बिहार मे इंजन कारखानाक कवायद तेज

फ्रांस आ जर्मनीक कंपनी मधेपुरा मे इलेक्ट्रिक रेल इंजन बनेबाक लेल इच्छुक त अमेरिकी कंपनी चाहैत अछि महोवरा मे बनाबी डीजल रेल इंजन।

समदिया
नई दिल्ली ।
रेलवे मंत्रालय बिहार मे महोवरा आ मधेपुरा मे डीजल आ इलेक्ट्रिक रेल इंजन निर्माण क लेल 29,000 करोड़ टका क परियोजना क प्रस्ताव मंजूरी क लेल कैबिनेट क लग मे पठा देलक अछि।
मंत्रालय क एकटा वरिष्ठ अधिकारी कहन्लथि, ‘रेलवे बोर्ड साझा उपक्रम क आधार पर मधेपुरा आ महोवरा मे रेल इंजन निर्माण इकाइ क स्थापना क लेल प्रस्ताव कए मंजूरी द देलक अछि। एहि परियोजना कए मंजूरी क लेल हाल मे कैबिनेट क लग मे पठाउल गेल अछि।Ó
जतय मधेपुरा क परियोजना मे सालाना 1200 एचपी क 120 आईजीबीटी-आधारित इलेक्ट्रिक रेल इंजन तैयार करबाक योजना अछि, ओतहि महोवरा इकाई मे प्रति वर्ष 130 डीजल इंजन बनाउल जाएत।
अधिकारी कहला, ‘रेलवे आठ साल क अवधि क दौरान एहि दूनू इकाइ स एक-एक हजार इंजन क खरीद करत। एहि इंजन क खरीद पर अनुमानित रूप स 27,000 करोड़ टका क निवेश कैल जाएत। निजी क्षेत्र क कंपनी क संग कैल गेल अनुबंध सेहो 25 साल क अवधि क लेल एहि इंजन क रखरखाव स संबद्ध होएत।
हालांकि महोवरा मे रेल इंजन संयंत्र कए 2006 मे आ मधेपुरा संयंत्र कए 2007 मे मंजूरी भेट गेल छल, मुदा संभावित बोली दाताओं द्वारा दिलचस्पी नहि दिखेबाक कारण एहि मे विकास कार्य कए अंजाम नहि देल जा सकल।
मंत्रालय क अधिकारी कहब अछि, ‘एहि परियोजना कए अंतरराष्ट्रीय बोली क लेल राखल गेल छल, मुदा पिछला साल आर्थिक मंदी कए देखैत हम सब एकरा विभागीय उत्पादन इकाई क रूप मे स्थापित करबाक फैसला लेलहूं अछि। बाद मे योजना आयोग आ रेलवे बोर्ड साझा उपक्रम क आधार पर एहि परियोजना कए अंजाम देबाक सुझाव देलक।Ó
अप्रैल, 2008 मे संयंत्र क स्थापना क लेल रेलवे एकटा निविदा आमंत्रित केने छल। पिछला साल फरवरी मे दूनू संयंत्र क लेल एक-एकटा बोली प्राप्त भेल छल, जे अनुरूप नहि छल। एहि लेल मंत्रालय एकरा विभागीय इकाइ क रूप मे स्थापित करबाक फैसला केेलक। तीनटा कंपनी मैसर्स आल्सटॉम, फ्रांस, मैसर्स बोम्बाडियर और मैसर्स सीमेंस, जर्मनी मधेपुरा मे इलेक्ट्रिक रेल इंजन निर्माण इकाई स्थापित करबा मे दिलचस्पी देखेलक अछि। ओतहि जीई इंडिया आ ईएमडी, यूएसए कए पिछला साल महोवरा मे डीजल रेल इंजन निर्माण इकाई क लेल सूची मे शामिल कैल गेल छल।

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