बैलगाड़ी बनत बिहार पर्यटन क विकास रथ

पटना। आवागमन क परंपरागत साधन क लुत्फ उठेबा क हुए त बिहार आऊ। गंगा क लहरि पर हेलइत जहाज पर ठेठ बिहारी गीत-संगीत क संग देसी व्यंजन क स्वाद आ बीच-बीच मे अबैय वाला पड़ाव पर बैलगाड़ी, रिक्शा आओर हाथी क सवारी क व्यवस्था।
एहि दौरान गंगा तट पर होइवाला आरती क आनंद सेहो। इ सब बिहार राज्य पर्यटन निगम क नव योजना छी, जे तीन आइ जमीन पर उतरि गेल। एकटा विदेशी निजी कंपनी क सहयोग स इ अद्भुत योजना तैयार भेल अछि। एकर पाछु मुख्य सोच विदेशी पर्यटक कए आकर्षित करब अछि।
56 विदेशी पर्यटक कए लकए 28 कोठलीवाला जहाज आइ कोलकाता स वाराणसी क लेल विदा भ रहल अछि। इ चारि तारीख कए बटेश्वर स्थान पहुंचत। कहलगांव, मुंगेर, सिमरिया, बाढ़, पटना, मोहजामपुर आ बक्सर मे रुकेैत इ नौ तारीख कए उत्तर प्रदेश चल जाइत। एहि जहाज मे अमरीका, जर्मनी, ब्रिटेन, जापान आदि देश क पर्यटक सवार छथि।
कोलकाता स वाराणसी तक गंगा क लहरि पर मौजमस्ती क संग-संग सैर करैय वाला पर्यटक क लेल जहाज पर मनोरंजन आ बिहारी व्यंजन क सेहो व्यवस्था रहत। पर्यटक कए विक्रमशिला आ नालंदा विश्वविद्यालय क भग्नावशेष दिखाउन्ल जाइत आओर भारत क प्राचीन इतिहास क जानकारी देल जाइत।
पर्यटक कए बोधगया, राजगीर सहित ओ सबटा पुरातात्विक स्थल क भ्रमण कराउल जाइत जे दस्तावेज अलग लोक स्मृतिय मे सेहो दर्ज अछि। हुनका मुंगेर मे योग क पहिल विश्वविद्यालय सेहो घुमाउल जाइत। पर्यटक क दल पटना क ऐतिहासिक धरोहर स सेहो रू-ब-रू हेताह।
पर्यटन विभाग क प्रधान सचिव सह बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम क प्रबंध निदेशक सह अध्यक्ष रश्मि वर्मा कहलथि जे समझौता क अनुसार सबटा तैयारी भ चुकल अछि। ब्रिटेन क पांडव रीवर क्रूज प्राईवेट लिमिटेड कंपनी और पर्यटन निगम के बीच एमओयू पर मई मे हस्ताक्षर भेल छल। एकर तहत विदेशी पर्यटक कए कोलकाता स वाराणसी आ वाराणसी स कोलकाता क बीच एक वर्ष तक भ्रमण करेबाक योजना अछि।
समझौता क तहत सब बेर पर्यटक क सुविधा निगम उपलब्ध कराउत। बिहार मे पर्यटक क इ सात दिन क यात्रा अछि। एहि दौरान पर्यटक कए राज्य क पर्यटन स्थल क भ्रमण क सुविधा उपलब्ध करेबा आ हुनकर सुरक्षा क जिम्मेदारी निगम क अछि। पर्यटन निगम क अधिकारी क अनुसार निगम क दिस स गाइड आ वाहन क सेहो व्यवस्था अछि। भारी संख्या मे सुरक्षाकर्मी सेहो तैनात रहत।
पिछला एक माह स निगम अधिकारी एहि पैकेज कए अंतिम रूप देबा मे लागल छलाह। उत्तर प्रदेश मे प्रवेश स पूर्व विदेशी क आकर्षण क केंद्र बक्सर होयत। एहि ठाम पर्यटक कए बैलगाड़ी स घुमाउल जाइत। हुनका हाथी क सवारी क सेहो आनंद उठेबाक मौका भेटत । निगम अधिकारी कहैत छथि जे जलमार्ग स विदेशी क आगमन क इ प्रयोग ‘अनूठाÓ अछि।

पर्यटक जहाज : कहलगांव से बक्सर वाया पटना

चार अक्टूबर
दोपहर 12 बजे जहाज बटेश्वर स्थान।
विक्रमशिला रवाना
कहलगांव मे जहाज मे रात्रि विश्राम
डॉ गोपाल शरण देताह डाल्फिन क जानकारी।

पांच अक्टूबर
कहलगांव स रवाना
65 किमी दूरी तय करि सुलतानगंज मे ठहराव
गंगा नदी मे डालफीन देखबाक आनंद लेताह
मुंगेर मे जहाज मे रात्रि विश्राम
छह अक्टूबर
मुंगेर योग आश्रम रिक्शा स जेताह
मुंगेर स विदा भ सिमरिया घाट ठहराव
सिमरिया मे जहाज पर राति बितत।
सात अक्टूबर
सिमरिया से जहाज रवाना
पटना जिला क बाढ़ पहुंचत।
7.30 बजे सड़क मार्ग स नालंदा रवाना
राजगीर मे भोजन
सांझ तक बोधगया पहुंचताह।
बोधगया स पटना आबि रात्रि विश्राम
आठ अक्टूबर
पटना क विभिन्न ऐतिहासिक आ पर्यटक स्थल क भ्रमण
मनेर मे जहाज पर सवार हेताह
बक्सर से पहिने मोहजामपुर मे जहाज मे रात्रि विश्राम
नौ अक्टूबर
बक्सर ठहराव।
दस अक्टूबर
जहाज चौसा होइत वाराणसी क लेल रवाना

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