भाजपा लेल राजनीतिक रूप स महत्वहीन भेल ब्राह्मण आ मुसलमान

फेर नहि आयल शाहनवाज क मौका 

भूराबाल स बाहर कैल गेल ‘बा’

कैबिनेट जोकर नहि रहल भूमिहारक कद

आशीष झा/ कुमुद सिंह

मोदी मंत्रिमंडलक विस्तार मे बिहार स तीटा आओर सांसद मंत्री बनलाह। मुदा इ विस्तार क रूपरेखा देखि बहुत रास सवाल उठैत अछि। अगिला साल बिहार मे विधानसभा क चुनाव अछि। एहन मे मंत्रिमंडल विस्तार क माध्यम स भाजपा विधानसभा लेल अपन जातीय प्राथमिकता तय क देलक अछि। महागठबंधन क बाद भाजपा क इ प्राथमिकता सूची काफी मायने रखैत अछि। पार्टी तय क चुकल अछि जे ओ बहुसंख्यक आ सामाजिक रूप स मजबूत जाति क भरोसे चुनाव क वैतरणी पार करत। ओकर मंत्री क सूची मे कोनो महादलित या अतिपिछड़ा नहि अछि। संगहि ओ बिहार में ”भूराबाल” मे स ”बा” कए बाहरी मानि चुकल अछि आ एमवाइ समीकरण कए तोडबा लेल ओकर एम से बेसी वाइ पर ध्यान अछि। भाजपा लेल आब ब्राह्मण आ मुसलमान दूनू राजनीतिक रूप स महत्वहीन जाति भ चुकल अछि। ब्राहमण कए उच्चजाति क अभिन्न अंग माननिहार लेल इ संदेश साफ अछि जे अहां भूराबाल क हिस्सा नहि छी। ओना मुसलमानक उपेक्षा भाजपा लेल मुश्किल अछि किया त यादव कए राम भरोसे तोडब मुश्किल अछि। एहन मे बिहारक मुसलिम चेहरा शाहनवाज क बदला में उत्तर प्रदेश स नकबी क चयन बुझबा मे नहि आबि रहल अछि। शाहनवाज कए कोन मौका लेल बचा राखल जा रहल अछि इ त भाजपा कहत, मुदा हिनक उपेक्षा महज चुनाव हारला स नहि कैल जा सकैत अछि। जाहि कैबिनेट में जेटली आ स्मृ्ति सन चुनाव हारल नेता कैबिनेट मंत्री छथि, ओहि ठाम योग्यता आ अनुभव क आधार पर शाहनवाजक दावा त बनैत अछि। वाजपेयी सरकार मे ओ सबस कम बैसक मंत्री छलाह, संगहि हुनक कार्यकाल सेहो नीक कहल जाइत अछि। ओना योग्यता आ अनुभव क आधार पर कैबिनेट विस्तार नहि भ सकल अछि। देखल जाय त बिहार स मंत्री चुनबाक क आधार नहि त अनुभव या योग्यता रहल, नहिये क्षेत्रीय संतुलन आ नहिये जातिगत आधार कए संतुलित करबाक कोशिश एहि मे देखा रहल अछि। राजीव प्रताप रुडी कए राज्यमंत्री क ओहदा कोनो आधार पर न्यायोचित नहि लागि रहल अछि। रुडी मंत्री क संग संग संगठन मे सहो लंबा अनुभव रखैत छथि, एहन में हुनका स कम अनुभव रखनिहार कैबिनेट मे स्थान पाबि लेलक अछि। बिहार में रुसल भूमिहार आइ जरूर मुस्किया रहल छथि, मुदा इ टीस हुनका जरूर अछि जे आइ हुनकर दर्जा कैबिनेट मंत्री क नहि रहल। जहां धरि रामकृपाल क सवाल अछि त हुनकर माध्यम स भाजपा आन दल से नेता कए पार्टी दिस लुभेबाक कोशिश केलक अछि। दरअसल रामकृपाल अपन जातिक वोट केतबा दिया सकता एकर त दावा ओ खुद नहि क सकैत छथि मुदा हुनका मंत्री बना मोदी इ दावा क सकैत छथि जे मंत्री बनबा लेल भाजपा क पुरान वफादार या संघ क सेवक होयब जरूरी नहि अछि। आन दल स भाजपा मे आयल नेताक पार्टी में उपेक्षा नहि कैल जायत अछि। ओना एहि मंत्रिमंडल विस्तार स दूटा गप साफ भ गेल। पहिल त भाजपा ओहि जाति क नेता कए मंत्री बनेलक अछि जे बिहार मे मुखर अछि। गांव स ल कए शहर तक आ चौक स ल कए सोशल मीडिया तक जोर-शोर स बहस करैत अछि। प्रचार क लामबंदी करैत अछि। राजपूत, भूमिहार आ यादव कए रुसला पर बिहार मे मुखर विरोध तेज भ जाइत अछि जाहि स आन जातिक वोटर सेहो लामबंद भ जाइत छथि। ताहि लेल कोनो पार्टी हिनकर विरोध स बचय चाहैत अछि। देखबाक चाही जे नरेंद्र मोदी आ भाजपा एहि मे केतबा सफल होइत छथि।

 

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1 टिप्पणी

  1. बिहार में रोजगार के अवसर लोगो को मिले , पलायन कम हो ये अच्छी बात है , मगर राजनिती के घाट न चट जाए ये योजनाए , आशंका इस बात का है |

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