भूस्सी स आधा दर्जन गांव भेल रोशन

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बगहा/पटना। पिछला साल पांचम अंक में इ समाद अहां लोकनि तक पहुंचल छल जे भूस्सी भगाउत बिहारक अनहार। आइ इ सपना करीब-करीब पूरा भ रहल अछि। करीब दू साल पहिने धनहा क तमकुहा मे धान क भूस्सी स बिजली बनेबा लेल शुरू भेल कवायद रंग पकडि़ चुकल अछि। एहि दू साल मे गंडक दियारा क आधा दर्जन गांम दौनाहा, धनहा, मधुबनी, रूपही, मलाही आ कोइरपट्टी मे सेहो धान क भूस्सी स बिजली बनेबाक प्लांट लगाउल जा चुकल अछि। एहि प्रकार स आइ इलाका क करीब साढ़े तीन हजार घर रोशनी स जगमगा रहल अछि।
पिछड़ापन आ दुरुह भौगोलिक बनावट क दंश झेल रहल दियारावासी कए इ प्लांट मानू नवजीवन द देलक अछि। ओ आइ शान स अपन घर मे केवल बल्ब क प्रकाश नहि, बल्कि पंखे क हवा आ टेलीविजन पर सुर-संग्राम क लुत्फ सेहो उठा रहल छथि। सबस पैघ गप, हुनकर विद्युत आपूर्ति बाधित नहि होइत अछि।
मजा क गप कि जे एहि साल जखन प्रकृति मुंह फेरलक त धनहा क दर्जन भरि किसान क धान क बिचड़ा बचेबा लेल पाइन चलेबा लेल एहि प्लांट स मुफ्त बिजली उपलब्ध कराउल गेल। एतबे नहि,ब्याह क आयोजन मे सेहो प्लांट स मुफ्त बिजली सप्लाई कैल जाइत अछि।
सिताब दियारा क किसान सुरेश शर्मा समाद स कहलथि जे धान क पीअर बिआ देखि कए छाती फाटत रहे त फ्री मे हमरा सब कए पाइन इ प्लांट स पाटाइल। इ हमरा लोकनि कए क्षेत्र मे भगवान क वरदान अछि। सुविधा शुल्क क गप करि त उपभोक्ता कए नियमित छह घंटा बिजली आपूर्ति क एवज मे प्रति यूनिट चालीस रुपए मासिक लगैत अछि।
बभनी क जोड़ा चौरसिया, सरल चौरसिया हो या फेर शंभू साह। सबहक दिल मे आइ उमंग दिखल जा रहल अछि, जेकरा ओ शहर गेलाक बाद देखिकए सपना क दुनिया मे चलि जाइत छलाह। धनहा गाम क गोबरी गिरि क मानी त ‘आब बिटिया क बिआह मे जेनरेटर क साटा नहि बांध कए पड़ल। राति भरि चकाचक लाइट जरल, उहो बिना टका कए।Ó
जहि गाम में एहि प्लांट स बिजली आपूर्ति भ रहल अछि, ओहिठामक लोक एहि पहल कए ऊर्जा क्रांति स जोडि़कए देखि रहल छथि। समता समृद्धि फाउंडेशन आ हस्क पावर सिस्टम क बैनर तले धान क भूस्सी स बिजली बनेबाक इ कवायद मझौलिया निवासी ज्ञानेश पांडेय अपन दोस्त रत्नेश कुमार क संग मिलकए शुरू केने छलाह। आइ हुनकर संग मनोज सिन्हा आ विदेशी मित्र चाल्र्स रैनसलर सेहो जुडि़ गेलथि अछि।
32000 वाट बिजली पैदा करैय वाला एहि एक प्लांट कए चलेबा मे प्रति घंटा मात्र 50 किलो धान क भूस्सी क जरूरत होइत अछि। फाउंडेशन 2009 क अंत तक एहन बीसटा प्लांट लगेबाक प्रयास मे लागल अछि। दौनाहा प्लांट क चालक राजेश कहैत छथि जे प्रतिदिन छह घंटा प्लांट चलेबा लेल करीब साठि टका क भूस्सी क आवश्यकता अछि। भूस्सी जडि़ कए गैस बनिकए विद्युत मे परिवर्तित होइत अछि।
फाउंडेशन क निदेशक आ ज्ञानेश पांडेय क मित्र रत्नेश कुमार क मानी त संस्था वर्ष 2014 तक देश क विभिन्न हिस्सा मे धान क भूस्सी स चालित 2014 प्लांट लगेबाक लक्ष्य रखने अछि। रत्नेश क अनुसार 2010 तक 50 आ 2011 तक दू सौ प्लांट विभिन्न हिस्सा मे लगाउल जाइत। दियारा क बाद नक्सल क्षेत्र क गाम मे सेहो एहि योजना क लाभ पहुंचबाक कवायद शुरू भेल अछि। ओ कहलथि जे भारत सरकार क ऊर्जा संरक्षण विभाग क दिस स समय-समय पर एकरा लेलसहायता राशि प्राप्त भ रहल अछि, जेकर बदौलत सेवा क विस्तार कैल जा रहल अछि।

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