बिहार मे किया नहि भेल राष्टमंडल खेल

नंदनी
पटना। खेलक स्तर पर सबस कम आधारभूत संरचना बिहार मे अछि। सच पूछू त एहि राज्य मे एकटा नीक मैदान तक नहि अछि। एहन मे अगर राष्टमंडल खेल बिहार सन राज्य मे आयोजित होइत त राज्य मे एकटा ठोस आधारभूत संरचना तैयार करबा मे आसानी क संग-संग देश कए एकटा नव खेल गांव क सनेस सेहो भेट जइते। मुदा एहन नहि भेल, मणिशंकर जी क गप सुननिहार कियो नहि अछि। आखिर दिन मे रोशनी करबाक चेष्टïा हमर देशक सरकार करैत रहल अछि, ताहि राति एहनो अनहार अछि। जे शहर आ राज्य विकसित अछि ओकर विकास करबाक विचार भारत सन देशक सरकार आ नेताक भ सकैत अछि। पचास हजार करोड़ मे एकटा नव शहर बसेबाक बदला मे दिल्ली सन बनल बनाएल शहर कए
फेर स बनेबाक कौन जरूरत छल, जखन कि बिहार मे शहरीकरणक रफ्तार सबस कम अछि। एकर संग-संग राज्य मे खेल क हाल बेहाल अछि। हालात इ भ चुकल अछि जे राज्य मे ख्ेालक सुनहगर अतीत पर धुंध छा गेल अछि। क्रिकेट कए धर्म बुझनिहार एहि देश मे बिहार एकटा एहन राज्य अछि जतय क्रिकेट क खेल स्टेडियम क जगह अदालत मे खेलल जा रहल अछि। बिहारक क एकमात्र अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम मोइनुल हक मे खेल बंद अछि। आसपास क जिला क स्टेडियम क गप नहि हुए। एस्ट्रोटर्फ एहि ठाम सपना बनल अछि। मैदान क कमी क असर राष्ट्रीय खेल हॉकी क अलावा फुटबाल, एथलेटिक्स आ अन्य खेल पर साफ देखा रहल अछि। पहिने जतय स्टेडियम मे खिलाड़ी क मेला लगैत छल, आइ खिलाड़ी दोसर राज्य क दिस पलायन करि रहल अछि। वीरान पड़ल 35 हजार दर्शक क क्षमतावाला मोइनुल हक स्टेडियम कए इ पता नहि अछि जे ओकर भाग्य मे की लिखल अछि। 2001 मे बीसीसीआई पर्यवेक्षक दल स्टेडियम क दौरा करि एकरा क्लीन चिट द देने छल। एकर बाद सांसद कपिल सिब्बल फ्लड लाइट्स क लेल तीन करोड़ टका सेहो देलथि, मुदा मान्यता विवाद आ रख-रखाव सबटा खेल बिगाडि़ देलक। 1996 मे जिम्बाब्वे आ केन्या क बीच भेल विश्व कप क्रिकेट मैच क दौरान सुनील गावस्कर, माइकल होल्डिंग, रवि शास्त्री स बेहतरीन आउटफील्ड क दर्जा पैनिहार इ मैदान आइ मूसक रैन बसेरा बनल अछि।
जखन कि बिहारशरीफ मे मौजूद दीपनगर स्टेडियम, गया क काल्हा स्टेडियम, हरिहर सुब्रह्मण्यम स्टेडियम, मगध विवि स्टेडियम आ इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम, हाजीपुर क अक्षयवट राय स्टेडियम, छपरा क राजेन्द्र स्टेडियम अतिक्रमण क चपेट मे अछि। आसमाजिक तत्व क अड्डा बनल आरा क वीर कुंवर सिंह स्टेडियम मे महिला खिलाड़ी जेनाई तक छोडि़ देलथि अछि। बक्सर क किला मैदान कए स्टेडियम मे परिवर्तित करबाक मुख्यमंत्री शहरी विकास योजना स 27 लाख क राशि आवंटित भेल, जखकि नवनिर्मित जहानाबाद इंडोर स्टेडियम मे खेल नहि शुरू भ सकल अछि। गोपालगंज, नवादा, सिवान समेत अन्य जगह क खेल मैदान क दुर्दशा कननिहार कियो नहि अछि।
मजेदार गप अहि या अज्ञानता मुदा दरभंगा क पोलो मैदान मे बनल क्रिकेट स्टेडियम क पवैलियन गलत स्थान पर बना देल गेल अछि जाहि स ओ तकनीकी रूप स स्टेडियमक दर्जा नहि पाबि सकल अछि। एतबे नहि दरभंगा राज मैदान मे पिछला बीस साल स बनि रहल स्टेडियम आइ धरि शिलान्यास स आगू नहि बढि़ सकल अछि।
32 करोड़ 55 लाख क लागत स पटनाक कंकड़बाग मे बनि रहल अंतरराष्ट्रीय कंकड़बाग स्पोर्ट्स काम्पलेक्स क शिलान्यास 1989 मे भेल छल। मुदा एहि मे काज कम आ शिलान्यास बेसी भेल। एखन धरि चारि बेर शिलान्यास भ चुकल एहि स्पोर्ट्स काम्पलेक्स क पहिने जिम्मेवारी पटना कमिश्नरी कए सौंपल गेल छल, मुदा ओकर ढुलमुल रवैया स काज शुरू नहि भ सकल त निर्माण विभाग एकर ढांचा तैयार करि लेलक अछि, मुदा काज एखनो बहुत बाकी अछि। राजनीति मे खेल आ खेल मे राजनीतिक कारण बिहार मे एखनो पढ़ोगे लिखोगे बनोगे नबाव, खेलोगे कूदोगे बनोगे खराब क सिद्धांत पर आगू बढि़ रहल अछि।

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