जान वापस लेबा मे सफल रहल छलीह, मुदा इ सावित्री अपन ‘सत्यवान-बिनोदÓ कए बचेबा मे असफल रहलीह। पटना क मूल निवासी बिनोद कुमार गुप्ता क कनिया सावित्री क आखि एखनो नोराइल अछि। ओ कहैत छथि यमराज बनि कए आइल आतंकवादी कए नौ माह क दुधमुंही बच्ची देखि कए तरस नहि आइल।

रेलवे देलक कनिया कए नौकरी

अपन पति बिनोद कए गंवा चुकल सावित्री कए रेलवे नौकरी देने अछि। अपन दू टा बेटी क सहारे सावित्री अपन नव जिंदगी शुरु करबाक कोशिश करि रहल छथि। बड़की बेटी त एखन पांच साल क अछि, जखन कि छोटकी बेटी महज दू साल क अछि।

विवाह समारोह मे भाग लेबा लेल आबि रहल छलाह बिनोद

बिनोद कुमार गुप्ता अपन माइ क संग विवाह समारोह मे भाग लेबा लेल पटना आबि रहल छलाह। प्रदीप जे हुनकर संबंधी छथि, हुनका सेहो पटना एबाक छलन्हि। प्रदीप दादर स्टेशन पर छलाह आ बिनोद मुंबई वीटी स्टेशन पर। बिनोद किछु काल पहिने प्रदीप कए कॉल केने छलाह जे अहूं वीटी स्टेशन पर चल आउ। कॉल समाप्त नहि भेल छल कि बिनोद कए आतंकवादी गोली स छलनी करि देलक।

जर्मन कार क तकनीक सीखबा लेल मुंबई गेल छलाह बिनोद

बिनोद कए जर्मन कार क तकनीक सीखबाक बड़ शौक छल। पटना मे बैट्री आ डायनेमो क हुनकर कारोबार छल। एहि उद्देश्य क संग बिनोद वर्ष 1997-98 मे मुंबई क रुख केने छलाह। ओहि ठाम बिनोद एकटा गैराज सेहो खोलि लेने छलाह। 2003 मे ओ ओहि ठाम विवाह सेहो करि लेलथि। घाटकोपर मे ओ अपन मकान मे रहैत छलाह। फिलहाल ओ एकटा प्राइवेट कंपनी क लेल इंश्योरेंस एजेंट क काज सेहो करैत छलाह।

कतए गेल हमर बाबू…

एकरा एकटा संयोग कहल जाइ जे बिनोद क जान अपन माइ क गोद मे गेल। माइ कए सेहो आतंकवादी छह टा गोली दागने छल। मुदा ओ बचि गेलीह। कतए गेल हमर बाबू…..? एखन त ओ हमरे कोरा मे छल। हमर बिनोद कतए गेल? माइ मालती देवी कए जखन-जखन होश अबैत अछि बस मुंह स एतबे निकलैत अछि। एक साल बितलाक बावजूद मालती देवी पर ओ हादसा एतबा गहिर छाप छोडऩे अछि जे ओ बिनोद कए तकबा लेल वैशाखी क सहारा ल एखनो दरवाजा दिस दौर परित छथि। हुनका सेहो छह टा गोली लागल छल जाहि मे स दू टा गोली कमर मे, एकटा हाथ में आ एकटा पैर मे लागल छल।
फोटो रेखा सिन्हा

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